Oxygen Cylinder Blast in Lucknow: सांसों की तलाश में आए तीमारदारों के परिजनों का ऑक्सीजन प्लांट पर जमावड़ा

Family members of Timardars who came in search of breath gathered at the oxygen plant

दो प्लांट कर्मी समेत तीन की मौत,आठ घायल, दो ही हालत नाजुक

लखनऊ। Oxygen Cylinder Blast in Lucknow:  राजधानी में ऑक्सीजन की मारामारी के चलते अपने मरीजों की सांसे बचाने के लिए प्लांट पर तीमारदारों की लंबी लाइनें और चौबीसों घंटे गैस रिफिलिंग के दबाव के बीच चिनहट के केटी ऑक्सीजन प्लांट में बुधवार को रिफिलिंग के दौरान सिलिंडर में ब्लास्ट हो गया।

ब्लास्ट होते ही अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि प्लांट के ऊपर पड़ा शेड हवा में उड़ गया।

हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

वहीं ऑक्सीजन प्लांट में हादसे की खबर के बाद अपनों की सांसों के इंतजाम में लगे तीमारदार के परिजन भी उनकी कुशलता के लिए प्लांट पर पहुंचे। जिससे हादसे के बाद प्लांट पर काफी भीड़ एकत्र हो गई।

जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर, जिला अधिकारी अभिषेक प्रकाश, संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य जारी करते हुए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

आठ घायलों में से दो की हालत गंभीर बतायी जा रही है।

इंदिरानगर निवासी अतुल कुमार का चिहनट के देवा रोड स्थित धावा गांव के पास रिहायशी इलाके में  केटी वेल्डिंग स्टोर लिक्विट आक्सीजन के नाम से प्लांट है। काफी समय से रिहायशी इलाके में ऑक्सीजन प्लांट संचालित किया जा रहा है।

प्लांट से आक्सीजन फुटकर व अस्पतालों को सप्लाई की जाती है। कोरोना संकट के चलते अभी प्लांट 24 घंटे चल रहा है। बुधवार दोपहर करीब 3.35 बजे दोपहर ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग का काम चल रहा था।

उसी दौरान अचानक एक सिलिंडर फट गया। हादसे के बाद चारों तरफ धुएं व धूल का अम्बार फैल गया। चीख पुकार के बीच आस-पास भगदड़ मच गई।

भीड़ का फायदा उठाकर प्लांट में काम करने वाले कुछ कर्मचारी व मैनेजर भी मौके से फरार हो गए। भीषण विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए।

घायलों की हालत नाजुक है, जिनका लोहिया अस्पताल और ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।

चिनहट इंस्पेक्टर ने बताया कि में प्लांट में काम करने वाले बाराबंकी निवासी त्रिभुवन यादव और अरुण पांडेय की मौत हो गई वहीं, सिलिंडर भरवाने आए तीमारदार निरालानगर निवासी दीपू कनौजिया भी विस्फोट की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण दीपू ने दम तोड़ दिया। मृतकों की उम्र करीब 25 से 35 वर्ष के बीच है।

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक अब तक छानबीन में सामने आया है कि सिलिंडर में ऑक्सीजन भरते समय विस्फोट हुआ था। जिस सिलिंडर में गैस भरा जा रहा था, उसमें खराबी की बात सामने आई है। घायलों का इलाज चल रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।

इन्हीं आयी गंभीर चोटे

स्थानीय लोगों के मुताबिक प्लांट के बाहर करीब सौ से अधिक लोग सिलिंडर लेकर ऑक्सीजन भरवाने आए थे।

इसी बीच अचानक सिलिंडर फट गया। हादसे में वहां मौजूद बाराबंकी निवासी अंकुर सिंह, फतेहपुर निवासी आशीष कुमार, सीतापुर निवासी नीरज, अयोध्या निवासी राजबली और विकासनगर निवासी आकाश यादव और पवन घायल हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक अंकुर के दोनों पैर में गंभीर चोट है। वहीं, आशीष कुमार के बाएं पैर, हाथ व जांघ में, नीरज के आंख व पैर में, राजबली के बाएं हाथ व में और आकाश के दाएं कंधे में गंभीर चोट हैं। घायलों में दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

धमाके की आवाज से लाइन में लगे तीमारदारों में भगदड़

धमाके की आवाज से लाइन में लगे तीमारदारों में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट इतना तेज था कि प्लांट की छत का हिस्सा उड़ गया। कई सिलिंडर छिटक के दूर जा गिरे। आसपास के मकान में रहने वाले लोग भी घरों से बाहर निकल आए।

ऑक्सीजन भराने आए लोग सिलिंडर छोड़कर भाग निकले। इस बीच बड़ी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंची और भीड़ को प्लांट से दूर किया। मलबा हटाकर घायलों को निकाला पुलिस जब प्लांट में पहुंची तो वहां चीख पुकार मची हुई थी।

ऑक्सीजन सिलिंडर और मलबे के नीचे कर्मचारी व तीमारदार दबे हुए थे। पुलिस ने रेस्क्यू अभियान शुरू कर लोगों को मलबे से बाहर निकाला।

इस दौरान वहां का दृश्य भयावह था। हर तरफ खून के छींटे थे और मानव अंग भी बिखरे हुए थे। पुलिस जीप और एम्बुलेंस में लोगों को लादकर लोहिया अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर घायलों को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।

क्षत विक्षत पड़े थे शव , घायलों को देख सहम गये लोग

हादसे में प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों के शरीर बुरी तरह क्षत विक्षत हो गए। कर्मचारियों के केवल धड़ मिले जबकि घायलों में किसी के हाथ व पैर तक उड़ गए थे। दो कर्मचारियों की मौके पर मौत हो गई। प्लांट के बाहर खून से लतपथ कर्मचारी जिंदगी की दुहाई देकर तड़पते रहे।

घायल कर्मचारियों तो देख लोग दहशत में आ गए। किसी के शरीर के दूर जा गिरे थे तो किसी के दोनों पांव के चिथड़े उड़ गए थे। हर तरफ खून के छींटे और मांस के लोथड़े फैले हुए थे । मदद के लिए दौड़ कर पहुंची पुलिस भी एक बार मंजर देख सहम गई थी।

 

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिनहट के ऑक्सीजन प्लांट में रिफीलिंग के दौरान सिलेंडर फटने की दुर्घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने दुर्घटना के कारणों की जांच किये जाने के निर्देश भी दिये हैं।

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