तहसीलदार ने की थी पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला सिपाही की हत्या, तीन गिरफ्तार

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लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला आरक्षी रुचि चौधरी की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पूर्व परिचित तहसीलदार ने अपने साथी के साथ मिलकर की थी।

पीजीआई पुलिस ने आरोपित तहसीलदार को उसकी पत्नी और साथी के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने 12 फरवरी की रात में नशीला पदार्थ खिलाने के बाद महिला सिपाही की गला घोंटकर हत्या कर शव नाले में फेंक दिया था। आरोपित तहसीलदार प्रतापगढ़ के रानीगंज में तैनात है।

हत्या कर नाले में फेंका गया था महिला का शव

बिजनौर निवासी रुचि सिंह की तैनाती पुलिस मुख्यालय में थी। वह सुशांत गोल्फ सिटी के अर्जुनगंज में किराए के मकान में रहती थी। 13 फरवरी को उसकी ड्यूटी थी। काम पर नहीं आने पर रुचि को उसके साथी तलाश रहे थे। उसकी सहेली ने सोशल मीडिया में पोस्ट डाल कर मदद मांगी थी।

वहीं, रुचि का मोबाइल फोन भी लगातार बंद था। सिपाही के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद शनिवार को सुशांत गोल्फ सिटी थाने में रुचि के गुम होने की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय में तैनात अनुभाग अधिकारी एमपी सिंह ने दर्ज कराई थी।

गुरुवार को पीजीआई थाना क्षेत्र के माती स्थित नाले में एक महिला का शव मिला था। जिसका हुलिया लापता सिपाही से मेल खा रहा था। एसीपी कैंट अर्चना सिंह के मुताबिक शव की पहचान के लिए सिपाही के भाई शुभम और पिता योगेंद्र को सूचना दी गई थी।

रविवार को शुभम लखनऊ पहुंचा था। जिसके बाद पुलिस उसे लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थी। जहां शुभम ने शव की पहचान बहन रुचि के तौर पर की है। पुलिस ने आरोपित तहसीलदार को उसकी पत्नी प्रगति और साथी नामवर सिंह के साथ गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस ने अभी आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टिï नहीं की है।

तहसीलदार से थे संबंध, शादी का बना रही थी दबाव

पूछताछ में पदमेश ने बताया कि फेसबुक के जरिए रुचि से उसकी दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच गहरे संबंध थे। रुचि पहले से ही विवाहित थी। फिर वह लगातार उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। वहीं रुचि का उसके पति अंकित गुप्ता से विवाद चल रहा था। अंकित भी सिपाही है और बरेली का रहने वाला है, जिसकी तैनाती प्रयागराज में है।

अंकित रुचि से तलाक लेने वाला था। इधर, रुचि नजदीकियां बढऩे के बाद पदमेश पर शादी का दबाव बनाने लगी। दबाव बढऩे पर पदमेश ने रुचि को बताया कि वह शादीशुदा है। इसके बाद से दोनों में विवाद शुरू हो गया था। रुचि हर हाल में पदमेश से शादी करना चाहती थी। इसी बात को लेकर अक्सर दोनों का फोन पर झगड़ा होता था।

मिलने के लिए बुलाया और कर दी हत्या

तंग आकर पदमेश ने पत्नी प्रगति को पूरी बात बता दी थी। घटना से कुछ दिन पहले रुचि ने पदमेश को फोन किया था, जिसे प्रगति ने उठाया था। प्रगति ने रुचि से बात की थी। इस दौरान फोन पर दोनों में जमकर कहासुनी हो गई। इसके बाद पदमेश ने रुचि की हत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए उसने अपने परिचित नामवर सिंह को साजिश में शामिल किया।

साजिश के तहत पदमेश ने रुचि को फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। पदमेश के बुलाने पर रुचि कैब पर पीजीआइ अस्पताल के सामने पहुंची थी। पदमेश और नामवर गाड़ी लेकर उसका इंतजार कर रहे थे। रुचि के गाड़ी में बैठने पर आरोपितों ने उसे खाने के सामान में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया था। कुछ देर में ही रुचि बेहोश हो गई थी। इसके बाद आरोपितों ने सांस की नली दबाकर उसकी जान ले ली थी। हत्या के बाद 12 फरवरी की रात में ही कल्ली स्थित माती में शव को नाले में फेंककर भाग निकले थे।

 

शादी का दवाब बनाने पर की महिला सिपाही की हत्या

तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव प्रतापगढ़ में 3 साल से तैनात है। इसे पहले वो कौशांबी में तैनात था। आरोपी प्रयागराज का रहने वाला है। पहले पद्मेश लालगंज में तैनात था। करीब चार महीने पहले उसको रानीगंज भेज दिया गया था, तब से वो यहीं पर तैनात है। पद्मेश और रुचि सिंह की मुलाकात फेसबुक पर हुई थी। वहीं, से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं।

रुचि बिजनौर की रहने वाली थी। उसकी शादी जून 2019 में कांस्टेबल नीरज के साथ हुई थी। दिसंबर 2019 में रुचि भी बतौर सिपाही भतीज़् हो गई। मगर, इसके पहले से ही प्रयागराज के पद्मेश श्रीवास्तव से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। नौकरी पाने के बाद रुचि ने अपने पुराने प्रेम को उजागर कर दिया।

इसके पहले उसने पति के खिलाफ दहेज उत्पीडऩ का केस दजज़् करवाया।  कुछ महीने बाद ही दोनों का तलाक हो गया। रिश्ता टूटने के बाद पद्मेश और रुचि खुलकर मिलने जुलने लगे। तहसीलदार पद्मेश ने रुचि का उसके पति से तलाक करवाया था।

 

काल डिटेल ने खोला राज हत्या का राज

पुलिस ने शव की शिनाख्त होने के बाद रुचि के फोन की काल डिटेल निकलवाई थी। पड़ताल में सामने आया कि रुचि की आखिरी बार फोन पर पदमेश से बात हुई थी। इसके बाद पुलिस टीम प्रतापगढ़ पहुंची और आरोपित पदमेश को उसकी पत्नी व साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया।

रुचि ने वर्ष 2019 में अंकित से प्रेम विवाह किया था। रुचि के भाई शुभम ने बताया कि उनकी बहन ने अपनी भाभी से फोन पर बात की थी। कुछ देर बाद फोन बंद हो गया था। अगले दिन घरवालों ने रुचि के साथ काम करने वाली महिला सिपाही को फोन कर उसके बारे में पूछा था। जानकारी न होने पर महिला सिपाही ने इंटरनेट मीडिया पर रुचि के लापता होने की पोस्ट डाली थी।