suspend : पुलिसकर्मियों पर ब्रम्हास्त्र बनी लाइन हाजिर और सस्पेंड की कार्रवाई

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suspend : -खाकी का दामन दागगार, पुलिस पर आरोपों का प्रहार

-राजधानी में पुलिस पर लगातार लग रहा रिश्वत लेने का आरोप

suspend : लखनऊ। राजधानी में कमिश्नरेट प्रणाली लगने के बाद लोग शहर को अपराधमुक्त होने और जनता के प्रति पुलिस का रवैया संवेेदी होने का सपना बुन रहे थे। असर में यह सपना लोगों से कोसों दूर छूट गया है।

नई प्रणाली लागू होने के बाद राजधानी में लखनऊ पुलिस का दूसरा चेहरा लोगों के सामने बेनकाब होने लगा है। डेढ़ साल से पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने, झूठे मुुकदमें या फिर फरियादियों को थाने से टकरा देने वाली तमाम घटनाएं उजागर हुई है।

हाल ही कृष्णानगर पुलिस का भी एक सच जनता के समाने आया है। जो इस वक्त सुर्खियों में छाया हुआ है। जहां एक महिला ने आलमबाग नहरीया बीच चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी में ओला ड्राइवर पर थप्पड़ों की बौछार कर दी थी।

suspend :अब महिला पर मुकदमा दर्ज

वहीं पुलिस ने महिला का पक्ष रखते हुए ड्राइवर को उल्टा थाने में बंंद कर दिया। जब सीसीटीवी में हकीकत पता चली तो पुलिस ने अपनी दलीलें पेश करते हुए अब महिला पर मुकदमा दर्ज किया है।

वहीं ड्राइवर का कहना है कि पुलिस ने दस हजार रूपए लेकर उसे व उसकी कैब को अपनी हिरासत से रिहा किया था। अब दरोगा और सिपाही एक दूसरे पर पैसा लेने का संगीन आरोप लगा रहे हैंं। इसकी रिपोर्ट भी कमिश्नर को सौंपी जा चुकी है।

वहीं चौकी इंचार्ज ने इंस्पेक्टर को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। कहा कि वह खुद को बचाने के लिए मुझे झूठा फंसा रहे हैं। हालांकि, इस घटना एक बानगी मात्र है। ऐसे तमाम घटनाएं उजागर हुई है। जिसको देखकर जनता के जहन में पुलिस के प्रति दूसरी तस्वीर निकल कर समाने आती है।

इसे भी पढ़े: लखनऊ में बीच चौराहे पर हाइवोल्‍टेज ड्रामा, युवती ने कार चालक को जड़े तमाचे पे तमाचे

गौरतलब है कि 30 जुलाई को आलमबाग नहरीया चौराहे पर हुए हाईवोल्टेज ड्रामा ने हलचल पैदा कर दी है। जहां एक पुलिस की मौजदूगी में कैब ड्राइवर सआदत अली को थप्पड़बाज लड़की प्रियदर्शिनी नारायण ने उसकी जमकर पिटाई की और उसका सेलफोन भी तोड़ दिया था। लगभग आधे घंटे तक बीच चौराहे पर युवती का ड्रामा चलता रहा और ड्राइवर को थप्पड़ मारती रही।

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यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरफ वायरल हो गया, जिसके बाद ट्विटर पर हैशटैग पर ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले का सच सामने आया और फिर पुलिस ने महिला के खिलाफ लूट और मारपीट करने की धाराओं में केस दर्ज किया।

पहली घटना: मास्क न पहनने पर भाजपा नेता के बेटे को पैरों के बीच दबाकर पीटा

21 जून को सुशांत गोल्फ सिटी में थानाक्षेत्र में मास्क न पहनने पर पुलिस ने 12 वीं के छात्र को पैरों के बीच दबाकर बेरहमी से पीटा था। पुलिस की पिटाई का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद सांसद कौशल किशोर ने सीएम योगी से पुलिस की बर्बरता शिकायत की थी। जिसके बाद खुर्दही बाजार चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया।

वहीं पूरे मामले की जांच एसीपी मोहनलालगंज को सौंपी गई है। जांच में पता चला था कि भाजपा नेता के बेटे को पुलिसकर्मियों ने अपना शिकार बनाया था। मुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिस के आलाधिकारियों ने दारोगा संजय शुक्ला, सिपाही राजेश कुमार और दिनेश को सस्पेंड कर दिया। डीसीपी दक्षिणी रवि कुमार ने बताया कि वीडियो के आधार पर दारोगा और सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है।

दूसरी घटना : सिपाही और मुखबिर पर लगा टप्पेबाजी का आरोप

कृष्णानगर थाना क्षेत्र में 30 मई को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ। थाने के विजयनगर चौकी पर तैनात सिपाही देवेश ने मुखबिर के साथ मिलकर कानपुर के रहने वाले व्यापारी का 10 लाख रुपये गायब कर दिया था। दो जून को सच्चिदानंद की तहरीर पर 10 लाख की टप्पेबाजी का केस दर्ज हुआ।

कुछ दिन बाद पुलिस ने अपने ही मुखबिर अजीत मौर्या निवासी काकोरी गिरफ्तार कर जेल के चाहर दीवारी में भेज दिया। हालांकि मामले में आरोपी के पास से कुछ भी नकदी बरामद हुई थी। वहीं सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया था। फिलहाल अभी तक गायब हुए रुपयों की बरामदगी नहीं हो पायी है।

तीसरी घटना : मासूम के सामने चौकी के अंदर मां को बंदकर पीटा

कुछ रोज पहले सोशल मीडिया में सहादतगंज कोतवाली पुलिस की एक करतूत सामने आई थी। जहां पति-पत्नी के विवाद में पुलिसकर्मियों ने देर रात एक महिला से गाली-गलौज करते हुए उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

इसके बाद पुलिसकर्मी महिला को जबरन चौकी ले गए थे। जहां महिला का बेटा अपनी मां को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों से गुहार लगाता दिखाई पड़ा था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीज़ा।

जब मामला तुल पकडऩे लगा तो पुलिसकर्मियों ने महिला को समझाने के बहाने चौकी के अंदर बुला लिया। इसके बाद दरवाज़ा बंद कर पुलिसकर्मियों ने महिला को बुरी तरह पीट दिया था।

महिला जोर-जोर चीखना और मदद के लिए गुहार लगाना इस बात का प्रमाण दे रहा था। हालांकि, जब यह वीडियो कमिश्नर डीके ठाकुर तक पहुंचा तो उनके आदेश पर चौकी में तैनात दारोगा को लाइन जाहिर कर दिया था।

चौथी घटना : सीमावती क्षेत्र में दिव्यांग को टहलाती रही पुलिस

25 जुलाई को मौरा गांव निवासी सोनू पाल ई-रिक्शा लेकर रोजाना की तरह निकला था। सोनू के मुताबिक वह आइआइएम रोड की तरफ जा रहा था। इस बीच दो युवकों ने रास्ते में रोका और बीकेटी तक रिक्शा बुक कराया।

रास्ते में उन्होंने नशीली चाय पिलाई। चाय पीने के बाद बेहोश हो गया। 26 जुलाई को होश आया तो खुद को बीकेटी क्षेत्र स्थित सौ-शैय्या संयक्त चिकित्सालय में पाया। ई-रिक्शा, मोबाइल और पर्स लापता थी।

पड़ताल में पता चला कि दोनों युवक ई-रिक्शा लूट ले गए और उसे भौली में सड़क किनारे फेंक गए थे। बीकेटी पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था। घटना के बाद से पीडि़त मां खुशबू के साथ बीकेटी थाने से काकोरी के चक्कर काट रहा था।

सीमा विवाद में उलझी पुलिस उसे टरका रही थी। जब आलाधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया तो काकोरी और बीकेटी इस्पेक्टर ने अपनी-अपनी गर्दन बचाने के लिए एक ही घटना का मुकदमा दोनों थानों में दर्ज कर लिया है।