दो जिलों की पुलिस ने सीमा विवाद में बिन ब्याही मां का नहीं लिखा मुकदमा

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लखनऊ। उन्नाव व लखनऊ पुलिस की लापरवाही के चलते 16 वर्षीय किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म का मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है। दोनों जिलों की पुलिस उसका मुकदमा लिखने के लिए सीमा विवाद में उलझाए है।

उन्नाव व लखनऊ पुलिस ने सीमा विवाद में पीडि़ता को टरकाया

बंथरा की रहने वाली किशोरी के मुताबिक उन्नाव जनपद के खानपुर सुरौली कायमपुर में रहने वाले सूरज की उसके घर के पड़ोस में ही रिश्तेदारी है। दो साल पहले सूरज अपने रिश्तेदार के घर आया था।

सूरज ने शादी का झांसा देकर अपनी चाची के घर में किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद किशोरी के घर वालों ने उसे लुधियाना में एक रिश्तेदार के घर भेज दिया। किशोरी वहां एक धागा फैक्ट्री में नौकरी करती थी। सूरज वहां भी पहुंच गया। उसी धागा फैक्ट्री में नौकरी करने लगा। वह शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करता रहा। इस बीच किशोरी गर्भवती हो गई। उसने सूरज पर शादी का दबाव बनाया तो उसे मारपीट कर भगा दिया।

किशोरी वापस बंथरा अपने घर पर आ गई। यहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। सूरज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए वह परिवारीजन के साथ बंथरा थाने पहुंची तो पुलिस ने मामला उन्नाव का बताकर टाल दिया। वहीं उन्नाव पहुंची तो बंथरा की घटना बताकर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद किशोरी ने आशा ज्योति केंद्र के माध्यम से बाल कल्याण समिति से न्याय की गुहार की। बाल कल्याण समिति ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए।

इंस्पेक्टर बंथरा अजय प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहे हैं। उनका एक बच्चा भी है।

मामला लुधियाना का है। सोमवार को पीडि़ता की ओर से तहरीर मिली है। जांच-पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब हो कि सुप्रीमकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार दुष्कर्म पीडि़ता देश में कहीं भी जीरो एफआइर दर्ज करा सकती है।

किसी थाने की पुलिस मुकदमा दर्ज करने से इंकार नहीं कर सकती। बावजूद दुष्कर्म से गर्भवती हुई किशोरी का अब तक मुकदमा नहीं लिखा गया है।