सीएम के भांजे का दोस्त हूं…सब ठीक करा दूंगा

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  • सीएम के भांजे का दोस्त बन जनता दरबार में आए दंपति से रुपये वसूले
  • -हजरतगंज कोतवाली में आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
  • – भाजपा प्रदेश मुख्यालय के पास आरोपी ने लिए थे 20 हजार रुपये

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भांजे का दोस्त बन जनता दरबार में आए दंपति से जालसाज ने रुपये वसूले लिए।

इतना ही नहीं जालसाज ने मुख्यमंत्री दफ्तर में तैनात होने का दावा किया था। आरोपी ने समस्या समाधान के लिए 20 हजार रुपये भी लिए थे लेकिन न तो समस्या का समाधान हुआ और न ही रुपये लौटाए गए।

पीडि़त ने हजरतगंज कोतवाली में 29 सितंबर को ठग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

जनपद औरैया फफूंद निवासी अकबर पुत्र अली हसन सिक्योरिटी एजेंसी में काम करते हैं। अगस्त महीने में वह पत्नी राबिया के साथ मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आए थे।

पारिवारिक विवाद का निपटारा कराने के लिए उन्हें पत्र दिया था। जनता दरबार में शिकायती पत्र देने के बाद वह पत्नी संग घर लौट गए थे। 20 अगस्त को उन्हें एक नम्बर से कॉल की गई।

फोन करने वाले ने उमेश सिंह के तौर पर पहचान बताई। बोला कि हम मुख्यमंत्री के दफ्तर से कॉल कर रहे हैं। आपने प्रार्थना पत्र दिया था। यह बात सुन कर अकबर ने हामी भर दी।

कुछ देर बात करने के बाद उमेश ने कहा कि आपकी समस्या काफी गंभीर है। इसे निपटाने में मेहनत लगेगी लेकिन चिंता न करिए मेरी दोस्ती मुख्यमंत्री के भांजे से हैं। आपका काम जरूर हो जाएगा लेकिन आपको लखनऊ आकर मिलना होगा। कुछ खर्चा भी लगेगा।

अकबर के पूछने पर उमेश ने 20 हजार रुपये लेकर आने के लिए कहा था। 24 सितंबर को अकबर किसी तरह कर्ज लेकर लखनऊ आ गए।

फोन करने पर उमेश ने उन्हें भाजपा प्रदेश मुख्यालय के पास आने के लिए कहा। अकबर तय स्थान पर पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात उमेश से हुई।

आरोपी ने 20 हजार रुपये लेने के बाद कहा कि अब निश्चिंत होकर घर जाइए। काम पूरा होने के बाद मैं आपको फोन कर बता दूंगा।

फोन पर वीडियो भेजकर दी धमकी

औरैया लौटने के बाद अकबर और उनकी पत्नी राबिया फोन का इंतजार करते रहे। उमेश की कॉल नहीं आने पर अकबर ने उसे फोन मिलाया लेकिन उमेश ने फोन नहीं उठाया।

एक बार फोन उठा कर रुपये भूल जाने की बात कही। अकबर के रुपये वापस मांगने पर आरोपी धमकी देने लगा। इतना ही नहीं डराने के लिए उमेश सिंह ने अकबर के नम्बर पर धमकी भरा वीडियो भी भेजा था।

जिसमें उमेश द्वारा खुद को मार लेने की धमकी दी गई। वहीं अब उमेश का नम्बर लगातार बंद जा रहा है।

इंस्पेक्टर हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ल के मुताबिक अकबर की तहरीर पर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अकबर से आरोपी का मोबाइल नम्बर भी मिला है। जिसे सर्विलांस पर लेकर छानबीन की जा रही है। अभी तक जांच में उमेश सिंह का सीएम दफ्तर से कोई संबंध साबित नहीं हुआ है।

इंस्पेक्टर के अनुसार उमेश को जनता दरबार में आए फरियादी का मोबाइल नम्बर कैसे मिला। इस बात की भी जांच-पड़ताल की जा रही है।