दिवंगत पत्रकार मुरली मनोहर सरोज के नाबालिक बच्चों के लिए सरकारी सहायता हेतु पत्रकार बंधुओं ने किया धरना प्रदर्शन

अभी हाल ही में आगरा में थाना खंदौली क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए एक हादसे में उत्तर प्रदेश के जिले अमेठी की तहसील गौरीगंज के गौरीगंज थाना क्षेत्र जामू रोड पर स्थित ग्राम बिशन दास पुर निवासी।

लखनऊ के पत्रकार मुरली मनोहर सरोज के साथ उनकी पत्नी व अन्य परिवारी जन के साथ कुल 5 व्यक्तियों के एक्सीडेंट के दौरान गाड़ी में आग लगने के कारण एक साथ सभी जल गए थे जिससे उन सब का असामयिक निधन हो गया एवं निधन के बाद अनाथ हो गए मुरली मनोहर सरोज के दो नाबालिग बच्चों को सरकारी सहायता देने की मांग के लिए आज लखनऊ के इको गार्डन स्थित धरना स्थल पर।

देश की अग्रणी संस्था भारतीय पत्रकार एवं मानवाधिकार परिषद के बैनर तले धरना देकर जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किए गए। धरने का नेतृत्व कर रहे परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि इस दुखद हादसे के बाद मुरली मनोहर सरोज के दो बच्चों के भावी जीवन के लिए बहुत सीमित विकल्प शेष रह गए हैं।

और ऐसे में इस बात की महती आवश्यकता है कि राज्य इन अनाथ हो चुके दो बच्चों के संरक्षक की भूमिका में सोता स्पूर्ति रूप से आगे आकर इन बच्चों की शिक्षा सरकारी नौकरी और एकमुश्त मुआवजा धनराशि की मुकम्मल व्यवस्था करें ताकि अनाथ हो चुके इन बच्चों की सामाजिक सुरक्षा भरण पोषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निवारण सम्मानजनक रूप से हो सके।

संस्था द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के दृष्टिगत दिवंगत पत्रकार मुरली मनोहर सरोज के नाबालिक बच्चों की स्नातक स्तर तक की निशुल्क शिक्षा की सरकारी व्यवस्था कराने,

व शिक्षा पूरी होने के बाद बड़े बच्चे के लिए अभी से एक सरकारी नौकरी आरक्षित करने एवम् बच्चों की सामाजिक सुरक्षा भरण पोषण और स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए रुपया एक करोड़ का एकमुश्त मुआवजा देने का आदेश जल्द से जल्द करें की अपील की।

NEWS24ON से बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास रिपोर्ट

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