Lucknow : रेलवे के तत्काल टिकट सिस्टम में सेंधमारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

भारतीय रेलवे को चूना लगाने वाले गिरोह के सरगना को एसटीएफ ने जनपद बस्ती से दबोचा,अवैध तरीके से रेलवे टिकट हासिल कर लगाता था चूना। अन्य सदस्यों की तलाश जारी

लखनऊ। भारतीय रेलवे को चूना लगाने वाले गिरोह के सरगना को एसटीएफ ने जनपद बस्ती से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अवैध टिकट समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी अवैध तरीके से रेलवे टिकट हासिल कर चूना लगाता था।

नकदी बरामद

एसटीएफ के प्रभारी एसएसपी अनिल सिंह सिसौदिया के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर मलौली गोसाईं बाजार में हनुमान मंदिर के पास से गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सद्दाम हुसैन अंसारी निवासी गोसाईं थाना छावनी जनपद बस्ती बताया है। आरोपी के कब्जे से 245 टिकट, मोबाइल,लैपटॉप, प्रिंटर, 7 शैक्षिक प्रमाण पत्र व 100 रुपये की नकदी बरामद हुई है।

टिकट की सेंधमारी

पूछताछ पर सद्दाम ने बताया कि मलौली बाजार स्थित घर में ही अंसारी टूर एंड ट्रेवल्स के नाम से दुकान है। जिसमें रेलवे के ई-टिकट व जनसेवा केंद्र सम्बन्धी कार्य करता हूं। सद्दाम के पास मौजूद मोबाइल में उसके द्वारा एक्सटेंशनों के खरीद-फरोख्त सम्बन्धी व्हाट्सएप्प चैट मौजूद मिले। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लैपटॉप के माध्यम से एजेंटों के कम्प्यूटर में एनीडेस्क के माध्यम से एक्सटेंशनों को इंस्टाल कर टिकट की सेंधमारी किया जाता है।

पूछताछ पर आरोपी सद्दाम ने बताया कि हम लोगों का एक अंतर्राज्यीय गैंग है जो उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों में सक्रिय है। एसटीएफ ने बताया कि उक्त कार्रवाई के लिए सीआईबी, आरपीएफ  लखनऊ के निरीक्षक यशवन्त सिंह व उनकी टीम को सहयोग के लिए बुलाया गया। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम थाना लखनऊ में दालिख कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एक्स्टेन्शन का प्रयोग कर करते थे सेंधमारी

भारतीय रेलवे के तत्काल टिकट प्रणाली में सेंध लगाने वाले विभिन्न एक्स्टेन्शनों की इलेक्ट्रॉनिक  साधनों जैसे तेज,तत्काल किंग,रिड मिर्ची, टेलीग्राम व एनीडेस्क आदि माध्यमों से सेंधमारी की जाती है। इन एक्स्टेन्शनों का प्रयोग कर तत्काल टिकट निकालने के लिए भरे जाने वाले विवरण पहले से ही भर दिए जाते हैं। इसके बाद बुकिंग के समय डाले जाने वाले कैप्चा को बाईपास तथा ओटीपी को आटोरीड कर 60 सेकंड से भी कम समय में तत्काल टिकट बुक हो जाता है। जबकि रेलवे बुकिंग काउन्टर पर 01:30 मिनट से 02:30 मिनट तक का समय लग जाता है। इस तरह एक्सटेंशनों का प्रयोग कर निकाले गये तत्काल टिकटों को दोगुने से तिगुने दामों में बेच दिया जाता है।

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