आतंकी संगठन PFI के गिरफ्तार दोनों सदस्यों पर देशद्रोह का मुकदमा, सात दिनों की मिली कस्टडी रिमांड

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मंगलवार को एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को लखनऊ से पकड़ा  

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को पकड़े गए पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) के कमांडर केरल निवासी अन्सद बदरुद्दीन और फिरोज खान के विरुद्ध आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले दोनों के विरुद्ध थाना एसटीएफ  लखनऊ में भी एफआईआर दर्ज की गई है।
एटीएस ने बुधवार को दोनों आरोपितों को लखनऊ स्थित एनआइए कोर्ट में पेश किया और एक सप्ताह की कस्टडी रिमांड की मांग की, जिस पर कोर्ट ने दोनों की सात दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है।

पुलिस कस्टडी रिमांड की अवधि 18 फरवरी की सुबह से शुरू होगी। गौरतलब हो कि वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध की आड़ में हिंसा की आग फैला चुके संगठन पीएफआइ ने उत्तर प्रदेश को दहलाने की साजिश रची थी। वसंत पंचमी के आसपास लखनऊ में होने वाले हिंदू संगठनों के कार्यक्रमों व महत्वपूर्ण स्थलों पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए पीएफआइ के दो आतंकी केरल से लखनऊ पहुंच भी गए थे, लेकिन वह अपने खौफनाक मंसूबों को देते कि उससे पहले स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से विस्फोटक व हथियार बरामद हुए हैं।

पीएफआई के रडार पर थे कई बड़े नेता

पीएफआइ के गिरफ्तार इस सदस्यों के निशाने पर कई बड़े नेता भी थे। उनका मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदूवादी संगठनों के नेताओं की सीरियल किलिंग भी था। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार के अनुसार पीएफआइ के कमांडर केरल निवासी अन्सद बदरुद्दीन व केरल के ही निवासी फिरोज खान को मंगलवार शाम को कुकरैल तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है। दोनों से पूछताछ में सामने आया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में एक-साथ आतंकी हमले की साजिश थी। दोनों आरोपित सूबे में वसंत पंचमी के मौके पर धमाकों की योजना में शामिल थे। फिरोज युवकों का बै्रनवाश कर हथियार चलाने व बम बनाने की ट्रेनिंग देता था।

विदेशी फंडिंग समेत कई बिन्दुओं पर जांच

आशंका है कि इस पूरी योजना को अंजाम देने के लिए विदेश से फंडिंग भी की गई है। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी ऐसे कई बिंदुओं पर पड़ताल किए जाने की बात कह रहे हैं। इनके पास से हिंदूवादी संगठनों के प्रमुख व बड़े नेताओं की सूची भी मिली है। कई दस्तोवज मलयालम भाषा में हैं। दोनों लखनऊ आने के बाद कुछ युवकों को विस्फोटक बांट भी चुके थे। गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में आने वाले युवकों की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

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