पशुधन टेंडर घोटाला: 50 हजार का इनामिया एक और आरोपी गिरफ्तार

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करोड़ों की ठगी के मामले में अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ। पशुधन विभाग में करोड़ के टेंडर घोटाले मामले में एसटीएफ ने 50 हजार के इनामिया आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ करोड़ों की ठगी के मामले में हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज है।एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश के मुताबिक बीत वर्ष पशुधन विभाग में टेंडर के माध्यम से धोखाधड़ी कर 9 करोड़ 72 लाख की ठगी करने के संबन्ध में थाना हजरतगंज में व्यापारी ने केस दर्ज कराया था।

मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूर्व में जेल भेजा जा चुका है। इस मुकदमें में मुख्य अभियुक्त आशीष राय का सहयोगी अमित मिश्रा उर्फ  रिंकू फरार चल रहा था। उस पर 50000 का पुरस्कार घोषित था। मुखबिर की सूचना पर जनपद गौतमबुद्धनगर से एसटीएफ टीम ने फरार इनामिया आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अमित मिश्रा उर्फ  रिंकू निवासी एसजीएम नगर फरीदाबाद हरियाणा बताया है। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 1520 रुपये की नकदी व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि आशीष राय के साथ मिलकर पशुधन विभाग में ठगी का कार्य किया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली, गौतमबुद्धनगर व हरियाणा के फरिदाबाद में स्थान बदलकर रह रहा था।

आरोपी ने यह भी बताया कि वर्ष-2017 में कुंभ मेले में पर्यटन विभाग का टेंडर दिलाने के नाम पर दो लोगों से क्रमश: 16 लाख व 25 लाख की ठगी किया था। जिस संबंध में थाना गोमतीनगर पर केस दर्ज है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई हजरतगंज पुलिस द्वारा की जा रही है।

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क्या है पूरा मामला

वर्ष 2018 में इंदौर के मंजीत सिंह नाम के बिजनेसमैन को करीब 200 करोड़ रुपये का टेंडर दिलाने के लिए आरोपियों ने जाल में फंसाया था। ठगी के शिकार हुए मंजीत सिंह भाटिया उर्फ रिंकू की तहरीर पर 13 जून 2020 को एफआईआर लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज की गई थी।

पीडि़त ने पशुधन राज्यमंत्री जय प्रताप निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश रस्तोगी, निजी सचिव धीरज देव, कथित पत्रकार आशीष राय, मोंटी गुर्जर, उमेश मिश्रा सहित 13 अभियुक्तों को नामजद किया था। जांच के दौरान आईपीएस अरविंद सेन और दिनेश चन्द्र दुबे का नाम प्रकाश में आया। दोनों आईपीएस अफसरों को निलम्बित कर दिया गया है। आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से गेहूं, आटा, शक्कर व दाल आदि की सप्लाई का ठेका दिलवाने के नाम पर 9 करोड़ 72 लाख 12 हजार रुपये की ठगी की थी।

 

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