lucknow : सुजीत हत्याकांड: एक सप्ताह बाद भी हमलावर पुलिस गिरफ्त से दूर, फोटो स्कैच जारी


-बदमाशों को गिरफ्तार करने वाले को 50 हजार का इनाम
-प्रभारी निरीक्षक जीडी शुक्ला लाइन हाजिर, दीनानाथ मिश्रा को मिली कमान  
-अब तक दो दर्जनभर से अधिक संदिग्धों से पूछताछ

लखनऊ। मोहनलालगंज व्यापार मंडल अध्यक्ष व पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में एक सप्ताह बाद भी पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर पायी है। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में दिखे दो संदिग्धों की फोटो स्कैच जारी किया है। साथ ही जनता से आरोपियों की गिरफ्तारी कराने पर 50 हजार का इनाम देने की घोषणा की है। वहीं मोहनलालगंज प्रभारी निरीक्षक जीडी शुक्ला को लाइन हाजिर करते हुए कैसरबाग इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा को कमान सौंपी गई है।  
डीसीपी दक्षिणी रवि कुमार के मुताबिक सुजीत हत्याकाण्ड मामले में प्रत्यक्षदार्शियों व सीसीटीवी खंगालने पर दो संदिग्धों के फुटेज सामने आये हैं। स्कैच तैयार कर बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है। हत्या का कारण अभी तक स्पष्टï नहीं हो पाया है। फिलहाल  पुलिस की अलग-अलग टीमें आपसी रंजिश,राजनैतिक वर्चस्व व प्रापर्टी समेत अन्य बिन्दुओं पर जांच-पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक छानबीन में पुलिस राजनीतिक या स्थानीय विवाद के मद्देनजर हत्याकांड की पड़ताल में जुटी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुजीत पांडेय की हत्या स्थानीय विवाद में ही हुई है। गौरतलब हो कि मोहनलालगंज कस्बे निवासी पूर्व प्रधान व मोहनलालगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत पांडेय अपनी सफारी कार से 20 दिसंबर को शाम करीब साढ़े पांच बजे मोहनलालगंज से गौरा में लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर स्थित अपने ईंट-भ_े पर जा रहे थे। सुजीत जैसे ही भ_े के गेट के पास पहुंचे थे इसी दौरान घात लगाए बाइक सवार दो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोक दी। सुजीत ने भी लाइसेंसी रिवाल्वर से जवाबी फायरिंग की,लेकिन तब तक बदमाश असलहा लहराते हुए भाग निकले। सुजीत को घायलावस्था में मेदांता अस्पताल में पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कराया है।


शिवपाल यादव ने की परिजनों से मुलाकात

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव शनिवार को मृतक सुजीत के परिजनों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजधानी में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति की हत्या बताती है कि यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी खराब हो चुकी है। हमारी मांग है कि इस हत्याकांड का जल्द से जल्द खुलासा हो। यदि पुलिस सक्षम न हो तो मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। वहीं, बीते दिन उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सुजीत के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि सुजीत पांडेय की हत्या राजनीति में बढ़ती लोकप्रियता के चलते हुई है। डिप्टी सीएम ने एसीपी को निर्देश दिया कि हत्यारों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए। उससे पहले कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक परिजनों के घर जाकर जल्द खुलासे का आश्वासन और सरकार उनके साथ होने का भरोसा दे चुके हैं।

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