e-pathshala : मोबाइल एप्लीकेशन से जुड़ रहे मदरसे के स्टूडेंट्स,इस एप्लीकेशन में छिपी 15 भाषाओं की किताबों का ज्ञान

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e-pathshala लखनऊ। बीते एक साल से शिक्षा के क्षेत्र में रोजाना बदलाव दिखने को मिलते हैं। अब कान्वेंट स्कूल के अलावा परिषदीय स्कूल की सभी व्यवस्थाएं टेक्नोलॉजी पर आश्रित हो चुकी हैं । तो वहीं मदरसों में मजहबी तालीम लेने वाले स्टूडेंट्स पीछे न रहें। इसके लिए सरकार ने एक पहल शुरु की थी। जिनमें मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को भी ई-पाठशाला मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ा गया है। यह जानकारी एनसीआरटी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर हैशटैग की है।

दरअसल, साल भर पहले अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरपी सिंह ने सभी मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त मदरसों को ई-पाठशाला मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने के लिए आदेश दिया था। वहीं एमएचआरडी मिनिस्ट्री ऑफ ह्ममेन रिसोर्स डेवलपमेंट और एनसीआरटी नेशनल कांउसलिंग ऑफ एजुकेशन रिर्सच एंड ट्रेनिंग एप्लीकेशन की मदद से एनसीआरटी की सभी किताबें मोबइल व टैबलेट पर आसानी से एक्सेस की गई हैं । इसके लिए यूर्जस को एनसीआरटी के ई-पाठशाला एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा । फिर सभी किताबों को मोबाइल पर पढ़ सकते हैं ।

e-pathshala : 15 भाषाओं में मौजूद

एनसीआरटी के ई-पाठशाला मोबाइल एप्लीकेशन में करीब मजहबी किताबों के अलावा 15 भाषाओं की किताबों दी गई है। जिसे आॅनलाइन तरीके से पढ़ा जा सकता है। वहीं जरूरत पड़ने पर इस डाउनलोड कर सुरक्षित भी रखा जा सकता है। खासतौर पर इस एप्लीकेशन की चार कैटेगरी भी दी गई हैं। जहां बच्चों को किताबों के अलावा आॅडियो-वीडियो के आॅप्शन भी दिए गए हैं। वहीं अभिभावकों के लिए करिकुलम रिसोर्स और लार्निंग आउटकम का भी ऑप्शन दिया गया है।

इंटरमीडिएट तक स्टडी मैटेरियल्स

एनसीआरटी के ई-पाठशाला एप्लीकेशन सभी स्टूडेंट्स के लिए मaददगार साबित है। इसने पहली क्लास से लेकर इंटरमीडिएट तक किताबों उपलब्ध हैं। साथ ही सभी किताबों हिन्दी, इंग्लिश व उर्दू भाषा में हैं। स्टूडेंट्स अपने पसंदीदा सब्जेक्ट को पढ़ सकते हैं बल्कि कुछ प्वांइट को लेकर पढ़ाई के लिए संग्रह भी कर सकते है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं मसलन, सिविल सर्विसेज, यूपीएसएससी, बैंकिंग, रेलवे की तैयारी के लिए भी सहयोगी है।