UP POLICE: एक इनामी बाहुबली देश में दूसरा महाठग परदेश में,दोनों पुलिस की रडार से दूर

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एक खुलेआम समारोह में शामिल होकर तो दूसरा विदेश से दे रहा चुनौती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शुमार एक 25 हजार रुपये का इनामी और पूर्वांचल का बाहुबली पूर्व सांसद धनजंय सिंह व दूसरा पांच लाख का इनामी महाठग राशिद नसीम पुलिस की रडार से कोसों दूर हैं।

पुलिस,एसटीएफ व ईओडब्लू की टीमें तलाश में लगी है लेकिन कानून के लम्बे हाथ दोनों वांछितों को पकडऩे में बौने शाबित हो रहे हैं।

दोनों मोस्ट वांटेड को पकडऩे में कानून के लम्बे हाथ पड़ रहे छोटे

साल 4 जनवरी 2021 को विभूतिखंड में देर शाम कठौता चौराहे के पास मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वाराणसी के रहने वाले गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर समेत करीब दर्जनभर लोगों को गिरफ्तार किया गया।

15 फरवरी की रात पुलिस गिरफ्त से भागते समय गिरधारी एनकाउंटर में मारा गया। वर्चस्व को लेकर हुए इस हत्याकांड में जौनपुर के रहने वाले पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत कई सफेदपोशों का भी नाम सामने आया।

इसके बाद पुलिस ने धनंजय सिंह को भगोड़ा घोषित कर 25 हजार रुपये का इनाम रखा। खास बात यह है कि इस दौरान पूर्व सांसद ने अपनी पत्नी को जिला पंचायत का चुनाव भी लड़वाया और भारी मतों से जीत भी दर्ज करायी,लेकिन लखनऊ पुलिस को वह दिखाई नहीं दिया।

वहीं बीतों दिनों पूर्व सांसद का खुलेआम शादियों व किक्रेट मैच में शामिल होने के बाद विपक्षियों से घिरने के बाद सरकार ने मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी।

मुख्तार अंसारी के करीबी माफिया मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हुई हत्या समेत भारतीय किसान यूनियन के नेता राजू गुप्ता से 50 लाख की रंगदारी मांगने समेत अन्य कई मामलों में धनंजय सिंह का नाम सामने आया है।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह हत्या समेत कई संगीन मामलों में भी आरोपित हैं। फिलहाल करीब एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी अजीत हत्याकांड की गुत्थी नहीं सुलझ पायी है।

 विधासभा चुनाव में जोरअजमाईश के फिराक में पूर्व सांसद

बीते साल 28 नवंबर को जौनपुर में एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशू के यहां आयोजित वैवाहिक समारोह में भी धनंजय काफी समय तक मौजूद रहे। इस दौरान वह भाजपा एमएलसी विद्यासागर सोनकर समेत अन्य नेताओं के साथ दिखे।

मंच पर हुए उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह के साथ फोटो सेशन करवाया। इससे पहले एसपी आवास के पास हुए एक क्रिकेट मैच और एक करीबी के होटल के उद्घाटन कार्यक्रम में भी वह दिखाई दिए।

सिर्फ लखनऊ पुलिस को वह नहीं दिखाई दिया। जानकार सूत्रों की मानें तो पूर्व सांसद विधानसभा चुनाव में उतरने की फिराक में है।

इस वजह से वह कई राजनीतिक पार्टियों के सम्पर्क में भी है लेकिन बहुचर्चित अजीत हत्याकांड में नाम आने के बाद कोई भी पार्टी अपने में शामिल करने से कतरा रही है।

सात समंदर दूर बैठा इनामी महाठग बना मुसीबत

लखनऊ में शाइन सिटी कंपनी का कार्यालय खोलकर निवेशकों से करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में पांच लाख का इनामी महाठग राशिद नसीम पुलिस की गिरफ्त से दूर है। ईओडब्ल्यू, लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस, एसटीएफ  की टीम तलाश कर रही हैं।

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मौजूदा समय में राशिद नसीम दुबई में बैठकर अपना सिंडिकेट चला रहा है। राशिद नसीम के प्रत्यर्पण के लिए ईओडब्ल्यू विदेश मंत्रालय के जरिये यूएई सरकार से संपर्क कर कागजी कार्रवाई कर रही है। गौरतलब हो कि कंपनी के सीएमडी राशिद पर करीब 4000 लोगों ने जमीन व निवेश के नाम पर ठगी के केस दर्ज कराया है।

सिर्फ गोमतीनगर थाने में ही 374 केस दर्ज हैं। राशिद व आसिफ  नसीम पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित है। बीते एक नवम्बर को गोमतीनगर पुलिस की टीम ने आसिफ  नसीम को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ताबड़तोड़ करीब दो दर्जन से अधिक कंपनी से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

सरकार के कब्जे में एक हजार करोड़ की संपत्ति

पांच लाख के इनामी आसिफ नसीम की गिरफ्तारी के बाद महाठग राशिद नसीम ने ऑडियो वायरल कर सफाई दी। आडियो में उसने कहा कि वह कंपनी की तरफ  से कोर्ट में यह बात रखना चाहता था कि अगर उसे समय दिया जाए तो सबका पैसा चुकता कर देगा।

लेकिन जब कंपनी का कोई डायरेक्टर कोर्ट के सामने जाकर यह बात रखने को तैयार नहीं हुआ तो उसके भाई आसिफ  को सामने आना पड़ा।

आरोप है कि आसिफ  नसीम खुद कोर्ट में आत्मसमर्पण करने आया था। इसके पहले ही पुलिस ने आसिफ  को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया। सीएमडी राशिद ने ऑडियो में दावा किया सरकार ने उसकी 500 करोड़ की संपत्ति कब्जे में ले रखी है। इस प्रॉपर्टी की मौजूदा कीमत करीब एक हजार करोड़ रुपये है।