लखनऊ तालकटोरा थाना क्षेत्र में 15 दिसंबर को चली ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में साजिशकर्ता समेत दो शूटर गिरफ्तार

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लखनऊ। तालकटोरा पुलिस ने प्रापर्टी डीलर रंजीत यादव पर हुई फायरिंग के मामले में साजिशकर्ता  प्रापर्टी डीलर पंकज सिंह और फायर झोंकने वाले दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पंकज सिंह रंजिशन शूटरों से हत्या कराना चाहता था। शूटरों ने रंजीत पर दो फायर झोंके तो उनका निशाना चूक गया। तीसरा फायर करने जा रहे थे तभी एक बच्चा सामने आ गया गया। जिसके कारण रंजीत बच गया था।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल व एक अवैध देशी पिस्टल व दो जिन्दा कारतूस बरामद हुए हैं।

एसीपी बाजारखाला अनूप कुमार सिंह के मुताबिक रंजीत के दोस्त सुधीर से बीते फरवरी माह में पंकज सिंह से झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान सुधीर ने पंकज पर हमला बोल दिया था। हमले में पंकज का सिर फट गया था। पंकज सिंह ने थाना स्थानीय पर कोई केस दर्ज नहीं कराया गया था।

इसके अलावा रंजीत और पंकज के बीच प्रापर्टी को लेकर भी विवाद चल रहा था। पंकज को आशंका थी कि रंजीत ने उस पर अपने दोस्त से हमला कराया था। इस कारण उसने रंजीत की हत्या की साजिश रच डाली।

कचहरी में शूटरों से पंकज कि हुई मुलाकात

पंकज सिंह बदला लेने की भावना से शूटर की तलाश में था। इसी दौरान कचहरी में इनकी मुलाकात अभिषेक सिंह उर्फ प्रदीप निवासी मोतीझील बाजारखाला व अमन सिंह थापा उर्फ भीम सिंह निवासी  वृन्दावन योजना थाना पीजीआई से हुई। 15 दिसंबर को शूटर अभिषेक और अमन सिंह थापा पहुंचे थे। दोनों ने रंजीत और उसके दोस्त सत्यम को राजाजीपुरम एमआईएस चौराहे के पास जूस की दुकान पर खड़ा देखा।

अभिषेक ने रंजीत पर दो फायर झोंके तो निशाना चूक गया। उसके बाद फिर फायर करने के लिए तमंचा ताना तो सामने एक बच्चा आ गया। इतने में रंजीत अलर्ट हो गया और उसने सत्यम की पिस्टल से जवाबी फायरिंग कर दी। इस बीच अभिषेक और अमन मौका पाते ही भाग निकलें। केस दर्ज कर पुलिस तफ्तीश में जुटी थी।

डी ब्लाक राजाजीपुरम के पास तीनों आरोपियों को दबोचा

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमा दर्ज कराने की जानकारी होने पर पंकज सिंह सहित तीनों पुन: घटना को अंजाम देने के लिए गढी कन्नौरा होते हुए राजाजीपुरम क्षेत्र में आ रहे है। इस पर पुलिस घेराबंदी करते हुए टूटी दीवार डी ब्लाक राजाजीपुरम के पास तीनों आरोपियों को दबोच लिया ।

आरोपियों ने बताया कि वारदात के बाद मोटर साइकिल मोड़कर आलमबाग होते हुए जनपद हरदोई भागकर अपना मोबाइल स्विच ऑफ  कर लिया था। पुलिस वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली है। उसमें स्कूटी का नंबर पड़ा था।

शटरों को 20 हजार रुपये दी थी पेशगी

इंस्पेक्टर तालकटोरा धनंजय सिंह के मुताबिक पंकज ने शूटर अभिषेक और अमन थापा से रंजीत की हत्या का का सौदा एक लाख रुपये में तय किया था। 20 हजार रुपये उसकी पेशगी भी दे दी थी। अभिषेक ने जून 2018 में आलमबाग में व्यवसायी करन गुप्ता की भी हत्या की थी। उसमें जेल में भी गया था।

पंकज ने दोनों शूटरों से रंजीत की रेकी कराई थी। घटना के दिन दोनों रंजीत के घर के पास से ही उसका पीछा कर रहे थे। एमआईएस चौराहे पर मौका मिलते ही फायर झोंक दिया था। पंकज पार्षदी का चुनाव भी लड़ चुका है।

न्यूज़24on ( हसन राना )

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