UP News: ज़रा संभलकर ! खतरनाक हैं ये ड्राइवर, कहीं मार ने दे टक्कर

Spread the love

 हजारों अनट्रेंड ड्राइवर राजधानी की सड़कों पर दौड़ा रहे वाहन*

 लखनऊ। यदि आप पैदल रोड क्रॉस कर रहे हैं या फिर गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं। तो आपको हर वक्त सचेत रहने की जरूरत है। दरअसल, लखनऊ आरटीओ विभाग के आंकड़े इस तरफ साफ इशारा कर रहे हैं।

राजधानी की सड़कों पर फर्राटा भरने वाले तमाम ड्राइवर अनट्रेंड हैं घूम हैं । जो अपने साथ ही नहीं बल्कि दूसरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ।

दरअसल, सामान्य दिनों में लखनऊ आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर रोजाना 300 से ज्यादा आवेदकों का ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है। इनमें लार्निंग और परमानेंट लाइसेंस के आवेदक होते हैं ।

इनमें रोजाना ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर 25 से 30 फीसदी आवदेक फेल हो जाते हैं । टेस्ट में फेल होने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहता है। इसके बाद विभाग, दूसरा मौका देते हुए आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट की दूसरी तारीख पर बुलाता है, लेकिन इनमें 15 फीसदी लोग फिर से फेल हो जाते हैं।

जो पूरी तरह से अनट्रेंड होते हैं। उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता। इसके बावजूद ये लोग अपनी गाड़ियों को दौड़ाकर लोगों की जान खतरे में डाल रहें हैं। न तो इन्हें अपनी सुरक्षा का ख्याल है और न ही दूसरों की जान की फ्रिक है।

*एजेंट करते हैं टेस्ट में पास*

सामान्य दिनों में राजधानी में बड़ी तादाद में छोटे-बड़े वाहन दिन भर दौड़ते हैं। आरटीओ विभाग के मुताबिक, इनमें पांच लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं हैं। जो टेस्ट में फेल हो जाते हैं। वह एजेंट के संपर्क करते हैं । यही वजह कि यह लोग आरटीओ में एजेंट की कमाई का जरिया बने हैं ।

एजेंट बाइक का टेस्ट पास कराने के लिए 1 हजार से 1500 तक रिश्वत लेता है। जबकि कार का टेस्ट पास करने के लिए उसे पांच हजार रुपए तक देने पड़ते हैं । वहीं कॉमर्शियल गाडी का टेस्ट पास कराने के लिए एजेंट मुंह मांगे दाम वसूलते हैं।

 *33 फीसदी आवेदकों को रहे शामिल*

यूपी में साल भर पहले कोविड-19 के कारण परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने एक नई योजाना बनाई है । इसमें आटीओं दफ्तर में उमड़ने वाली भीड़ को कम करने लिए 33 फीसदी आवेदकों को अपॉइंटमेंट  ही दिए जा रहा है।

अमूमन, आरटीओ दफ्तर में दिनभर 600 से 700 आवेदकों को अपांइटमेंट दिया जाता था। अफसरों की मानें तो आज भी कोरोना संक्रमण के चलते तमाम आवेदकों का फॉर्म पेडिंग में हैं । अब नए आवेदकों को स्लॉट देना और उनको पूरा करने में लम्बा समय लग रहा है।