राम मंदिर निर्माण कार्य में स्कूल के प्रबंधक ने किया योगदान

Spread the love

श्री राम जन्मभूमि पर भव्य श्री राम मंदिर भारतीय मन की सास्वत प्रेरणा है इसके लिए श्री राम भक्तों ने 492 वर्षों तक अनवरत संघर्ष किया है अतीत के 76 वर्षों में 400000 से अधिक राम भक्तों ने बलिदान दिया लगभग 36 वर्षों के श्रृंखलाबद्ध अभियानों के फल स्वरुप संपूर्ण समाज ने लिंग जाति वर्ग भाषा संप्रदाय क्षेत्र आदि वेदों से ऊपर उठकर एकमत भाव से श्री राम मंदिर के लिए अप्रतिम त्याग और बलिदान किया।

परिणाम स्वरूप 9 नवंबर 1989 को श्री राम जन्मभूमि पर शिलान्यास कर पूज्य संतों की उपस्थिति में अनुसूचित समाज के बंधु श्री कामेश्वर चौपाल ने किया . यह विषय न्यायालय की लंबी प्रक्रिया में फस गया था तथापि पौराणिक सक्षम एवं पुरातात्विक उत्खनन राडार तरंगों की फोटो प्रणाली तथा ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर उच्चतम न्यायालय की 5 सदस्यीय पीठ ने 9 नवंबर 2019 को सर्वसम्मति से एकमत होकर निर्णय देते हुए कहा यह 14000 वर्ग फिट भूमि श्री राम लला की है।

नवीन कास्ट मंदिर में विराजमान

सत्य की प्रतिष्ठा हुई तथ्यों और प्रमाणों के साथ श्रद्धा आस्था और विश्वास की विजय हुई भारत सरकार ने 5 फरवरी 2020 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से न्यास का गठन कर अधिग्रहित 70 एकड़ भूमि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को सौंप दी तदुपरांत 25 मार्च 2020 को श्री राम लला त्रिपाल के मंदिर से अपनी अस्थाई नवीन कास्ट मंदिर में विराजमान हुए .

5 अगस्त 2020 को सदियों के स्वप्न संकल्प सिद्धि का वह अलौकिक मुहूर्त उपस्थित हुआ जब पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी सहित देशभर के विभिन्न आध्यात्मिक धाराओं के प्रतिनिधि पूज्य आचार्य संतों एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत जी के पावन सानिध्य में भारत के जनप्रिय एवं यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भूमि पूजन कर मंदिर निर्माण का सूत्र पात्र किया।

धर्मशाला तथा अन्य समाज उपयोगी स्थानों का निर्माण कराना

इस शुभ मुहूर्त में देश के 3000 से भी अधिक पवित्र नदियों एवं तीर्थों का जल विभिन्न जाति जनजाति श्रद्धा केंद्रों तथा बलिदानी कारसेवकों के घर से लाई गई रज मिट्टी ने संपूर्ण भारतवर्ष को आध्यात्मिक रूप से भूमि पूजन में उपस्थित कर दिया दान भारतीय सनातन समाज की पुरातन विशेषता रही है विद्यार्थी 1 प्रति सन्यासी बिच्छू इत्यादि को जीवन यापन हेतु संसाधन उपलब्ध कराना मंदिर एवं तीर्थों में धर्मशाला तथा अन्य समाज उपयोगी स्थानों का निर्माण कराना सहयोग करना समाज के श्रीमंत ओं का शाश्वत स्वभाव रहा है .

सौभाग्य प्राप्त किया

यह सामाजिक कर्तव्य भी माना गया है इसी प्राचीन परंपरा के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण हेतु समस्त समाज से सात्विक दान का आग्रह एवं सहयोग का आवाहन करता है महासागर पर सेतुबंध के समय गिलहरी की भांति इस पुनीत यज्ञ में यथाशक्ति योगदान कर पुण्य के भागी वन सौभाग्य प्राप्त किया है।

इसी प्रकरण में राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना अंतर्गत चिरंजीव भारतीय स्कूल के प्रबंधक मैनेजर सेना से रिटायर्ड कर्नल राजाराम जी ने मंदिर के निर्माण कार्य में 50000 की धनराशि चेक द्वारा प्रदान किया मंदिर निर्माण कार्य के लिए धनराशि प्रदान की गई जिसमें दक्षिण भाग कारवां श्याम जी जो आर एस एस के भाग कार्यवाह संत रविदास नगर कार्यवाह जीते जी एवं शिवाजी शाखा कार्यवाह गोविंद जी उपस्थित रहे .

कर्नल राजाराम जी ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग यह हमारी किस्मत है कि हम इस कार्य में अपना अंश रूपी सहयोग प्रदान कर रहे हैं और इतने दिनों के बाद यह अवसर हमें प्राप्त हुआ है तो हम सभी लोगों को एकजुट होकर मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग करना चाहिए

वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published.