Love Trap : प्रेमजाल में फंसाकर ठगी करने वाले तीन नाईजीरियन गिरफ्तार

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लखनऊ। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विदेशी नागरिकों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक और युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर ठगी करने वाले नाईजीरियन गिरोह का पर्दाफाश करते हुए यूपी एसटीएफ व रायबरेली पुलिस की संयुक्त टीम ने सरगना सहित तीन नाईजीरियन जालसाजों को दिल्ली से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

विदेशी नागरिकों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर करते थे शिकार

एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश के मुताबिक सोशल मीडिया पर यूएसए व यूएई के नागरिकों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक-युवतियों को प्रेमजाल में फंसा कर ठगी करने वाले तीन नाईजीरियन को गुरुनानक बिहार निकट चन्दर बिहार निलोठी एक्सटेन्शन दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।

आरोपियों ने अपना नाम व पता ओकाउ क्रिसटियन, लाबेये की जुस्टिन और ननालू हिचेनथ चुकवुननान्सो निवासीगण नाइजिरिया बताया है।

पकड़े गए आरोपियों के पास से पांच लैपटॉप,एक पासपोर्ट, 12 मोबाइल, तीन इन्टरनेट मॉडम,आर्टीफिसियल जेवरात समेत कई इलेक्ट्रानिक उपकरण मिले हैं। आरोपियों ने अब तक सैकड़ों लोंगों से लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी करने की बात कबूल की है।

आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई रायबरेली पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस अधीक्षक रायबरेली ने मुकदमे का खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

विदेशी गिफ्ट के चाह में शिक्षिका ने गवाएं लाखों रुपये

जनपद रायबरेली थाना मिल एरिया पर एक महिला अध्यापिका ने 8 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज कराया था।

पीडि़ता का कहना था कि कुछ महीने पहले इन्सटग्राम पर डॉ. हैरी एनरिक, इंग्लैण्ड के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती कर उसे प्रेमजाल में फंसाया गया। फिर करोड़ों रुपये का पाउण्ड व महंगी ज्वेलरी, आईपैड, आईफोन आदि गिफ्ट भेजने की बात जालसाज ने कही।

22 सितंबर को एक महिला ने व्हाट््सएप के माध्यम से वीडियों कॉल कर खुद को दिल्ली एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बता कर एक पैकेट दिखाया, जिसमें पाउण्ड, आईफोन, आईपैड, घड़ी, ज्वेलरी आदि होने का दावा किया गया।

जिसे प्राप्त करने के लिए कस्टम चार्ज के रूप में महिला ने 25900 रुपये गूगल-पे के माध्यम से भेज दिया।

इसके बाद फर्जी कस्टम अधिकारी ने फोन कर बताया कि आपके पैकेट में 40 लाख कीमत के लगभग 40 हजार पाउण्ड हैं। जिसके लिये फाइनेन्स डायरेक्टर का सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा, जिसके लिये 1.5 लाख रूपया जमा करने हैं।

इसी तरह इनकम टैक्स समेत कई मदों में अध्यापिका से 4.25 लाख रुपया जमा कराया गया। इतना ही नहीं पैकेट में करोड़ों रुपये के पाउण्ड होने और मनी लॉण्डरिंग का केस होने का भय दिखाकर 15 लाख रुपये जमा कराया गया लेकिन सामान नहीं मिला।

लाखों रुपये गवाने के बाद जब पैकेट रिसीव नहीं हुआ तो अध्यापिका खुद ही दिल्ली एयरपोर्ट कस्टम ऑफिस गयी तो वहां उसे ठगी का एहसास हुआ।

दिल्ली में आफिस खोलकर लगा रहे थे चूना

गिरफ्तार तीनों व्यक्तियों ने आंग्ल भाषा में बताया कि वे तीनों नाइजिरिया के रहने वाले हैं।
दिल्ली के जतिन्द्र सिंह निवासी नई दिल्ली के स्थित मकान फ्लैट नंबर बी-37 तृतीय तल गुरुनानक बिहार निकट चन्दर बिहार में किराये पर रहकर अपना फर्जी आफिस चलाते है।

दो वर्ष पूर्व हम लोग पासपोर्ट व वीजा से भारत में आये थे। हम लोग आनलाईन झूठे फोटो लगा कर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाटसएप जैसी सोशल साइटों के माध्यम से स्मार्ट युवक व युवतियों के फोटो लगा कर लोगों से चैटिंग व प्रेम वार्ता करते हैं। खुद को अमेरिका, इग्लैण्ड जैसे विकसित देशों के नागरिक बताकर अपने जाल में फंसाते थे।

उन्हें शादी करने आनन्द के लिए शारीरिक सम्बन्ध बनाने और तरह-तरह के महंगे उपहार भेजने के नाम पर टैक्स, कस्टम चार्ज, मनीट्रान्सफर चार्ज के नाम पर भिन्न-भिन्न बैंक खातों में रुपये मंगवा लेते हैं।

धोखाधड़ी व कूटरचना करके जो भी रुपये मिलते थे। उनसे बरामद आर्टीफिसियल ज्वैलरी व महंगा गिफ्ट दिखाने के लिए खरीदते थे। बाकी के रुपयों को आपस में बांट लिया जाता था।