अजीत हत्याकांड: अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का शुरू हुआ पुलिस वेरिफिकेशन

लखनऊ । राजधानी के विभूति खंड थाना क्षेत्र के कठौता पर 6 जनवरी को हुए गैंगवार में अजीत की हत्या हो गई थी, जिसके बाद बदमाशों ने नव विकसित इलाकों के अपार्टमेंट में रुक कर इस पूरी घटना की साजिश रची थी।

अराजक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान

घटना को अंजाम देने के बाद वें उन्हीं अपार्टमेंट में छिपे और देर रात मौका देख कर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस विकसित इलाकों में बने अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का ब्यौरा खंगाल रही है। साथ ही अपार्टमेंट में रहने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ भी विशेष अभियान की शुरुआत कर दी है।

ब्यौरा जुटाने में पुलिस कर्मियों को लगाया

इसके लिए पुलिस ने एक फॉर्मेट भी तैयार किया है। जिसकी एक प्रति फ्लैट मालिक को सत्यापन के रूप में सुपर्द की जाएगी.पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने नई कॉलोनियों के हाई राइज अपार्टमेंट और विला में रहने वाले लोगों का ब्यौरा जुटाने में पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया है।

विशेष अभियान चलाने के निर्देश

वहीं एक अभियान भी विशेष अभियान के रूप में शुरू किया है, जिसके तहत पुलिस कर्मियों को जानकीपुरम, मड़ियांव, गुडंबा, चिनहट, विभूति खंड, सुशांत गोल्फ सिटी, पीजीआई, गोमती नगर, गोमती नगर विस्तार सहित नव विकसित कॉलोनी वालों के लिए थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

दरोगाओं के लिए विशेष टास्क

प्रत्येक दरोगा को इसके लिए विशेष टास्क दिया गया है। इस योजना को सफल बनाने के लिए पुलिस टीम ने आवासीय समिति से भी संपर्क करना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि ’’इस सत्यापन
के काम को दो भागों में बांटकर किया जाना है।

किरायेदारों का सत्यापन

पहली श्रेणी में किराएदार का सत्यापन होगा और दूसरे श्रेणी में अपार्टमेंट के सोसाइटी के लोगों द्बारा रहने वालों की पूरी सूची तैयार करनी होगी। सत्यापन के बाद यह रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर कार्यालय भेजी जानी है।

फॉर्मेट बांटा गया

इसके लिए आवेदन पत्र का फॉर्मेट भी बांटा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि लखनऊ में बढ़ रहे अपराध को रोकने के लिए जिस तरह सत्यापन का काम शुरू किया गया है। वह कितना सफल साबित होता है।

News24on से (हसन राना)

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