Lucknow: KGMU केजीएमयू से लेकर दवा सप्लाई की दुकानों तक फैला है इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का जाल

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रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह के 14 गिरफ्तार

-भारी मात्रा में नकली व असली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद

-मानक नगर पुलिस ने चार, नाका से चार, अमीनाबाद से दो व गोमतीनगर से चार गिरफ्तार

लखनऊ। lucknow  कोरोना महामारी में कारगार रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का जाल केजीएमयू से लेकर दवा सप्लाई के दुकानों तक फैला है।

पुलिस कमिश्नरेट ने छापेमारी कर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मेडिकल छात्र समेत 14 लोगों को लखनऊ के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली व असली इंजेक्शन बरामद हुए हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा के मुताबिक थाना मानकनगर पुलिस व सर्विलांस की संयुक्त टीम ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के नाम पर नकली इंजेक्शन महंगे दामों पर उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

उन्होंने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कौशल शुक्ला नामक व्यक्ति 15000 में रेमडीसीवर इंजेक्शन उपलब्ध करा रहा है। इस पर पुलिस ने फोन पर बातचीत कर उसे यह एहसास दिलाया गया कि परिवार में एक कोरोना से पीडि़त को 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन की आवश्यकता है। जितना भी पैसा चाहिए ले लीजिए लेकिन 6 रेमडीसीवर इंजेक्शन मुझे दे दीजिए।

15000 रुपये में प्रति इंजेक्शन तय हुआ। कौशल के बताए हुए स्थान अवध हॉस्पिटल के आगे कनौसी पुल के पास पुलिस टीम सादे वस्त्रों में मौजूद थी। जैसे ही कौशल निवासी हसनगंज वहां पर पहुंचा पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया।

उसके पास से 12 रेमडीसीवर इंजेक्शन बरामद हुए। गिरफ्त में आए कौशल शुक्ला ने पूछताछ में यह इंजेक्शन विकास दूबे निवासी जिला सुलतानपुर के द्वारा उपलब्ध कराने की बात कही।

यह भी बताया कि विकास वर्तमान में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के बी.एस.सी. नर्सिंग का स्टूडेन्ट है। इसके बाद पुलिस ने कौशल की विकास से बात करायी और उससे यह कहा गया कि मुझे पेशेन्ट को देने के लिए और इंजेक्शन की आवश्यकता है।

पुलिस  टीम कौशल को लेकर खदरा के पास गोमती के बंधे पर पहुंची जहां विकास पहले से मौजूद था। यहां से उसे दबोच लिया गया।

विकास के पास से 36 रेमडीसीवर इंजेक्सन बरामद हुए।  इसके बाद गिरोह के दो अन्य सदस्य अजीत मौर्या एवं राकेश तिवारी को शिक्षा भवन वाले के पास स्थित घर से दबोच लिया गया। उनके कब्जे से क्रमश: 25 व 16 इंजेक्शन बरामद हुए।

अजीत मौर्या निवासी जिला सोनभद्र वर्तमान समय में केजीएमयू के लारी हॉस्पिटल में ऑपरेशन थियेटर में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। जबकि राकेश तिवारी निवासी जिला बलरामपुर वर्तमान समय में केजीएमयू के क्वीन मेरी हॉस्पिटल में स्टॉफ  नर्स के पद पर कार्यरत है।

पूछताछ में आरोपी विकास दूबे ने बताया कि उसे बाराबंकी का रहने वाला रिताशु मौर्या जो पहले मेरे साथ नर्सिंग के एक्जाम की तैयारी कर रहा था, उसी ने मुझे एवं अजीत व राकेश को इंजेक्शन उपलब्ध कराये। वह मुझे एवं राकेश व अजीत को प्रत्येक इंजेक्शन के बेचने पर 3000 कमीशन देता था।

आरोपियों ने बताया कि  उन्हें यह पता था कि रितांशु मौर्या उन्हें नकली इंजेक्शन उपलब्ध कराता था लेकिन लालच में आकर हमने उसका आफर स्वीकार कर लिया।

प्रभारी सर्विलांस निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 91 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन, चार मोबाइल व एक स्कूटी बरामद हुई है।

नकली इंजेक्शन के गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को पुलिस कमिश्नर ने उत्साहवर्धन के लिए 20000 के नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

हर्षा हॉस्पिटल के मालिक समेत चार गिरफ्तार

गोमतीनगर पुलिस ने शुक्रवार को सीतापुर रोड स्थित हर्षा हॉस्पिटल के मालिक शहजाद अली और दवा कंपनी के एमआर समेत चार लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ ग्वारी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया है।

 

गिरफ्तार आरोपियों ने अपना नाम व पता शहजाद अली निवासी मडिय़ांव , सचिन रस्तोगी निवासी अम्रपाली दुबाग्गा, कृष्णा दीक्षित निवासी दुबग्गा काकोरी

व रितेश गौतम निवासी वरफखाना ठाकुरगंज बताया है। इनके पास से 54 रेमडेसिविर इंजेक्शन व 51400 रुपये नकदी बरामद हुई है। आरोपी इंजेक्शन को 20000 रुपये लेकर बेचते थे। कृष्णा दीक्षित व रितेश मेडिकल की दुकानों पर दवा सप्लाई का काम करते हैं।

इंस्पेक्टर ने बताया कि दवा कंपनी का एमआर कृष्णा दीक्षित रेमडेसिविर इंजेक्शन छह हजार रुपये में

रितेश गौतम और सचिन रस्तोगी को देता था। इसके बाद यह लोग इंजेक्शन शहजाद को 10500 रुपये में बेचता था। शहजाद मरीजों से 20 से 25 हजार रुपये वसूलता था।

रोटी व लंच बाक्स कोड का इस्तेमाल कर बेचते थे इंजेक्शन

नाका की पुलिस टीम ने गोंडा जिले के निवासी रामसागर, तालकटोरा राजाजीपुरम निवासी अमनदीप मदान, मोहनलालगंज क्षेत्र के

अंकुर वैश्य और हरदोई के संडीला क्षेत्र के निवासी अंशु गुप्ता को चारबाग मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।

इनके पास से 116 रेमडेसिविर इंजेक्शन और एक लाख 94 हजार 310 रुपये नकदी, चार मोबाइल व तीन बाइक बरामद हुई है। अमनदीप मदान स्कोप हास्पिटल में नर्सिंग स्टाफ में संविदा कर्मचारी है।

रामसागर केजीएमयू में नर्सिंग स्टाफ में संविदा कर्मी है। गिरफ्तार आरोपी रेमडेसिवीर दवा को बेचने के लिए आपस में रोटी व लंच बाक्स के कोट शब्द का प्रयोग करते थे।

अगर चार इंजेक्शन की डिलीवरी देनी होती थी तो यह लोग आपस में कहते थे कि लंच बाक्स में चार रोटी चाहिए। फिर एक आदमी बाइक से इंजेक्शन लेकर डिलीवरी देने जाता था।

अमीनाबाद पुलिस ने 11 इंजेक्शन के साथ दो को दबोचा

अमीनाबाद पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को 11 रेमेडेसिवर इंजेक्शन व 39000 रुपया के साथ गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम आमिर अब्बास निवासी सआदतगंज व सौरभ रस्तोगी निवासी याहियागंज चौक बताया है।

प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार राय ने बताया कि नजीराबाद चौकी के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी रेमेडेसीवर इंजेक्शन को अंकित मूल्य से काफी ज्यादा मूल्यों पर बेचते थे।

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