बेशकीमती रेडियोएक्टिव पदार्थ कैलिफोर्नियम के साथ आठ गिरफ्तार,19 करोड़ रुपये प्रति ग्राम कीमत

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-गिरोह के सदस्यों की खंगाली जा रही कुंडली

लखनऊ। राजधानी की गाजीपुर पुलिस ने संदिग्ध रेडियोएक्टिव पदार्थ ‘कैलिफोर्नियमÓ की बिक्री करने वाले एक गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस पदार्थ की शुद्घता परखने के लिए आईआईटी कानपुर भेज रही है। अगर यह वास्तव में कैलिफोर्नियम पाया गया तो इसकी कीमत करोड़ों में होगी।

गाजीपुर इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार मिश्रा के मुताबिक पुलिस टीम ने पॉलीटेक्निक चौराहे के पास आठ संदिग्ध व्यक्तियों को तलाशी के लिए रोका तो उनके पास से एक संदिग्ध पदार्थ (वजन 340 ग्राम) और दस हजार रुपये नकद मिले। जब आरोपियों से इस पदार्थ के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि यह कैलिफोर्नियम है जो कैंसर रोगियों के इलाज तथा गैर कानूनी काम में इस्तेमाल किया जाता है।

इस संदिग्ध रेडियोएक्टिव पदार्थ को जांच के लिये आईआईटी कानपुर भेजा जा रहा हैं। अगर यह पदार्थ कैलिफोर्नियम निकला तो इसकी कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों ने अपना नाम व पता  अभिषेक चक्रवर्ती निवासी कृष्णानगर, महेश कुमार निवासी बिहार,रविशंकर निवासी बिहार, अमित कुमार निवासी कृष्णानगर, शीतल गुप्ता निवासी बाजारखाला व हरीश चौधरी,रमेश तिवारी,श्याम सुन्दर निवासीगण जनपद बस्ती बताया है।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 340 ग्राम संदिग्ध कैलिफोर्नियम, दो बाइक, एक कार व 10 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई है। गिरोह का सगना अभिषेक चक्रवती ने बताया कि कैलिफोर्नियम पदार्थ को बेचने के लिए एकत्र हुए थे। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के अभी कई और सदस्य हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। गिरोह में बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई सदस्यों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है।

बिहार से बेचने के लिए लाया गया था कैलिफोर्नियम

इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि महेश और रविशंकर बिहार से इस पदार्थ को लेकर आए थे। वहां कोयले की खदान में काम करने वाले किसी व्यक्ति ने दिया था। उसने भी बताया था कि यह कैलिफोर्नियम पदार्थ है।

बहुत महंगा बिकता है। बिक्री करने के लिए यह दोनों लखनऊ ले आए थे। यहां अभिषेक से संपर्क किया। इसके बाद अभिषेक बीते जनवरी माह से गिरोह के साथ कैलिफोर्नियम लेकर बिक्री के लिए घूम रहा था। जनवरी के आखिरी सप्ताह में अभिषेक ने गोमतीनगर निवासी प्रापर्टी डीलर शशिलेश से संपर्क किया था। शशिलेश से सौदा तय हुआ था।
जिससे 1.20 लाख रुपये अग्रिम धनराशि भी ले ली थी। लेकिन उनको धातु नहीं बेची। इस धातु का सौदा दूसरे व्यक्ति से किया था। जिससे 50 लाख रुपये एडवांस लेना था। धातु बेचने का सौदा पक्का  करने व दिखाकर एडवांस की रकम हासिल करने के लिए ही लखनऊ में गिरोह के आठो सदस्य जुटे थे।

 

क्या है कैलिफोर्नियम

कैलिफोर्नियम एक रेडियोऐक्टिव पदार्थ है। इसका आविष्कार 1950 में कैलिफोर्निया में किया गया था। इसका प्रयोग विस्फोटक और लैंड माइंस का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसे कैंसर के इलाज में भी उपयोग किया जाता है। इसकी इंटरनेशनल मार्केट में 27 लाख डॉलर यानि करीब 19 करोड़ प्रति ग्राम है। यह प्राकृतिक पदार्थ नहीं है। लैब में मानव निर्मित पदार्थ है।

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