भारतीय जाली नोट की तस्करी करने वाला एक लाख का इनामी सरगना गिरफ्तार

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लखनऊ। भारतीय जाली मुद्रा की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तस्करी करने वाले गिरोह के सरगना दीपक मण्डल को यूपी एसटीएफ ने केरल से गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपी के खिलाफ एक लाख रुपए की इनाम घोषित था।

यूपी एसटीएफ ने आरोपी को केरल से दबोचा

एसटीएफ पुलिस उपाधीक्षक नवेन्दु कुमार के मुताबिक भारत-बांग्लादेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से भारतीय जाली मुद्रा का संचालन होने की सूचना मिल रही थी।

एसटीएफ की टीम जांच-पड़ताल कर रही थी। एसटीएफ की टीम ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार को पश्चिम बंगाल जिला मालदा थाना वैष्णव नगर जयनपुर निवासी दीपक मण्डल केरल की राजधानी त्रिवेन्द्रम से गिरफ्तार कर लिया।

जिसके पास से मोबाइल, आधार कार्ड 730 रुपए की नकदी बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी वर्ष 2013 में लगभग 03 लाख रुपये की भारतीय जाली मुद्रा के साथ जनपद प्रयागराज से गिरफ्तार कर नैनी जेल जा चुका है।

गौरतलब हो कि एक जून 2021 को रुपेश कुमार निवासी जनपद प्रयागराज को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक लाख रुपये की भारतीय जाली मुद्रा बरामद की गई थी।

पूछताछ पर आरोपी रूपेश ने बताया था कि रामू साहू निवासी जनपद प्रयागराज के लिए फरक्का जाकर गैंग का सरगना दीपक मण्डल ने 50 हजार के असली रुपये के बदले एक लाख रुपये के जाली रुपये दिये गए थे।

मामले में 20 अक्टूबर को 50000 के पुरस्कार घोषित आरोपी रामू साहू को गिरफ्तार किया गया था। मामले में गिरोह सरगना फरार चल रहा था।

बंग्लादेश से जाली मुद्रा मंगाकर देता था सप्लाई

पूछताछ में आरोपी दीपक मण्डल ने बताया कि वह करीब 12-14 वर्षों से भारतीय जाली मुद्रा की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तस्करी का काम कर रहा है।

शुरूआती दिनों में जनपद मालदा पश्चिम बंगाल से 40 हजार रुपये की असली मुद्रा के बदले एक लाख रुपये के नकली नोट लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब व केरल आदि प्रदेशों में सप्लाई करने कैरियर के साथ स्वयं जाता था।

आरोपी ने बताया कि कुछ वर्षो से वह नदी के रास्ते नाव से बंग्लादेश से भारतीय जाली मुद्रा मंगाकर जहां मांग होती है, वहां सप्लाई करता देता हूं।

इसके अलावा लोगों को अपने गांव पर बुलाकर भी असली नोटों के बदले नकली नोट की सप्लाई देता हूं।