10 दिन में दो इनामिया बदमाश एनकाउंटर में ढेर, मची खलबली

मुन्ना बजरंगी गैंग का इनामिया शूटर मुठभेड़ में ढेर
-एसटीएफ के जवाबी फायरिंग में मारा गया बदमाश
-बदमाश का एक साथी भागने में रहा कामयाब

लखनऊ। 10 दिनों में एक – एक लाख के दो इनामिया बदमाशों के एनकाउंटर में मारे जाने से गैंग में दहशत का माहौल है | मुन्ना बजरंगी गैंग का शार्प शूटर व एक लाख का पुरस्कार घोषित कुख्यात अपराधी दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू को एसटीएफ ने सोमवार को दिनदहाड़े मुठभेड़ में ढेर कर दिया।

जबकि उसका साथी मौके से भाग निकला। बदमाश के पास से दो असलहा,भारी मात्रा में कारतूस व एक बाइक बरामद हुई है। बदमाश पर एक लाख का इनाम घोषित था।

एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली कि दो अपराधी बिना नंबर की सफेद अपाचे मोटरसाइकिल से थाना चौबेपुर क्षेत्रान्तर्गत संदहा से शंकरपुर की तरफ जाने वाले हैं। उक्त सूचना पर निरीक्षक अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में एसटीएफ वाराणसी की टीम बरियासनपुर निमार्णाधीन अण्डर पास के पास पहुंचकर घेराबन्दी कर रखी थी।

दोपहर करीब 13.45 बजे संदहा चौराहे की तरफ से एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति तेजी से आते हुए दिखायी दिये, जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो मोटरसाइकिल को अण्डरपास से अपोजिट सर्विस लेन निमार्णाधीन
हाइवे की तरफ मोड़कर तेजी से वापस भागने लगे। लगभग 400 मीटर पीछा करने पर बारिश होने के कारण मोटरसाइकिल लडख़ड़ा कर गिर गयी। मोटरसाइकिल चलाने वाला बदमाश नाला, झाड़, झाड़ी का फायदा उठाकर भाग गया तथा दूसरा बदमाश पुलिस टीम पर अन्धाधुन्ध फायर करने लगा।

 एनकाउंटर

एसटीएफ टीम द्वारा अपने वाहन से उतर कर तीन तरफ से घेरने का प्रयास करते हुये उन्हें आत्मसर्पण के लिये कहा गया, परन्तु बदमाश जान मारने की नियत से एसटीएफ टीम पर फायर करता रहा। टीम द्वारा की गई आत्मरक्षार्थ फायरिंग में बदमाश घायल होकर गिर पड़ा।

घायल बदमाश को तत्काल जिला चिकित्सालय वाराणसी भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृत बदमाश की शिनाख्त दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू उर्फ छोटू निवासी बस्ती रामापुरा थाना लक्सा जनपद वाराणसी के रूप में हुई है।

बदमाश के पास से फैक्ट्रीमेड 09 एमएम पिस्टल, कन्ट्रीमेड 0.38 बोर रिवाल्वर, भारी मात्रा में जिन्दा व खोखा कारतूस व बिना नंबर की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद हुई है।

पार्षद की हत्या समेत अन्य मामलों में दर्ज थे 23 मुकदमे

साल 2015 में जनपद वाराणसी के थाना लक्सा क्षेत्रान्तर्गत औरंगाबाद क्षेत्र के रहने वाले गोलू यादव की दीपक ने अपने साथियों के साथ हत्या कर दी थी। इसी साल थाना भेलूपुर क्षेत्रान्तर्गत सभासद शिव सेठ की दीपक ने अपने साथियों के साथ हत्याकर व्यापरियों में दहशत पैदा कर दिया था।

इसके बाद से उसका इलाके में वर्चस्व हो गया था। लोग उसके खिलाफ शिकायत तक करने से डरते थे। बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से दीपक अपना गिरोह बनाकर अपराधिक वारदातों को अंजाम देता था। दीपक वर्मा हथियार चलाने में काफी माहिर भी था।

उस पर वाराणसी में कई थानों पर कुल 23 मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2015 से वह फरार चल रहा था और पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी। लूट के कई मामले उस पर दर्ज थे। आपराधिक इतिहास को देखते हुए एडीजी जोन की ओर से उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

3 सितम्बर को तीन राज्यों से वांछित बदमाश हुआ था ढेर

वाराणसी जोन में लम्बे समय से पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बने एक लाख के इनामी बदमाश हरीश पासवान को 3 सितम्बर को एसटीएफ  की टीम ने ढेर कर दिया। एसएटीएफ  के डिप्टी एसपी डीके साही के मुताबिक सूचना मिली कि हरीश पासवान अपने साथी के साथ बाइक से रसड़ा से गाजीपुर की तरफ  जाने वाला है।

3 सितम्बर की सुबह करीब 11:30 बजे उक्त सूचना पर एसटीएफ टीम ने बाइक सवार हरीश पासवान को घेर लिया। बाइक पर पीछे बैठे हरीश ने भागने के प्रयास में फायरिंग की। फायरिंग के दौरान बाइक अनियंत्रित होकर गिर पड़ी। इस बीच बाइक चालक भाग निकला। जवाबी फायरिंग में पासवान मारा गया। मूल रूप से बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र के बाबूबेल निवासी हरीश पासवान लम्बे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था।

बदमाश के पास से एक रिवाल्वर .32 बोर, एक पिस्टल .32 बोर, 11 खोखा कारतूस व तीन जिन्दा कारतूस मिले थे । शहाबुद्दीन व खान मुबारक के इशारे पर कई वारदातों को दिया था |

एक दिन पहले ही घोषित हुआ था इनाम

अपराधी हरीश पासवान के खिलाफ  गुरुवार रात में ही एक लाख रुपए का इनाम घोषित हुआ था। पहले उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था जिसे बढ़ाकर वाराणसी के एडीजी ने एक लाख रुपए कर दिया था। बलिया के रसड़ा में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ा था।

जिला पंचायत के चुनाव के दौरान भी उसने दिनदहाड़े फायरिंग कर एक हत्या की थी। हरीश पासवान के खिलाफ  जनपद बलिया के अलावा झारखण्ड व छत्तीसगढ़ में कुल मिलाकर लगभग 33 मुकदमें दर्ज हैं, इसमें हत्या के आधा दर्जन मुकदमे हैं। हरीश के खिलाफ  वर्ष-2004 में लूट का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था।