Lucknow: RPF के दारोगा की गोली मारकर हत्या, झाडिय़ों में मिला शव

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Lucknow: RPF’s inspector shot dead, the corpse’s body found in bushes

आरपीएफ  के दारोगा की गोली मारकर हत्या, झाडिय़ों में मिला दारोगा का शव
सीने पर लगी थी गोली, शरीर व गले पर थे चोट के निशान घटना स्थल से बरामद हुई सरकारी पिस्टल, हत्या व आत्महत्या की गुत्थी में उलझी पुलिस


लखनऊ। आलमबाग इलाके में मंगलवार को आरपीएफ  के सीआईवी में तैनात दारोगा 38 वर्षीय पूरन सिंह नेगी का शव खून से लथपथ मवैया रेलवे यार्ड के पास झाडिय़ों के बीच पड़ा मिला। दारोगा के सीने में गोली लगी थी। वहीं मामले की भनक लगते ही डीसीपी से लेकर इंस्पेक्टर अपनी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें घटना स्थल से मृतक दारोगा का मोबाइल, सरकारी पिस्टल, मैगजीन में रहे 9 कारतूस के अलावा जमीन पर एक खोखा पड़ा मिला।

इतना ही नहीं दारोगा के गले में कसाव के निशान भी थे। फिलहाल हालात को देखते हुए पुलिस हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। वहीं घटना की जानकारी पाकर बुधवार सुबह पोस्टमार्टम हाऊस पहुंचे परिवार के लोग ने अज्ञात के खिलाफ पूरन की हत्या का शक जताया है। पुलिस रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।

मोबाइल लोकेशन के जरिए घटना स्थल पहुंचे अधिकारी

मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले पूरन सिंह नेगी की पत्नी और दो बच्चे वर्तमान समय में दिल्ली के बदरपुर इलाके में रहता है, जबकि वो लखनऊ के सरदारी खेड़ा आलमबाग में किराये के मकान में अकेले रहते थे। पुलिस के मुताबिक पूरन की चारबाग में तैनाती थी। सोमवार को उन्होंने शाम सात बजे से लेकर रात 10 बजे की अपनी ड्यूटी की। उसके बाद मंगलवार सुबह भारत बंद को लेकर सुरक्षा व्यवस्था में 10 बजे से उनकी फि र ड्यूटी थी। ड्यूटी पर न पहुंचने पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके फ़ोन किया तो रिंग जा रही थी पर फ़ोन रिसीव नहीं हुआ।

विभागीय अधिकारी और कर्मचारी लगातार फ़ोन करते रहें पर कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद विभाग ने ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी। आरपीएफ  के कर्मचारियों ने ही सर्विलांस की मदद से पूरन की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन के आधार पर ट्रेस कर पुलिस यार्ड के पास पहुंची, जहां झाडिय़ों में खून से लथपथ उनका शव पड़ा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

परिवार से की जा रही है पूछताछ

पुलिस के मुताबिक बुधवार को पोस्टमार्टम हाऊस पहुंचे परिजनों से पूछताछ की गई तो उन्होंने किसी भी तरह की पारिवारिक कलह की बात से इंकार कर दिया। इसके साथ ही किसी से रंजिश के बारे में पूछा गया तो परिवार वालों ने चुप्पी साध ली। इस दौरान विभागीय लोग भी भारी संख्या में मौके पर एकत्र थे, वहीं उनके बीच दबी जुबान से जो चर्चा थी, वो आशनाई की थी। कोई भी शख्स आत्महत्या की बात हालात देखकर नहीं कह रहा था। सभी की जुबान पर पूरन की हत्या किये जाने का जिक्र था। पुलिस का कहना है कि जांच के लिए खोखे को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद गुत्थी सुलझ जायेगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

इंस्पेक्टर आलमबाग के मुताबिक पूरन सिंह के सीने में 9 एमएम की पिस्टल से बांयी तरफ  गोली लगने के बाद पार हो गयी थी। मौके पर जुटे लोगों का दबी जुबान से कहना था कि लगता है कि पूरन सिंह की किसी से हाथापाई हुई है, क्योंकि उनके हाथ-पैर, गले में खरोंच के भी निशान थे और उनकी ड्यूटी  स्टेशन पर थी तो वो वहां कैसे पहुंचे? पुलिस के मुताबिक फिलहाल परिवार वालों ने कोई तहरीर नहीं दी है। उनकी तहरीर और पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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