सूदखोरी में अधिवक्ता के भाई की हत्या कर शव नहर में फेंका, चार गिरफ्तार, पुलिस की थ्योरी पर गंभीर आरोप

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अधिवक्ता भाई ने पुलिस की थ्योरी पर लगाए गंभीर आरोप

लखनऊ। कैसरबाग के रहने वाले अधिवक्ता के लापता भाई की उसी दिन हत्या कर दी गई थी जिस दिन वह लापता हुआ था।

हत्यारों ने हत्या के बाद शव को सीतापुर स्थित शारदा नहर में फेंक दिया। हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

टायर कारोबारी की सूदखोरी के चक्कर में हत्या करने की बात सामने आई है। वह 14 दिसंबर को घर से निकले थे और तब से उनका पता नहीं चल रहा था।

हालांकि मृतक का शव अभी बरामद नहीं हो पाया है। पुलिस गोताखोरों की मदद से आरोपियों की निशानदेही पर शव की खोजबीन में जुटी है।

टायर कारोबारी का शव नहीं हुआ बरामद,तलाश जारी

कैसरबाग खंदारी बाजार निवासी मो.शोएब खान टायर के कारोबार के साथ ही ब्याज पर लोगों को रुपये भी देता था। शोएब 14 दिसंबर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था।

अधिवक्ता भाई अमीर हमजा ने 15 दिसंबर को गुमशुदगी दर्ज करायी थी। इतना ही नहीं पुलिस कमिश्नर से मिलकर तलाश करने की गुहार लगाई थी।

पुलिस उपायुक्त पश्चिम सोमेन वर्मा के मुताबिक गुमशुदा की तलाश के लिए एसीपी कैसरबाग व क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक विश्लेषण और डीसीपी पश्चिमी की सर्विलांस टीम शोएब की काल डिटेल और सीसीटीवी खंगाल जांच में जुटी थी।

छानबीन के दौरान पता चला कि गुमशुदा मो.शोएब की अंतिम कॉल लोकेशन थाना हसनगंज क्षेत्र के खदरा मोहल्ले में प्राप्त हुई थी।

इसी क्रम में यह पता चला कि शोएब खदरा क्षेत्र में नसीम अहमद उर्फ राजा के पास अक्सर जाता था। सीसीटीवी फुटेज से गुमशुदा मो. शोएब के वहां जाने की पुष्टि हुई। राजा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने शोएब की अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की बात कबूल कर ली।

गिरफ्तार आरोपियों ने अपना नाम व पता नसीम अहमद उर्फ राजा,शोएब खान उर्फ टोपी,मो.अकील निवासीगण खदरा हसनगंज व शादाब निवासी जनपद सीतापुर बताया है। आरोपियों के कब्जे से मृतक शोएब की अपाचे बाइक, हाफ डाला, मृतक की अंगूठी,पर्स में रखा आधार कार्ड, 2500 रुपये की नकदी और आला कत्ल लोहे का रॉड बरामद हुआ है।

एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि सूदखोरी में मो.शोएब की हत्या की गई है। हत्याकांड में अब तक की तफ्तीश में सिर्फ चार लोगों के शामिल होने की बात सामने आयी है। पुलिस का दावा है कि आरोपितों ने पहले कभी सूदखोरी की शिकायत पुलिस से नहीं की थी।

बेइज्जती से तंग आकर बनायी हत्या की योजना

गिरफ्तार आरोपी नसीम उर्फ राजा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मो. शोएब खान से पिछले ढाई वर्षों में 20 लाख रुपये ब्याज पर लिया है।

ब्याज की दर काफी अधिक होने के कारण हर माह ब्याज एवं मूलधन के रूप में भारी रकम चुकानी पड़ती थी जो मेरी क्षमता के बाहर थी। जिससे बहुत परेशान हो गया था। प्रतिमाह चुकाये जाने वाले रकम की अदायगी के लिए मो. शोएब से ही और पैसा लेना पड़ता था।

इसी तरह टायर कारोबारी शोएब खान उर्फ टोपी ने भी मो. शोएब खान से 9 लाख रुपये उधार लिये थे। आरोपियों ने बताया कि जब हम लोग समय पर कर्ज की रकम मो. शोएब को वापस नहीं कर पाते थे तो वह हमें बहुत बेइज्जत करता था और धमकी भी देता था।

उसका भाई अमीर हमजा वकील है। वह इस बात की धमकी भी हम लोगों को देता था कि मैं तुम्हें फर्जी केसों में फंसा दूंगा। तंग आकर बीते 11 दिसंबर को मो.शोएब की अगवा कर हत्या की योजना बनायी।

हाफ डाला में टायरों के बीच शव रखकर ले गये सीतापुर

गिरफ्तार आरोपी नसीम उर्फ राजा व शोएब उर्फ टोपी ने बताया कि योजना के तहत मो. शोएब को रास्ते से हटाने के लिए हसनगंज के रहने वाले मो.अकील से संपर्क किया गया। 50 हजार पर बात तय कर उसे अपनी योजना बताकर शामिल कर लिया। योजना के तहत तय हुआ कि मो. शोएब नियमित रूप से पैसा लेने के लिए हम लोगों के पास खदरा आता है।

नसीम उर्फ राजा ने बताया कि 14 दिसम्बर को जब शोएब दोपहर में पैसा लेने के लिए खदरा आया तो हम लोग साथ में बैठकर कोल्ड ड्रिंक पिये। योजना के तहत मो.शोएब को शोएब टोपी के टायर के गोदाम में ले जाया गया।
वहां शोएब टोपी, मो. अकील के साथ पहले से ही मौजूद था। जब शोएब टोपी के साथ गुमशुदा मो. शोएब बातचीत कर रहा था। तभी पीछे से मो. अकील ने योजना के अनुसार लोहे की रॉड से उसके सिर पर कई वार कर दिये जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को प्लाटिक के थैले में अच्छे से लपेट दिया ताकि रास्ते में किसी को शक न हो।

फिर हम लोगों ने अपने पूर्व परिचित हाफ डाला चालक शादाब से संपर्क कर उसे गोदाम पर बुलवा लिया। शादाब 5000 रुपये में मृतक का शव नहर में फेंकने के लिए राजी हो गया। 14 दिसंबर की रात को ही हाफ डाला में मो.शोएब के शव सीतापुर स्थित शारदा नहर सरैया पुल के पास पानी में फेंक दिया।

दो प्रतिशत ब्याज पर प्रतिदिन वसूलता था सूद

डीसीपी पश्चिम ने बताया कि छानबीन में पता चला है कि शोएब के पास साहूकारी अधिनियम के तहत कोई लाइसेंस नहीं था। बावजूद इसके वह दो प्रतिशत ब्याज प्रतिदिन के हिसाब से सूद लेते थे। सूद की रकम ज्यादा होने के कारण देनदार को फिर से कर्ज लेना पड़ता था।

नसीम और टोपी ने शोएब को सूद वापस करने के लिए उसी से रुपये दोबारा उधार लेना पड़ा था। आरोपितों ने हत्या के बाद शोएब की बाइक इटौंजा रेलवे स्टेशन के पास झाडिय़ों में छिपा दी थी, जिसे बरामद कर लिया गया है।

कैसरबाग प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक के मोबाइल को सुल्तानपुर सड़क के पास फेंक दिया था। पुलिस टीम शारदा नहर से शव बरामद करने का प्रयास कर रही है।

पीडि़त परिजनों से मिले पुलिस कमिश्नर

पुलिस द्वारा सूदखोरी के आरोप लगाने के मामले में अधिवक्ता भाई अमीर हमजा ने नाराजगी जतायी है।

उनका कहना है कि उनका भाई मो.शोएब पांचों वक्त का नमाजी था। ब्जाय की रकम हराम है। कारोबार के लिए हत्या करने वाले आरोपियों को रुपया उधार दिया था। पुलिस ने जल्दबाजी में मृतक मो.शोएब को सूदखोर बताकर पल्ला झाड़ लिया। जो बिल्कुल बेबुनियाद है।

अधिवक्ता ने बताया कि मामले में पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। उधर देर रात पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर परिजनों से मुलाकात करने मृतक मो.शोएब के घर पहुंचे।

पुलिस कमिश्नर ने रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ और मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही है।