Lucknow डॉक्टर अपहरण काण्ड:   सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश , युवती समेत दो गिरफ्तार  

सेक्सटॉर्शन गिरोह के चंगुल में फंसा था डॉक्टर

गिरोह की महिला समेत पांच सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस

लखनऊ। डॉक्टर के अपहरण, फिरौती मांगने और फिर फिल्मी अंदाज में बदमाशों के चंगुल से फरार होने के मामले में विभूतिखण्ड पुलिस ने सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक युवती समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं फरार गिरोह के पांच अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक एक दिसंबर को दंत चिकित्सक अखिलेश कुमार चौबे के अपहरण की घटना प्रकाश में आयी थी।

दूसरे दिन अखिलेश बदमाशों को चकमा देकर उनके चंगुल से निकल कर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस टीम मामले की तफ्तीश में जुटी थी। अगवा करने के मामले में प्रकाश में आयी महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान सचिन रावत निवासी हसनगंज जनपद उन्नाव हाल पता सरदार नगर थाना ठाकुरगंज व कहकशां खान उर्फ नीशू निवासी घेरवा थाना कंजरवाला दिल्ली के रूप में हुई है।

उनके कब्जे से डॉक्टर की कार व अपहृत को बांधने में प्रयुक्त रस्सी बरामद हुई है। पूछताछ में सचिन ने बताया कि आदिल, बलराम वर्मा , प्रवेश जायसवाल व नजर अब्बास दोस्त हैं। जिसमें बलराम वर्मा व प्रवेश जायसवाल ओमेक्स बिल्डिंग फेस- 2 थाना गोल्फ  सिटी में अपने मित्र के फ्लैट नम्बर 1404 में रहते हैं। गिरोह का सरगना आदिल डॉक्टर को अगवा कर फिरौती व ब्लैकमेल करने का प्लान बनाया था।

इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने बताया कि इन महिलाओं व इनके गैंग के सदस्यों ने जनपद लखनऊ कमिश्नरेट में कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनका आर्थिक शोषण किया है। गिरोह के फरार सदस्य आदिल, बलराम वर्मा, प्रवेश जायसवाल, नजर अब्बास व सना उर्फ तबस्मुव फातिमा उर्फ देवांशी की तलाश की जा रही है।

पूर्व परिचित महिला के कहने पर डॉक्टर कार से खुद पहुंचा था फ्लैट  

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि नीशू उर्फ कहकशां खान की बड़ी बहन सना उर्फ तबस्मुव फातिमा उर्फ देवांशी से डॉक्टर पूर्व से परिचित थे। जिनसे डॉक्टर 3-4 बार पहले भी मिल चुका था। घटना वाले दिन सना पत्नी आदिल ने डॉ. अखिलेश चौबे को फोन करके अपना लोकेशन बताया और ओमेक्स बिल्डिंग स्थित फ्लैट में आने का निमन्त्रण दिया। साथ ही यह भी बताया कि फ्लैट पर नीशू उर्फ कहकशां खान भी मौजूद है। डॉ. अखिलेश अपनी ऑल्टो कार चलाकर स्वंय ओमेक्स बिल्डिंग फेस -2 जाते है जहां डॉक्टर को नीशू उर्फ कहकशां खान तथा नजर अब्बास रिसीव करके ऊपर फ्लैट में ले गये। यहां पर मौजूद आदिल, सचिन रावत, बलराम वर्मा व प्रवेश जायसवाल व नजर अब्बास, डॉक्टर अखिलेश चौबे को बंधक बनाते हुए जेब में पड़े 30 हजार रुपया निकाल लिया।

नशीला पदार्थ पिलाकर बनाया अश्लील वीडियो

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अपहृत से उसके चार एटीएम कोड का पिन कोड पूछा गया। गलत बताने पर उसकी पिटाई की। वहीं नशीला पदार्थ पिलाकर अपहृत डॉ. अखिलेश चौबे व नीशू उर्फ कहकशां खान के साथ नग्न वीडियों व फोटो बनाया गया। अगले दिन पीडि़त के होश में आने पर उससे 30 लाख रुपये फिरौती मांगी गई। मांग पूरी ना करने पर वीडियो को इन्टरनेट पर डालने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं पुलिस को बताने पर अपहृत के बच्चों को जान से मारने की धमकी देते दबाव बनाने पर विभिन्न दोस्त से दो लाख रुपया मांग कर देने की बात कही। अपहरणकर्ता डॉ. अखिलेश चौबे को उन्हीं की ऑल्टो गाड़ी में साथ लेकर डॉ. सन्तोष कुमार राय की क्लिनिक (टेढी पुलिया चौराहा) पर पहुंचे। यहां डॉ. अखिलेश दोस्त सन्तोष कुमार राय से रुपये लाने के बहाने भाग निकला।

हाईप्रोफाइल लोगों को गैंग बनाता था निशाना 

पुलिस की मानें तो सेक्सटॉर्शन गैंग हाईप्रोफाइल डॉक्टर व अमीर व्यापारियों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य पैसे वालों को टार्गेट करते हैं। फिर उनके पीछे लखनऊ से बाहर की लड़कियां लगाई जाती हैं। यह लड़कियां सोशल मीडिया के माध्यम से पहले दोस्त बनाती थी, फिर अपने अड्डे पर या किसी होटल में मिलने बुलाती थी। जहां गिरोह के लोग लड़की के साथ टार्गेट की अश्लील फिल्म और तस्वीरें ले लेता था। इसके बाद फोटो और वीडियो पैसा ऐंठने का जरिया बन जाता था। बताया जाता है कि राजधानी में लंबे समय से सेक्सटॉर्शन गैंग सक्रिय है। सेक्सटॉर्शन मतलब किसी को फंसाकर अश्लील फोटो और वीडियो बना लेना और फिर उसके जरिए ब्लैकमेल करके वसूली का धंधा करना होता है। फिलहाल लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने उक्त गिरोह के चंगुल में फंसे लोगों से शिकायत कर कार्रवाई करने की अपील की है।

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