यूपी के जिला उन्नाव बिजली विभाग में मीटर रीडिंग के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार

उत्तर प्रदेश उन्नाव : ये तो आप सभी जानते हैं कि आपके घरों में हर माह मीटर रीडिंग करने के लिए लड़के आते है और रीडिंग लेकर आपका बिल बनाते है लेकिन क्या आप जानते है इन मीटर रीडरों के माध्यम से बड़ी कम्पनिया और बिजली विभाग वाले कैसे आपकी जेब पर डाका डालते हैं?

इस भ्रष्टाचार को समझने के लिए पहले आपको उन नौजवान लड़कों कि मजबूरी को समझना होगा जो मीटर रीडिंग का काम करते हैं असल में मीटर रीडिंग का काम बिजली विभाग ठेके पर करवाता है जो ठेके बड़ी बड़ी कंपनियों को दिए जातें है इसके बाद कंपनी में बैठे आलाकमान हर जिले में सर्किल इंचार्जों की नियुक्ति कर उन्हें वसूली का लाइसेंस दे देते है ।

बीच-बीच में वसूले जाते हैं पैसे

अब ये सर्किल इंचार्ज अपने सर्किंल में बेरोजगार लड़कों की तलाश कर सबसे पहले उन्हें अपना शिकार बनाते है, लड़कों को नौकरी देने के नाम पर पहले उनसे 20000/- की वसूली की जाती है और फिर  इनसे 5000/- नौकरी पर बने रहने के नाम पर बीच-बीच में वसूल किये जाते हैं| अब बेरोजगार लड़के जिन्हे महीने में मिलने ही 5-6 हजार हों वो भला इतनी रकम कहाँ से दें फिर वो भी फील्ड में जाकर वसूली शुरू करते है।

जैसे किसी की रीडिंग बढाकर बिल कम करवाने के नाम पर वसूली या किसी के बढे हुए बिल को कम कर बिजली विभाग के राजस्व को चूना लगाना, और ये तो बदस्तूर यूपी सरकार में सालों से हो रहा है।

भ्रष्टाचार का खुलासा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली विभाग ने fluentgrid नमक कंपनी को मीटर रीडिंग का ठेका दे रखा है और इसके उन्नाव सर्किल इंचार्ज है पुष्पेंद्र सिंह, जानकारी के मुताबिक जनवरी में कंपनी का रिनिवल होना है।

नौकरी से निकालने की धमकी

जिसके लिए एक बार फिर मौजूदा सर्किल इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह ने समस्त मीटर लीडरों को कॉल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 5000 की डिमांड की है जिसकी आडियो रिकार्डिंग भी वायरल है जिसमे पुष्पेंद्र साफ़ साफ़ रिनिवल के नाम पर पैसे मांगते सुनाई दे रहे है , इतना ही नहीं जो लड़का पैसा नहीं दे रहा है उसको नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे हैंं।

News24on से अमित यादव (उन्नाव)

 

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