CM मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया सेल में तैनात कर्मी ने की आत्महत्या, दो पन्ने का सुसाइड नोट पोस्ट

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-ट्वीटर पर दो पन्ने का सुसाइड नोट पोस्ट
-विभागीय दो लोगों पर प्रताडऩा का लगाया आरोप

लखनऊ। मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया शाखा में तैनात एक कर्मी ने फांसी आत्महत्या कर ली। मृतक ने ट्वीट कर अपनी मौत का जिम्मेदार विभागीय महिला समेत दो लोगों को ठहराया है। खास बात यह है कि ट्वीट रहस्यमय हालात में डिलीट भी हो गया। अब सवाल यह है कि पार्थ का ट्वीट किसने डिलीट किया। वहीं पुलिस ने अभी तक मामले में कोई तहरीर न मिलने की बात कही है।

इन्दिरानगर के वैशाली एनक्लेव निवासी पार्थ श्रीवास्तव 26 वर्ष ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। वह मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया शाखा में संविदा पर तैनात था। पार्थ ने दो पन्ने का सुसाइड नोट लिखकर ट्वीट किया था।

नोट में उसने साथ में काम करने वाले पुष्पेंद्र सिंह और शैलजा पर प्रताडऩा का आरोप लगाया है और इन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पार्थ ने सुसाइड नोट ट्वीट कर सूचना निदेशक शिशिर सिंह को टैग किया था।

खास बात यह है कि पार्थ का ट्वीट रहस्यमय हालात में डिलीट भी हो गया। अब सवाल यह है कि पार्थ का ट्वीट किसने डिलीट किया। इंस्पेक्टर इंदिरानगर अजय प्रकाश त्रिपाठी के मुताबिक बुधवार को पार्थ ने अपने कमरे में फांसी लगाई थी। परिवार वाले फंदे से नीचे उतारकर पार्थ को डॉ.राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर गए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

पुलिस को दिन में करीब 11 बजे सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर का कहना है कि परिजनों द्वारा न तो अभी कोई तहरीर दी गई है और न ही सुसाइड नोट उपलब्ध कराया गया है। तहरीर मिलने पर छानबीन की जाएगी।

सुसाइड नोट में लिखी आपबीती

पार्थ ने ट्वीटर पर दो पन्ने का सुसाइड नोट पोस्ट कर लिखा है कि मैं उम्मीद करता हूं कि शिशिर कुमार सर इस बात पर उचित कार्रवाई करें। नोट में आगे लिखा है कि मुझसे गलतियां भी हुईं और वे गलतियां न दोहराने की कोशिश भी की, लेकिन शैलजा जो सिर्फ चाटूकारिता कर अपनी जगह पर थी। उन्होंने मेरी छोटी सी छोटी गलती को सबके सामने उजागर कर मुझे नकारा साबित कर ही दिया।

शैलजा जी को बहु- बहुत बधाई। मेरी आत्महत्या एक कत्ल है, जिसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ राजनीति करने वाली शैलजा और उनका साथ देने वाले पुष्पेंद्र सिंह हैं… आरोपित पुष्पेंद्र मान्यता प्राप्त पत्रकार है और मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया शाखा में काम करता है। इसी कार्यालय में शैलजा भी कार्यरत है।

रहस्यमय हालात में ट्वीट हुआ डिलीट

सवाल यह है कि पार्थ ने आखिर किस दबाव में आत्महत्या की और इसका कारण क्या था। इसके अलावा पार्थ ने सुसाइड नोट ट्वीट कर सूचना निदेशक शिशिर सिंह को टैग किया था जो कि  रहस्यमय हालात में डिलीट भी हो गया। अब सवाल यह है कि पार्थ का ट्वीट किसने डिलीट किया।

पार्थ ने बुधवार को अपने कमरे में फांसी लगाई थी। पुलिस को सूचना दिन में करीब 11 बजे मिली। बावजूद इसके प्रतिदिन जारी होने वाले मीडिया बुलेटिन में जानकारी तक नहीं दी गई। फिलहाल मामले में कई सवाल है जिनके जवाब पुलिस तलाश रही है।

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