सरकार ने रखा लाखों का इनाम, अपराधी फरमा रहे विदेश में आराम

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-शाइन सिटी के मालिक, पूर्व सांसद और फरार आईपीएस बने पुलिस के लिए चुनौती

लखनऊ। राजधानी में अपने घर का सपना देख रहे लोगों को सुनहरे सपने दिखाकर उनसे करोड़ों की ठगी कर फरार हो चुके शाइन सिटी के बंधुओं पर शासन ने पांंच लाख का इनाम भले ही घोषित कर दिया हो, लेकिन वह सात समुंदर पार पुलिस की पकड़ से कोसों दूर हैं।

यूपी पुलिस आरोपितों को किस तरह से गिरफ्तार करती है। यह विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। जबकि राजधानी के अलावा अन्य जनपदों में साइन सिटी कंपनी और उनके एजेंट पर लगातार मुकदमें दर्ज किए जा रहे हैं।

यह घटना बानगी मात्र है। जबकि भगोड़ा घोषित पूर्व सांसद से लेकर आईपीएस अफसर व अन्य इनामी अपराधी पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरारी काट रहे हैं।

शाइन सिटी बंधुओं पर पांच लाख का इनाम

राजधानी लखनऊ में रियल स्टेटस के नाम पर लम्बे समय से शाइन सिटी ग्रुप ऑफ  कम्पनीज ठगी का कारोबार लम्बे समय से चला रही थी। कंपनी के मालिक राशिद नसीम और आसिफ नसीम ने एजेंट की मदद से जनता सस्ती कीमत में घर दिलाने का इस कदर झांसा दिया कि लोग बिना सोच-समझे कंपनी की पॉलिशी में फंसते चले गए।

कंपनी के मालिक जनता का करोड़ो रुपए लेकर फरार हो गए। ठगी का एहसास होने पर निवेशकों ने कंपनी और उनके एजेंट पर मुकदमा दर्ज कराना शुरू कर दिया।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में कंपनी के निदेशकों व अधिकारियों के विरुद्ध करीब 300 मुकदमे दर्ज हैं।

विवेचना मामले की विवेचना कर रही ईओडब्ल्यू के अनुरोध पर शासन की तरफ से 12 अक्टूबर को राशिद नसीम व आसिफ नसीम पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। इसके अलावा पांच अन्य वांछित अभियुक्तों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

एक लाख का इनामी आईपीएस सालभर से फरार

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बड़े-बड़े अपराधियों से मोर्चा लेने वाली यूपी पुलिस अपने ही डिपार्टमेंट के आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार से परेशान है। एक लाख रुपये का इनामी आईपीएस सालभर से फरार है।

बता दें, राजस्थान के जिला डूंगरपुर निवासी मणिलाल पाटीदार पर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से रंगदारी मांगने, आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। वह 2014 बैच के आईपीएस अफसर हैं।

सितम्बर 2020 में महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत का सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हुआ था। वीडियो में कारोबारी ने महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपए की रंगदारी वसूल करने का आरोप लगाया था।

दूसरे दिन ही कारोबारी सड़क पर मरणासन्न हालत में मिला। 13 सितम्बर 2020 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में तूल पकड़ लिया। लिहाजा डिपार्टमेंट ने मणिलाल पाटीदार को निलंबित कर जांच शुरू कर दी।

जांच में आईपीएस समेत कुछ पुलिसकर्मियों का नाम उजागर हुआ।

जिसमें दोषी पुलिसकर्मी ने सरेंडर कर दिया, लेकिन आईपीएस मणिलाल पाटीदार फरार हो गया। 15 नवम्बर को डिपार्टमेंट ने मणिलाल पाटीदार को भगौड़ा साबित कर दिया। उस वक्त मणिलाल पाटीदार पर 25 हजार रुपए का इनाम था। जोकि अब एक लाख रुपए पहुंच गया है।

भगोड़ा घोषित पूर्व सांसद भी गिरफ्त से दूर

पूर्व सांसद धनंजय सिंह
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लखनऊ के विभूतिखंड में बहुचर्चित अजीत सिंह हत्याकांड में पूर्व सांसद धनजंय सिंह को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया है। बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या का साजिशकर्ता माना गया है।

गौरतलब हो कि छह जनवरी को विभूतिखंड के कठौता चौराहे पर मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। वारदात के समय अजीत के साथ मौजूद मोहर सिंह ने आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह उर्फ धु्रव और अखण्ड, गिरधारी समेत कई लोगों के खिलाफ  एफआईआर दर्ज करायी थी।

धु्रव और अखण्ड को साजिशकर्ता बताया गया था। 14 फरवरी की रात गिरफ्त में आये शॉर्प शूटर गिरधारी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इस हत्याकांड में बाहुबलि सांसद को साजिशकर्ता माना गया।

इसके बाद धनंजय सिंह ने दूसरे केस में खुद को सरेंडर कर दिया था। 31 मार्च को जेल से रिहा होने के बाद वह अंडरग्राउंड हो गया। हालांकि लखनऊ पुलिस ने धनंजय सिंह की तलाश में जौनपुर में उसके पैतृक आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी भी की लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

खास बात यह है कि इसी दौरान धनंजय सिंह की पत्नी ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत भी हासिल की।

खाड़ी देश अपराधियों के लिए बना मुफीद ठिकाना

जनता से करोड़ों रुपए ठगने के बाद शाइन सिटी ग्रुप ऑफ  कम्पनीज के मालिकान फरार हुए तो निवेशकों के पैरों तले जमीं खिसक गई। अपना पैसा वसूलने के लिए जनता ने एजेंट को घेरना शुरू कर दिया। जब पुलिस ने जांच शुरु की तो पता चला कि शाइन सिटी के मालिक करोड़ों रुपए लेकर खाड़ी देश फरार हो चुके हैं।

वहीं ईओडब्ल्यू केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से शाइन सिटी के मालिक राशिद नसीम व आसिफ  नसीम की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद लेने जा रही है। दोनों के दुबई में छिपे होने की बात कही जा रही है।

वहीं फरार आईपीएस अफसर मणिलाल को भी दुबई में होने की आशंका जतायी जा रही है। इसके अलावा लखनऊ पुलिस के लिए सिरदर्द बने पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी अपने राजनीतिक वर्चस्व की वजह से फरारी काट रहे हैं। फिलहाल फरार आरोपी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।

क्या बोले जिम्मेदार

फरार आरोपितों पर इनाम घोषित किया गया है। शाइन सिटी के मुख्य दोनों आरोपी दुबई में छिपे हैं। इन्हें पकडऩे के लिए गोपनीय कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके अलावा पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश जारी है।

   नीलाब्जा चौधरी
संयुक्त पुलिस आयुक्त, मुख्यालय  / अपराध