सांसद पुत्र गोलीकांड: खुद पर हमला कराने वाला सांसद पुत्र पुलिस गिरफ्त से दूर

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सरेंडर करने का वीडियो वायरल कर लापता हुआ आयुष आरोपी के अधिवक्ता ने कोर्ट में आत्मसर्मण की डाली अर्जी

लखनऊ। खुद पर गोली चलवाने व विरोधियों को फंसाने की साजिश के मामले में भाजपा सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष को पुलिस गिरफ्तार करने में नाकाम है। वहीं मामले में आयुष की पत्नी ने आयुष व उनके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पुलिस सांसद के रसूख के चलते उसे मामले में फंसाया जा रहा है।

साथ ही आयुष को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयुष की पत्नी ने नार्को टेस्ट कराने की भी गुहार लगाई है। दो मार्च की रात को भाजपा सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष ने खुद पर छठा मील के पास गोली चलवा दी। इस मामलें पुलिस ने वारदात के 12 घंटे के अंदर ही गोली चलाने के आरोप में उसके साले आदर्श को गिरफ्तार कर लिया।

खुद को बताया निर्दोष

इसके बाद से आयुष फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी लेकिन सफलता नहीं मिली। मंगलवार को आयुष ने वीडियो वायरल कर खुद को निर्दोष बताते हुए सरेंडर करने की बात कही थी। इसके बाद उसके बचाव में आयुष की विधायक मां, भाई व सांसद कौशल किशोर उतरे।

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सभी परिजनों ने आयुष को निर्दोष बताते हुए उसे फंसाकर शादी करने व पत्नी के भाई द्वारा हमला कराने की बात कही है। हालांकि आयुष के सरेंडर करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अलर्ट पर रही। कोर्ट परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात है। इसी बीच बुधवार को आयुष के वकील ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी डाली है।

करना चाहता है आत्मसमर्पण

जिस पर मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है। आयुष के वकील ने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी देकर कहा गया कि पुलिस उसे लगातार तलाश रही है। उसके परिचितों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। लिहाजा वह अपनी मर्जी से कोर्ट में आत्म समर्पण करना चाहता है।

यह था पूरा मामला

दो मार्च को आयुष किशोर के ऊपर गोली चलने की घटना सामने आई थी। जिसके बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। आयुष किशोर के मुताबिक रात करीब दो बजे वह अपने साले आदर्श के साथ टहलने निकला था। शुरुआत में आयुष ने कहा कि मडिय़ांव में छठा मिल के पास काली कार सवार लोगों ने उसे गोली मार दी, जो बाएं हाथ और सीने को छूते हुए निकल गई।

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हालांकि सीसी फुटेज में कोई भी हमलावर वहां से गुजरता नहीं दिखा। पुलिस के मुताबिक पड़ताल में सामने आया कि आयुष ने अपने कुछ व्यावसायिक साथियों को फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए खुद पर अपने साले आदर्श से हमला कराया था। आदर्श ने पुलिस के सामने कबूल किया कि आयुष ने चार लोगों को जानलेवा हमले के आरोप में फंसाने के लिए यह साजिश रची थी।

इसमें चंदन गुप्ता, मनीष जयसवाल, प्रदीप कुमार सिंह व एक अन्य शामिल है। आयुष ने आदर्श से कहा था कि वह उसे गोली मारे बाकि वह संभाल लेगा। हालांकि मामले में आयुष ट्रामा सेंटर से इलाज के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।

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