अब एक क्लिक से होगी जिंदा या मुर्दा व्यक्ति की शिनाख्त, पुलिस को मिलेगी राहत

हापुड़। अज्ञात शवों व व्यक्तियों की शिनाख्त करना पुलिस के लिए काफी मुशकिल भरा काम होता है। कई मामलों में जहां पुलिस को सफलता मिलती है। वहीं कुछ मामलों में पुलिस शिनाख्त हीं नहीं कर पाती है। लेकिन, शायद अब पुलिस को इस समस्या से निजात काफी हद तक निजात मिल सकेगी। क्योंकि, क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के यूएनआईएफवाई पोर्टल के जरिए अब पुलिसकर्मी अपने मोबाइल फोन पर एक क्लिक से ऐसे मामलों में शिनाख्त कर सकेंगे।

(CCTNS) सीसीटीएनएस से प्रदेशभर की पुलिस लगातार रूप से हाईटेक हो रही है। जनरल डायरी  (GD) जीडी, एफआइआर, केस डायरी (CD) सीडी, आरोप पत्र (चार्जशीट), अंतिम रिपार्ट (एफआर) से लेकर अन्य कार्य सीसीटीएनएस के तहत ऑनलाइन हो रहे हैं। इसके अलावा पुलिस को पुराने अपराध व अपराधियों के संबंध में आसानी से जानकारी प्राप्त मिल जाती है। लेकिन, आज भी अज्ञात शवों व लापता लोगों की शिनाख्त करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

सबसे अधिक परेशानी नाबालिक बच्चों व क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने वाले शवों पहचान करने में होती है। लेकिन, अब विभाग ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने की कवायद शुरू कर दी है। एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय से एक पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र में जनपद के अधिकारियों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम CCTNS (सीसीटीएनएस) के यूएनआईएफवाई पोर्टल को सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन में डाउनलोड कराने के निर्देश मिले है। थानावार टीम का गठन कर पोर्टल डाउनलोड कराने का कार्य प्रारंभ करा दिया गया था। इस पोर्टल के जरिए आसानी से अज्ञात शवों से लेकर लापता लोगों के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी।

फोटो उपलोड करते ही हो सकेगी शिनाख्त

CCTNS सीसीटीएनएस के जिला कॉर्डिनेटर मोहसीन सैफी ने बताया कि यूएनआईएफवाई पोर्टल के जरिए देशभर की पुलिस आपस में जुड़ जाएगी। पोर्टल जनपद के अधिकारियों की सरकारी आईडी व पासवर्ड से काम करेगा। किसी लावारिश शव या लापता व्यक्ति के मिलने पर अगर उसके स्वजन ने किसी भी थाने में रिपोर्ट या गुमशुदगी दर्ज कराई होगी। तो पुलिसकर्मी पोर्टल पर उसका फोटो उपलोड करते ही पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। पुलिस द्वारा उपलोड किए गए फोटो से मिलते-जुलते तीन फोटो व उनके संबंध में पूरी जानकारी पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन की स्क्रीन होगी। इससे एक तरफ जहां बिछड़ों को अपनों से मिलाने में आसानी होगी। वहीं दूसरी तरफ मृतकों शव को ले जाकर अंतिम संस्कार कर सकेंगे।

ऐसे होगा पोर्टल पर काम

  • प्ले स्टोर से मोबाइल फोन में यूएनआइएफवाइ पोर्टल।
  • क्रिएट एकाउंट पर क्लिक करें।
  • यूजर नेम, पासवर्ड बनाएं व सरकारी ईमेल आईडी अंकित करें।
  • पोर्टल पर फोटो उपलोड करें।
  • पोर्टल पर फोटो से मिलते जुलते तीन फोटो व जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर होगी।

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