UP news : ऑनलाइन एजुकेशन से बीमार हो रहा यंगिस्तान

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लखनऊ : पूरे डेढ से वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण राजधानी के सभी स्कूल एवं कॉलेज बंद है। घर में कैद हो चुके बच्चे ऑनलाइन क्लासेज के अलावा सारा समय काटने के लिए गैजेट्स का इस्तेमाल हद से ज्यादा कर रहे हैं। जिसका दुष्प्रभाव उनके रेटीना पर पड़ रहा है। अब कम उम्र के बच्चों को आंखों की समस्या की शिकायत हो बढ़ रही है। ऐसे मे पेरेंट्स को एहतियात बरतने की काफी जरूरत है।

फोटोफोबिया का शिकार हो बच्चे
दरअसल, रानी लक्ष्मीबाई हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ कृष्ण प्रताप सिंह के मुताबिक, ऑनलाइन क्लासेज ने बच्चों का स्क्रीन और समय बढ़ा दिया है। खासतौर घरों में कैद हो चुके बच्चे दिनभर मोबाइल और लैपटॉप पर समय बिता रहे हैं। हालांकि बढ़ते दबाब से उसका सीधा असर रेटिना पर पड़ रहा है। इससे वह फोटो फोबिया की जद में बढ़ने लगे है। इस बीमारी के कारण आंखों में खुजली, धुंधलापन, जलन व लाली आदि की समस्या होने लगी है। आमतौर पर दिनभर बुजुर्गों मरीजों की संख्या में बच्चों की संख्या भी बढ़ गई है।

कम उम्र में दूर हो रही रौशन

उन्होने बताया की आंख शरीर का सबसे नाजुक अंग हैं। लेकिन लगातार मोबाइल व लैपटाॅप की स्क्रीन पर आंख गढ़ कर देखने से दूर की नजर कमजोर होने लगती है। अब तो कम उम्र के बच्चों को हाई पावर के चश्मे की जरूर पड़ने लगी है। अगर इस समस्या को जल्द आंखों के डाक्टर के पास नहीं दिखाया गया, तो बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास भी थम जाता है।

इस तरह से करें उपाय
होम्योपैथिक डाक्टर रत्नाकर त्रिपाठी के मुताबिक, कम उम्र में बच्चों की नजर कमजोर होना काफी हानिकारक है। जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। हालांकि आंखों को आराम देने व इससे बचने के लिए  हर आधे घंटे के बाद आंखों को 5 मिनट तक बंद रखें। स्क्रीन की ब्राइटनेस व कंट्रास्ट कम रखें। लगातार काम करने के बाद इधर-उधर चलकर दूर देखने की कोशिश करें। वहीं अंधरे में बैठकर काम करने से बचें। जहां पर्याप्त रौशनी में अपने काम को जल्द पूरा करने की कोशिश भी करें।

बच्चों से दूर करें गैजेट्स
मोबाइल व लैपटॉप की स्क्रीन टीवी से काम तेज होती है। ऐसे में 15 साल तक के बच्चों को मोबाइल व लैपटॉप से भी दूर रहना चाहिए। ऐसा न करने पर उनकी आंखों में थकान के अलावा स्थापन, एलर्जी, जलन जैसी तमाम समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं। हालांकि आंखों में थकान के चलते कम उम्र में यादाश्त भी प्रभावित होने लगती है।