मरने से पहले पोते को बना गईं प्रधान

113 साल की दादी का एक वोट आ गया काम, मरने से पहले पोते को बना गईं प्रधान

कहते हैं चुनाव में एक-एक वोट बेहद मायने रखता है. कोई एक वोट से ही सिंकदर बन जाता है तो कोई एक वोट से ही लूजर कहलाता है. कुछ ऐसा ही हुआ महाराष्ट्र के पुणे में जहां दादी के एक वोट ने पोते को पंचायत चुनाव में जीत दिलवा दी और उस जीत का जश्न देखने से पहले ही दादी का देहांत हो गया.

दरअसल महाराष्ट्र में ग्राम पंचायत चुनाव के लिए 15 जनवरी को वोटिंग हुई थी. पुणे के मुलशी गांव में पंचायत चुनाव के उम्मीदवार विजय साठे के लिए उसकी 113 की दादी सबाई साठे ने भी मतदान किया था. वोटिंग के बाद उसी रात सरुबाई साठे का निधन हो गया.

जब 18 जनवरी को चुनाव नतीजों का ऐलान किया गया तो पता चला कि विजय साठे को सिर्फ एक वोट के अंतर से जीत मिली है. चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद विजय साठे को सिर्फ एक वोट के अंतर से जीत मिली है. चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद विजय साठे ने कहा कि अगर मेरी दादी वोट ना डालती तो मैं नहीं जीतता.

उन्होंने कहा कि मेरी दादी का एक वोट मेरे लिए उनका आशीर्वाद साबित हुआ जिसकी वजह से मैं ये चुनाव जीत पाया. साठे ने कहा अगर मेरी 113 साल की दादी उस दिन वोट डालने नहीं जाती तो शायद मैं ये चुनाव हार जाता.

विजय साठे ने बताया कि उनकी दादी भी चाहती थीं कि उनका पोता गांव के लिए कुछ अच्छा करे जिसका अब उन्हें मौका मिल गया है.

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