Lucknow: दोस्त ने उतारा था भाजता नेता के भाई को मौत के घाट,डायरी ने पहुंचा सलाखों के पीछे

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चार लाख रुपये की देनदारी बनी मौत की वजह
हत्या में प्रयुक्त कार व आलाकत्ल क्लच वायर बरामद

Lucknow:
लखनऊ। कम्प्यूटर पार्टस कारोबारी व भाजपा नेता के भाई की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही दोस्तों ने की थी।

मोहनलालगंज पुलिस ने मंगलवार को दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। वारदात में इस्तेमाल कार और आलाकत्ल बाइक का वायर भी बरामद कर लिया गया है।

मोहनलालगंज के गोपालखेड़ा निवासी मुकेश सिंह की हत्या के मामले में उसके ही दोस्त हीरा सिंह और अंकुर पाल को गिरफ्तार किया गया है। यह दोनों भी गोपालखेड़ा के ही रहने वाले हैं। मोहनलालगंज इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि हीरा सिंह पहले मुकेश के साथ ही कारोबार करता था।

दोनों में अलगाव हुआ तो हीरा पर मुकेश का चार लाख रुपया निकला। यह रकम देने के लिए हीरा ने समय मांगा था, लेकिन काफी दिन बाद भी उसने रुपये नहीं दिए तो मुकेश ने दबाव बनाना शुरू किया।

रकम वापस न करनी पड़े इसलिए हीरा ने अपने दोस्त अंकुर के साथ मिलकर मुकेश के हत्या की योजना बनाई। इंस्पेक्टर ने बताया कि हत्याकांड में हीरा सिंह के कहने पर अंकुर शामिल हुआ था। किसी अन्य की कोई संलिप्ता नहीं सामने आयी है। मृतक मुकेश के परिवार में कई सदस्य भाजपा पार्टी में पदाधिकारी हैं।

चलती कार में वारदात को दिया अंजाम

पुलिस के मुताबिक 16 दिसंबर की शाम मुकेश गांव के बाहर पुल पर कालेज से घर लौट रहे बेटे को रोज की तरह बाइक से घर ले जाने के लिए इंतजार कर रहा था।

योजना के तहत हीरा और अंकुर एक दोस्त की स्विफ्ट कार मांगकर वहां पहुंचे। उन्होंने रुपये लौटाने का झांसा देकर मुकेश को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद तीनों ने खूब शराब पी।

नशे में होने के बाद चलती गाड़ी में पीछे की सीट पर बैठे अंकुर ने बाइक के क्लच वायर से मुकेश का गला कस दिया। इसके बाद उसका शव हरिकंशगढ़ी के आगे निर्माणाधीन आउटर रिंग के किनारे शव फेक कर भाग निकले। गुमशुदा मुकेश का शव दूसरे दिन मिला था। इसके बाद भाई सुबोध सिंह ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कराया था।

मुकेश की डायरी ने हत्यारों को पहुंचा सलाखों के पीछे

एसीपी मोहनलालगंज दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टिï होने पर पुलिस की टीमें अलग-अलग बिन्दुओं पर तफ्तीश में जुट गई। क्राइम ब्रांच व स्वाट निरीक्षक टीबी सिंह की टीम और स्थानीय पुलिस ने सर्विलांस व मुकेश के मोबाइल नम्बर की सीडीआर निकलवाई तो हीरा सिंह की ओर हत्या की सुई घूम गई।

हीरा सिंह से आखिरी बार मुकेश से बात हुई थी। वारदात के बाद गिरफ्त में आता देख हीरा और अंकुर इधर-उधर छिप-छिपाकर रहने लगे। वहीं परिजनों ने भी हीरा और अंकुर पर हत्या किये जाने का शक जाहिर किया था। इतना ही नहीं मुकेश व्यापार में लेनदेन की जानकारी परिजनों में साझा किया करता था। जिसने चार लाख की लेनदारी भी अपनी डायरी में लिख रखी थी।