फायर स्टेशन के लिए छोड़ी जमीन पर पेट्रोल पम्प बनाने पर आमदा एलडीए

लखनऊ । एलडीए ने ट्रांसपोर्ट नगर में जिस जमीन को फायर स्टेशन के लिए छोड़ रखा था। अब उस पर पेट्रोल टंकी बनाने की कवायद चला रहा है। पंद्रह दिन में आपत्तियां मांगी है। वहीं जनकल्याण महासमिति ने ट्रांसपोर्ट नगर में पहले से ही चार से पांच पेट्रोल पंप संचालित होने पर आपत्ति जताई है। ट्रांसपोर्ट नगर में बढ़ती आबादी को देखते हुए फायर स्टेशन की जरूरत है।

जनकल्याण महासमिति ने कहा है कि एलडीए फायर स्टेशन के लिए जमीन छोड़े और फायर स्टेशन से पत्राचार करके यहां फायर स्टेशन के लिए प्रयास करे। घनी आबादी के बीच पहले से ही चार पेट्रोल पम्प मौजूद जनकल्याण महासमिति की तरफ से आपत्ति दाखिल करते हुए कहा कि घनी आबादी में फायर स्टेशन ज्यादा जरूरी है, न की पेट्रोल पंप।

क्योंकि यहां आस-पास दर्जनों अपार्टमेंट, सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय, मेट्रो स्टेशन के साथ-साथ अन्य प्रतिष्ठान भी है। ऐसे में फायर स्टेशन बनान अतिआवश्यक है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर में टेलीफोन एक्सचेंज के पास फायर स्टेशन के लिए पहले से भूखण्ड निर्धारित किया गया था। जो मानचित्र में फायर स्टेशन हेतु आरक्षित है जिसे एलडीए पेट्रोल पंप में परिवर्तित करना चाहती है जो उचित नहीं है।

जनकल्याण महासमिति ने दाखिल की आपत्ति, पंद्रह दिन के भीतर मांगी आपत्ति एलडीए कुछ साल पहले फन मॉल से पहले संचालित पेट्रोल पंप की जमीन का लैंड यूज चेंज कर चुकी है। यह पेट्रोल पंप वर्तमान में बंद है। भविष्य में यहां भी वाणिज्यक गतिविधियां होते हुए दिखेंगी।

महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर कहते हैं कि एलडीए अपनी टाउनशिप के ले आउट को आखिर समय समय पर बदलता क्यों रहता है। अगर ग्रीन बेल्ट है तो उसे ग्रीन बेल्ट ही रहना चाहिए. कुल मिलाकर जो स्थान जिस सुविधा के लिए छोड़ा गया है। उसका उपयोग उसी में होना चाहिए।

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