हर-हर बम-बम के जयकारों से गूंजे शिवालय,जगह-जगह लगे भंडारे

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लखनऊ । हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच मंगलवार को महाशिवरात्रि पर शिव मन्दिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मन्दिरों के पट खुलते ही लम्बी कतारों में लगे श्रद्धालु बम-बम भोले के जयकारे लगाने लगे।

जल, दूध, गंगाजल, बेलपत्र, शमी, गन्ना, पुष्प, बेर, धतूरा और भांग आदि से श्मशानी बाबा का जलाभिषेक कर मनवांछित फल की कामना की गई। महिला व पुरुष श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने लाइनों की व्यवस्था की गई। मंदिरों के आसपास लगे भंडारों में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए भक्तों में दिखा गजब का उत्साह

मनकामेश्वर मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। भोर से यहां दर्शन का क्रम शुरू हुआ जो दिनभर चलता रहा। मंदिर से लेकर डालीगंज पुल तक महिलाओं व पुरुषों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

भक्तों ने हाथों में गंगाजल, दूध, फल-फूल व पूजन सामग्री लिए बम भोले के जयकारों के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। मंदिर की महंत देव्या गिरी ने बताया कि मंदिर में चढऩे वाले दूध से मखाने की खीर व सेवादारों के लिए चाय का वितरण किया गया। भोर में 11 पवित्र एवं दिव्य जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया।

जल, दूध, गंगाजल, बेलपत्र व धतूरे से पूजे गए शिवजी

बुद्धेश्वर महादेव मन्दिर में तड़के महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर से लेकर भपटामऊ व बुद्धेश्वर चौराहे तक कतारें लगीं रहीं। सदर बाजार स्थित द्वादश ज्योर्तिलिंग धाम में भोलेनाथ का दूल्हे के रुप में शृंगार किया गया। भोलेनाथ को पगड़ी पहनाई गई।

महिलाओं ने शिव विवाह के गीत सुनाए। 16 परिवारों द्वारा महारुद्राभिषेक का आयोजन हुआ। उसके बाद शाम को शिव विवाह के भजन संध्या व नृत्य नाटिका का मंचन हुआ। 56 परम सौभाग्यशाली परिवारों की ओर से 56 भोग, शृंगार व महाआरती हुई।

जगह-जगह लगे भंडारे

राजेन्द्रनगर के महाकाल मंदिर में भोर में बाबा की भस्म आरती को देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। इस मौके पर मन्दिर को बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। सोमवार रात से शुरू हुए रुद्राभिषेक भोर चार बजे समाप्त हुये। शाम को भक्तों को बाबा की ठंठाई का प्रसाद वितरण किया गया।

छोटी काशी कहे जाने वाला चौक इलाके में स्थित कोनेश्वर महादेव मन्दिर आस्था व विश्वास का प्रतीक है। शिवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। शिरात्रि पर कई कुंतल फूलों से भोलेनाथ का श्रंृगार हुआ। शाम को भजन संध्या के बाद 108 किलो दूध की ठंडाई प्रसाद के रूप में भक्तों को बांटी गई।

महाशिवरात्रि का उल्लास निराला नगर के प्रसिद्ध नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में देखते ही बना। सुबह से देर रात तक भक्तों ने मंदिर में जलाभिषेक किये। मंदिर में उज्जैन के महाकाल मंदिर की तरह भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया। मानव कल्याण के लिए विशेष रूप से अंगूर और बादाम आदि से श्रंृगार हुआ। नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख अभिषेक अग्रवाल ने आचार्य राम कृष्ण के सानिध्य में पूजन किया।

 

आचार्य रामकृष्ण ने बताया कि नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा से सुख समृद्धि आती है और परेशानियां दूर होती हैं। उनके अनुसार अन्य पत्थरों की अपेक्षा नर्मदेश्वर शिवलिंग में कहीं अधिक ऊर्जा समाहित होती है। नर्मदेश्वर महादेव के शिवलिंग में सृजन और नाश दोनों की शक्ति होती है। मान्यता के अनुसार नर्मदा भगवान शिव की पुत्री हैं। इसलिए नर्मदा के शिवलिंग पूजन का विशेष फल मिलता है। इससे समृद्धि और ज्ञान दोनों की प्राप्ति होती हैं वहीं रोगों का शमन भी हो जाता है।