BJP MP : अय्याशी के लिए भाजपा सांसद के बेटे ने थाईलैंड से बुलाई थी युवती, सपा प्रवक्ता का आरोप

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BJP MP : लखनऊ में थाईलैंड से आई युवती की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद मामले की परतें खुलतीं चली जा रही है।

इस मामले में पहले तो एक बड़े व्यापारी की बात सामने आ रही थी। लेकिन एक एक सपा प्रवक्ता के ट्वीट से हड़कंप मच गया है।

सपा प्रवक्ता आईपी सिंह के ट्वीट में आरोप भाजपा सांसद पर लगे हैं।

आईपी सिंह के ट्वीट के अनुसार थाईलैंड से युवती को बीजेपी के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने बुलाया था।

आईपी सिंह ने ट्वीटर पर संजय सेठ की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है कि इस वक्त देश इतनी बड़ी आपदा में है,

लोग कोरोना से जंग लड़ रहे है जबकि बीजेपी सांसद के बेटे विदेश से कॉल गर्ल बुला रहे हैं।

इसके बाद उन्होंने यूपी पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि क्या यूपी पुलिस में हिम्मत है जो सांसद के बेटे पर कार्रवाई करेगी।

विदित हो कि शनिवार को मामला गरमाने पर काफी तूल पकड़ गया था।

हालांकि पुलिस ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया था।

वहीं इस मामले में सपा प्रवक्ता द्वारा लगाए गए आरोपो पर संजय सेठ का कहना है कि,

उन्होंने लखनऊ कमिश्नर को पत्र लिखकर जाँच की माँग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

BJP MP : जल्दबाजी में करा दिया अंतिम संस्कार

इसके साथ ही अब पुलिस पर आरोप भी लग रहे हैं। माना जा रहा है कि मामला हाई प्रोफाइल व सत्ताधारी नेता से,

जुड़ा होने के चलते पुलिस ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करा दिया।

वहीं युवती का अंतिम संस्कार कराने वाले इंस्पेक्टर विभूतिखंड चंद्रशेखर की माने तो मामला उनके क्षेत्र का था,

और लोहिया से प्राप्त हो गया था जिसके बाद उन्होंने अंतिम संस्कार करवा दिया।

वहीं ममले के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नही हैं।

वहीं सूत्रों की माने तो पुलिस राजस्थान के उस एजेंट के बारे में भी पता लगाने में जुट गई है.

जिसके द्वारा मृतका लखनऊ आई थी। वहीं पुलिस भी पैर पसार रहे इंटरनेशनल सेक्स रैकेट के बारे में पता लगाने में भी जुट गई है।

सात लाख खर्च करने की आई थी बात

लखनऊ में थाई युवती की मौत के बाद बड़ा खुलासा यह हुआ था कि युवती को बुलाने के लिए पूरे सात लाख रुपये खर्च किये गए थे।

हजरतगंज इलाके में उसके लिये होटल बुक किया गया था। वहीं सूत्रों की माने तो जिस सलमान को युवती का गाइड बताया जा रहा है.

वह भी लखनऊ का एजेंट ही है। 3 मई को युवती की कोरोना से मौत हो गई,, इससे पहले उसे 28 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

युवती की मौत के बाद से मामला खुला तो जिम्मेदारों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

अब लखनऊ का नाम इंटरनेशनल कॉल गर्ल रैकेट में आ गया है।

बेटे ने खुद किया था थाईलैंड एम्बेसी में फोन

इलाज के दौरान जब कॉल गर्ल की तीन मई को मौत हो गई तो व्यापारी पुत्र ने खुद ही थाइलैंड एंबेसी सम्पर्क भी किया।

मामला दो देशों के बीच होने के कारण खुल गया। इस प्रकरण की जब पुलिस ने जांच की तो एक के बाद एक कई खुलासे हुए।

मालूम चला कि इस कॉल गर्ल को अभी 10 दिन पहले ही लखनऊ व्यापारी के बेटे ने सात लाख रुपए खर्च करके थाईलैंड से बुलाया था।

दो दिन बाद ही वह बीमार पड़ गई तो उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन मई को उसकी मौत हो गई।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि व्यापारी के बेटे ने कॉल गर्ल की तबियत बिगडऩे पर खुद थाईलैंड एंबेसी को फोन करके इसकी जानकारी दी थी।

इसके बाद एंबेसी ने भारत के विदेश मंत्रालय की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया था।

पुलिस के अनुसार यह कॉल गर्ल राजस्थान के रहने वाले एक ट्रैवेल एजेंट के संपर्क में थी।

संपर्क में आये लोगो को चिन्हित करना चुनौती

लखनऊ में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। हालांकि रिकवरी रेट बढ़े है लेकिन फिर भी कोरोना चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन लगा हुआ है।

ऐसे में अब थाईलैंड की युवती की कोरोना से मौत के बाद उसके संपर्क में आये लोगो को चिन्हित करना बड़ी चुनौती है।

बताया जा रहा है कि युवती को दस दिन पहले थाईलैंड से भारत बुलाया गया था। और चार दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ गयी।

इस बीच यकीनन युवती के संपर्क में कई लोग आए होंगे।

वहीं सूत्र बताते है कि युवती लखनऊ आकर व्यापारी पुत्र के साथ ही रह रही थी लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उसे एडमिट करवा दिया गया।

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