नींद की झपकी ने मां और बच्चों समेत छीनी चार जिन्दगियां, मासूम भाई-बहन लापता, देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन

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वैगनआर कार इंदिरा नहर में गिरी, मां-बेटी समेत चार की मौत,दो मासूम बच्चे लापता ,राहगीरों की मदद से चालक समेत तीन की बची जान

 

लखनऊ। नगराम थाना क्षेत्र में वैगनआर चालक की नींद की झपकी ने मां,बेटे और बेटी समेत चार  जिन्दगियां निगल ली।हालांकि हादसे में चालक समेत तीन लोग खुश नसीब निकले। जिन्हें राहगीरों की मदद से बचा लिया गया। वहीं पीछे के सीट पर सवार सो रहे परिवार के चार लोग मौत के गाल में समा गये।

हादसे में मां और मासूम बच्चों समेत चार लोग की मौत का मंजर देख लोगों की आंखे नम हो गई।

हालांकि देर रात तक लापता मासूम भाई-बहन की खोजबीन में स्थानीय गोताखोर, एसडीआरएफ  और एनडीआरएफ  की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रही।

        एसडीआरएफ की टीम लापता मासूमों की तलाश में जुटी

जानकारी के मुताबिक पीलीभीत से चालक कुलदीप वैगनआर कार यूपी 25डीए 5090 से थाना नगराम क्षेत्र किसी रिश्तेदारी में जा रहे थे। वैगनआर में चालक समेत नौ लोग सवार थे।

शुक्रवार शाम करीब 3:30 बजे नई जेल रोड से नगराम रास्ते से वैगनआर कार गुजर रही थी। इसी दौरान अनियंत्रित होकर कार इन्दिरा नहर में गिर गई। नहर में कार के गिरते ही चीख-पुकार मच गई।

राहगीरों की मदद से चालक कुलदीप (30), गोवर्धन मिश्रा (35) व कपिल मिश्रा को नहर से निकाल लिया गया। जबकि संगीता (28) पत्नी रामपाल मिश्रा, चाहत (5) पुत्री रामपाल मिश्रा, रूमा (65)पत्नी रामरतन व रुपेश (11) पुत्र पवन (संगीता की बहन का लड़का) की पानी में डूबने से मौत हो गई।

चारों मृतकों के शवों को बरामद कर लिया गया है। वहीं अनन्या (7) पुत्री रामपाल मिश्रा व रुद्र (3) पुत्र रामपाल मिश्रा लापता है।  दोनों भाई-बहन की तलाश में एसडीआरएफ के साथ ही पुलिस की टीम देर रात तक खोजबीन में जुटी रही।

नगराम इंस्पेक्टर ने बताया कि कार में सवार सभी लोग पीलीभीत के रहने वाले हैं। वैगनआर चालक कुलदीप के झपकी आ जाने से हादसा हुआ है।

मासूम भाई-बहन लापता, देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन

पीलीभीत के मैनीगांव निवासी रामरतन मिश्रा अचलीखेड़ा बैराज स्थित सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी के विहान फार्म हाउस में काम करते हैं। संगीता अपनी सास रूपादेवी और बच्चों के साथ नगराम अचली खेड़ा गांव स्थित अपने पिता गंगा प्रसाद से मिलने आ रहे थे।

तभी वैगनआर कार अनियंत्रित होकर इन्दिरानहर में जा गिरी। नहर में कार गिरने की सूचना से क्षेत्र में हडकंच गया। चारों तरफ  अफरा-तफरी का माहौल रहा। हादसा शाम होने की वजह से अंधेरा छाने लगा था।

उधर नहर में इतना बहाव था कि किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह नहर में कूद कर किसी को बचा सके। कुछ ही देर में कई गांव के लोग और राहगीर वहां जमा हो गए। उसमें से किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों और गोताखोरों की मदद से राहत कार्य में जुट गई, लेकिन पूरी तरह से सफलता हाथ नहीं लगी। एक तरफ  पानी का बहाव और दूसरी तरफ  अंधेरा होने लगा था। इसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ  की टीम बुलाई।

साथ ही एक क्रेन मंगवाई गई। क्रेन की मदद से कार को बहार निकाला गया। जिसमें संगीता मिश्रा (28),बेटी चाहत (5), सास रूमा देवी (65) पत्नी रामरतन का शव मिला। जबकि कुछ दूर पर रुपेश (11) पुत्र पवन का शव गोताखोरों ने खोज निकाला।

पूर्व आईएएस के फार्म हाउस जा रहा था परिवार

एडीसीपी दक्षिणी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संगीता पत्नी राम पाल मिश्रा मूलरूप से पीलीभीत की रहने वाली थीं। संगीता अपने बच्चों, सास और चालक कुलदीप के साथ ही परिवार के गोधन और कपिल के साथ वैगनआर कार से अपने पिता गंगा प्रसाद मिश्रा के पास अचली खेड़ा नगराम जा रही थीं।

गंगा प्रसाद सुलतानपुर के राजापुर कुड़वार के रहने वाले हैं। वह यहां अचली खेड़ा में एक पूर्व आइएएस के फार्म हाउस में नौकरी करते हैं। संगीता परिवार के साथ उन्हीं से मिलने जा रही थीं।

इस बीच जेल रोड से नगराम मार्ग पर उनकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने चालक कुलदीप, गोधन और कपिल को सुरक्षित निकाल लिया।

देर से पहुंची क्रेन, ग्रामीणों ने किया हंगामा

सूचना के बाद पुलिस की लापरवाही के चलते क्रेन करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था।

ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ।