Lucknow: ठेकेदार की हत्या की गुत्थी उलझी, पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत हत्याकांड से जुड़े तार, गैंगवार की आशंका

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कृष्णानगर कोतवाली के पास ठेकेदार की गोली मारकर हत्या का मामला

लखनऊ। कृष्णानगर कोतवाली के पास रविवार शाम को हुई ठेकेदार महेन्द्र जायसवाल(50) की हत्या के मामले में सीसीटीवी फुटेज और बदमाशों के फोन लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीमे संदिग्धों की धरपकड़ में लगी हैं।

आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ

पुलिस अब तक आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। जिनसे कई अहम सुराग मिलने का पुलिस ने दावा किया है।

वहीं विभूतिखंड में हुई पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड के तार को भी ठेकेदार की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। जिस तरह पूर्व ब्लाक प्रमुख व हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह को गोलियों से भूनकर लखनऊ के विभूतिखंड में हत्या की गई थी।

उसी अंदाज में बाइक सवार हमलावरों ने ठेकेदार को भी मौत के घाट उतारा है। फिलहाल पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।

अजीत हत्याकांड से जुड़े तार

कृष्णा नगर एसीपी पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक थाना क्षेत्र स्थित विजय नगर में ट्रांसपोर्टर अनिल कुमार शुक्ला की बिल्डिंग निर्माण का ठेका लेने वाले सआदतगंज निवासी ठेकेदार महेन्द्र जायसवाल पुत्र रामजी जैसवाल की रविवार शाम करीब 5:30 बजे बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस कई पहलुओं पर काम कर रही है।

अब तक तफ्तीश में सामने आया है कि भाड़े के शूटरों ने वारदात को अंजाम दिया है। हमलावरों की धरपकड़ के लिए थाने की चार टीमों के अलावा क्राइम ब्रांच व सर्विलांस टीम को लगाया गया है।

वहीं पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के दौरान कई तथ्य सामने आए हैं। मृतक महेन्द्र जायसवाल की दो पत्नियां हैं। मृतक के सम्बन्धों को लेकर भी छानबीन की जा रही है।

वहीं मृतक महेन्द्र के पार्टनर सरदारी खेड़ा आलमबाग निवासी असलम समेत करीब एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही हमलावर पुलिस गिरफ्त में होंगे।

उधर मृतक महेन्द्र के माफिया मुख्तार अंसारी से सम्बन्ध को भी लेकर पड़ताल की जा रही है।

जनपद गाजीपुर में 16 व लखनऊ में दर्ज है तीन मुकदमे

कृष्णा नगर कोतवाली प्रभारी आलोक राय ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महेन्द्र को 32 बोर के पिस्टल से दो गोली सिर व एक गर्दन के पास लगी होने की पुष्टि हुई है।

मृतक के बड़े बेटे विक्की जायसवाल की तहरीर पर अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे लगभग 50 से भी अधिक सीसीटीवी फुटेज को खंगाल कर बदमाशों की पहचान में जुटी है।

मृतक ठेकेदार महेन्द्र प्रताप जायसवाल के खिलाफ जनपद गाजीपुर में 16 और लखनऊ के सआदतगंज व ठाकुरगंज थाने में तीन मुकदमे मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज है।

 गैंगवार समेत अन्य बिन्दुओं पर तफ्तीश

पुलिस सूत्रों की माने तो महेन्द्र जायसवाल की हत्या में उसके करीबियों का भी हाथ हो सकता है।

महेन्द्र के कई महिलाओं से संबध होने की चर्चा है। कृष्णानगर इंस्पेक्टर ने बताया कि महेन्द्र की दो पत्नियां हैं।

दोनों लखनऊ में ही रहती है। दोनों पत्नियां को एक दूसरे के बारे में जानकारी है।
वहीं बताया जा रहा है कि महेन्द्र प्रताप जायसवाल मूल रूप से जिला गाजीपुर निवासी होने की वजह से उसका संबंध जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी से था।

एक मुठभेड़ में महेन्द्र मुख्तार की पंचर जीप लेकर भाग निकला था। हालांकि पुलिस ने अभी पुष्टिï नहीं की है कि उसका संबंध मुख्तार से था कि नहीं।

वहीं बीते 6 जनवरी को विभूतिखंड में मुख्तार के करीबी कहे जाने वाले मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम सामने आया था।

धनंजय की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम भी घोषित है लेकिन अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पायी है।

सूत्रों की माने तो मुख्तार के गैंग को एक-एक कर खत्म किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मृतक महेन्द्र के संबधों के अलावा प्रापर्टी विवाद समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच-पड़ताल कर हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।