बॉलीबुड फिल्म OMG ‘ओएमजी से प्रेरित होकर वसीम रिजवी ने लिखी एक और विवादित पटकथा

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-वसीम रिजवी को विवादित बयानों के चलते मिल चुकी है धमकियां
-कुरान की आयत के विवाद में अब सआदतगंज थाने में दी गई तहरीर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिया वक्र्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष व फिल्म निदेशक-निर्माता वसीम रिजवी हमेशा अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं। इन दिनों वसीम रिजवी बॉलीवुड फिल्म OMG‘ओएमजी’ से प्रेरित होकर मुस्लिम धर्म के पवित्र कुरान सेे 26 आयतों को हटाने के मामले में सुर्खियों में हैं। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। इसके बाद से पूरा मुस्लिम समुदाय उनके विरोध में है। उनका जगह-जगह पुतला फूंका जाने के साथ ही उनके खिलाफ राजधानी लखनऊ से लेकर अन्य जनपदों में मुकदमा दर्ज कराए जाने की तहरीर दी गई है।

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गौरतलब हो चलें कि वर्ष 2012 बॉलीवुड फिल्म OMG ‘ओएमजी’ रिलीज हुई थी। जिसमें मुख्य किरदार में बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार,परेश रावल व मिथुन चक्रवर्ती थे। इस फिल्म में कांची केे किरदार निभा रहे परेश रावल ने भगवान पर केस दर्ज कराया था। फिल्म में भगवान व श्रद्घा को लेकर फिल्माए गए दृश्य को लेकर काफी विवाद भी हुआ था। हालांकि जहां एक ओर फिल्म हिट हुई वहीं दूसरी ओर कांची ने मुकदमा भी जीत लिया था।

वसीम रिजवी के खिलाफ दर्ज हैं कई मुकदमे

सआदतगंज थाने में कुरान से आयत हटाने के मामले में तहरीर दी गई है। इसके अलावा शिया सेंट्रल बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। वसीम रिजवी पर प्रयागराज और कानपुर में वक्फ  बोर्ड की जायदाद की खरीद और बिक्री में धोखाधड़ी की शिकायत के बाद सीबीआई ने रिजवी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं। वक्फ की जायदाद को लेकर धोखाधड़ी में 8 अगस्त 2016 में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 2017 में लखनऊ के हजरतगंज थाने में कानपुर की वक्फ  जायदाद को ट्रांसफर करने पर केस दर्ज हुआ था।

रिजवी पर संगीन इल्जाम है कि उन्होंने शिया वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए वक्फ की जायदाद की खरीद-बिक्री में घोटाला किया है। लखनऊ में दर्ज हुए मामले में वक्फ  बोर्ड के दो दूसरे अफसरों समेत पांच का नाम सामने आया है। शिया वक्फ  बोर्ड की जायदाद में गड़बड़ी के दोनों मामलों के संज्ञान में आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। वहीं लोगोंं की मानें तो दर्ज मुकदमों में कार्रवाई से बचनेे के लिए वसीम रिजवी विवादित बयान देते रहते हैं।

सुसाइड की धमकी से लेकर दे चुके हैं कई विवादित बयान

वसीम रिजवी हमेशा सुर्खियों में अपने बयानों के चलते बने रहते हैं। शिया वक्फ  बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष वसीम रिजवी ने वर्ष 2019 में अपने बयान में कहा था कि नरेंद्र मोदी दोबारा देश के प्रधानमंत्री नहीं बने, तो मैं अयोध्या में राम मंदिर के गेट के पास जाकर आत्महत्या कर लूंगा। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मदरसे की शिक्षा पर भी सवाल उठाये थे। पत्र मेंं लिखा था कि प्राइमरी स्तर तक के सभी मदरसों को बंद कर दे। यहां पर आतंकवाद को बढ़ावा देने संबंधित शिक्षा दी जाती है।

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वहीं अब गत वर्ष मार्च 2021 में वसीम रिजवी ने कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है। अपनी याचिका में वसीम रिजवी ने कहा है कि कुरान की इन आयतों से आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है। वसीम रिजवी का कहना है कि मदरसों में बच्चों को कुरान की इन आयतों को पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनका जहन कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा है।

तीन फिल्म बना चुके हैं वसीम रिजवी

अयोध्या पर फैसला आने से पहले वसीम ‘राम जन्म भूमि नाम से फिल्म बना चुके हैं। उस फिल्म में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह द्वारा करवाए गए गोलीकांड से लेकर हलाला प्रथा, ट्रिपल तलाक, बाबर के इतिहास, हिंदू और सहिष्णुता जैसे मुद्दों को उछाला है था। यह उनकी पहली फिल्म थी, जो सिनेमाघरों में भी रिलीज हुई थी। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर पाई। इसके बाद वसीम रिजवी ने दूसरी फिल्म बनाई, जो पैगम्बर मोहम्मद साहब की पत्नी आयशा की जिंदगी पर थी। इस फिल्म में इतने विवाद थे कि वह बड़े पर्दे पर रिलीज नहीं हो सकी। इसे इंटरनेट पर ही रिलीज किया जा सका। अब उनकी तीसरी फिल्म ‘श्रीनगर’ तैयार हैं, जो कश्मीरी पंडितों पर आधारित है।

कौन है वसीम रिजवी

वसीम रिजवी के पिता रेलवे के सामान्य कर्मचारी थे। वसीम रिजवी 12 वीं तक की शिक्षा हासिल की और आगे की पढ़ाई के लिए नैनीताल के एक कॉलेज में प्रवेश लिया। लेकिन, अपनी कमजोर मानसिकता और चरित्र खराब होने के कारण उन्हें पढ़ाई छोडऩी पड़ी। इसके बाद वो सऊदी अरब चले गए और एक होटल में काम किया।

बाद में उन्हें जापान जाने का मौका मिला और वहां उन्होंने एक फैक्ट्री में काम किया। इसके बाद उन्हें अमेरिका में काम करने का मौका मिला जहां उन्होंने एक स्टोर में काम किया। लेकिन, अपनी चोरी की आदतों के कारण उन्हें भारत लौटना पड़ा और यहां उन्होंने ट्रेडिंग का काम करना शुरू कर दिया। सामाजिक संबंध अच्छे होने लगे तो उन्होंने नगर निगम का चुनाव लडऩे का फैसला किया। यहीं से उनके राजनीतिक करियर की शुरूआत हुई।

इसके बाद वो वक्फ बोर्ड के सदस्य बने और उसके बाद चेयरमैन के पद तक पहुंचे। वो पिछले दस सालों से बोर्ड बने रहे और लगातार बयानों के कारण चर्चा में बने रहे। उन्होंने अपनी राजनीति चमकाने के लिए मुस्लिम विरोध का सहारा लिया है तथा भारत के मौजूदा हालात में हिंदु मुस्लिम दूरी बढ़ाने में वसीम रिजवी का बड़ा योगदान है। फिलहाल उनके मुस्लिम समुदाय के साथ की उनके भाइयोंं ने उनसे रिश्ता-नाता तोड़ दिया है। 

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