माफिया मुन्ना बजरंगी का उत्तराधिकारी कुख्यात बदमाश गिरफ्तार

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-एसटीएफ ने शूटर को लखनऊ से दबोचा
-झारखण्ड राज्य से चल रहा वांछित
-गिरफ्तार करने वाली टीम को 50 हजार का इनाम

लखनऊ। पंजाब जेल में निरूद्  माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी और बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी का आपराधिक उत्तराधिकारी कुख्यात शूटर अभिनव प्रताप सिंह को एसटीएफ ने लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी झारखण्ड राज्य से रंगदारी समेत कई अन्य अपराधिक मामलों में वांछित था। झारखण्ड पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने वाली एसटीएफ की टीम को 50000 नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश के मुताबिक झारखण्ड राज्य के औद्योगिक जनपद धनबाद एवं रॉची में बीते कुछ वर्षों से व्यापारियों व कोल कम्पनियों में नियुक्त अधिकारियों से रंगदारी मांगने की घटनाएं निरन्तर घटित हो रही थी। रंगदारी न देने पर हत्या एवं हत्या के प्रयास जैसी जघन्य घटनाएं भी हो रही थी। छानबीन के उपरान्त धनबाद व रॉची जेल में निरूद्ध उत्तर प्रदेश के अपराधी अमन सिंह व धर्मेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रिन्कू द्वारा इन घटनाओं को उत्तर प्रदेश के शूटर्स के माध्यम से कराये जाने की जानकारी होने पर एडीजी स्पेशल ब्रांच रांची झारखण्ड ने यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा था। तफ्तीश के दौरान पता चला कि जनपद अम्बेडकरनगर निवासी अमन सिंह राची जेल में तथा जनपद प्रयागराज निवासी धर्मेद्र सिंह उर्फ रिन्कू सिंह धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में निरूद्ध है, जिन्होंने कोल इण्डस्ट्री में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए झारखण्ड व उत्तर प्रदेश के अपराधियों का एक संगठित गिरोह तैयार किया है, जो आपस में इन्टरनेट कालिंग के माध्यम से निरन्तर सम्पर्क में रहकर धनबाद व रांची में आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे  हंै। तफ्तीश में यह भी सामने आया कि जेल के बाहर अयोध्या निवासी अभिनव प्रताप सिंह गैंग को संचालित कर रहा है। उक्त अपराधियों को पूर्व में जेल में मारे जा चुका मुन्ना बजरंगी आर्थिक व आपराधिक सहयोग प्रदान कराता था। इसके बाद मुख्तार अंसारी के माध्यम से किया जाने लगा। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि अभिनव प्रताप सिंह मटियारी चौराहा चिनहट लखनऊ आने वाला है। इस सूचना पर एटीएफ टीम ने घेराबंदी करते हुए आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम अभिनव प्रताप सिंह उर्फ बडू निवासी महराजगंज जनपद अयोध्या बताया है। आरोपी के पास से एक टेलीकॉम कंपनी का डोंगल,मोबाइल व 600 रुपये की नकदी बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश व झारखण्ड मेें दर्जनभर से अधिक केस दर्ज हैं।

 रिश्तेदार से प्रभावित होकर जरायम की दुनिया में रखा कदम  
पूछताछ में गिरफ्तार शूटर अभिनव ने बताया कि वह अजय सिंह सिपाही का रिश्तेदार है, जिसके अपराधिक ग्लैमर से प्रभावित होकर वर्ष-2009 से ही छात्र जीवन से ही उससे जेल में मिलने जाने लगा था। वहीं पर अयोध्या जेल में अमन सिंह से मुलाकात हुई थी। अजय सिंह सिपाही के नाम पर विवादित सम्पत्ति पर कब्जा दिलाने के नाम पर अजय सिपाही के साढू संदीप सिंह के साथ प्रापर्टी डिलिंग करने लगा। वर्ष 2014 में बैंक आफ  बडौदा की कैश वैन से 1.2 करोड़ की लूट में संदीप सिंह गिरफ्तार हो गया और मंैने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। करीब 7-8 महीने पर जमानत पर रिहा हो गया। जेल से छूटने के बाद अमन सिंह ने अयोध्या के प्रापर्टी डीलर फ त्तेह वर्मा की हत्या, सीमा हास्पिटल अतरौलिया आजमगढ़ के मालिक सरोज पाण्डेय से रंगदारी मांगने व जानलेवा हमला, सुलतानपुर के पत्रकार करूण मिश्र की हत्या व धनबाद झारखण्ड के डिप्टी मेयर व कोल व्यवसायी सुर्यदेव सिंह के भतीजे नीरज सिंह की हत्या व कई रंगदारी के अपराधों को अंजाम दिया। जिससे उत्तर प्रदेश व झारखण्ड में उसकी धाक बढ़ गयी। इसके बाद अमन सिंह व मुन्ना बजरंगी के गिरोह में शामिल होकर रंगदारी,लूट व हत्या की वारदातों को अंजाम देने लगा।

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