Crime in Lucknow : रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले दो और गिरफ्तार, सरगना फरार

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Crime in Lucknow :  गिरफ्तार आरोपित में एक अपोलो हॉस्पिटल कर्मी

अब तक कालाबाजारी करने वाले दो दर्जन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं

लखनऊ। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में कारगर,

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी लखनऊ में थमने का नाम नहीं ले रही है।

बंथरा पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले दो लोगों को धर दबोचा, जबकि सरगना भाग निकला।

पकड़े गए आरोपितों में एक अपोलो अस्पताल का कर्मचारी बताया जा रहा है। आरोपियों के कब्जे दो इंजेक्शन बरामद हुए हैं।

इंस्पेक्टर बंथरा के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर सोमवार देर रात हनुमान मंदिर के पास दो आरोपियों को पकड़ा गया है

जबकि गिरोह का सरगना भाग निकला।

गिरफ्तार आरोपितों में विकास सिंह उर्फ लकी निवासी बंथरा कस्बा, अल्ताफ  आलम निवासी श्रावस्ती भिनगा,

वर्तमान समय में एलडीए कॉलोनी सेक्टर डी कृष्णानगर में रहता है।

अल्ताफ  ने बताया कि वह अपोलो अस्पताल का कर्मचारी है। सरगना अनुज निवासी हरदोई भाग निकला।

अनुज पकड़े गये आरोपियों को इंजेक्शन उपलब्ध कराता था।

Crime in Lucknow : इंजेक्शन बेचने की बात कबूला

मौके से दो इंजेक्शन बरामद हुए हैं। इंस्पेक्टर के बताया कि गिरफ्तार आरोपी विकास का बंथरा में मेडिकल स्टोर हैं।

गिरफ्तार आरोपियों ने अब तक दर्जनभर से अधिक इंजेक्शन बेचने की बात कबूल की है।

पुलिस की मानें तो अनुज पांच से छह हजार रुपये में इंजेक्शन देता था और यह लोग 20 से 25 हजार में बेचते थे।

गौरतलब हो कि 22 व 23 अप्रैल को लखनऊ कमिश्नरेट ने ठाकुरगंज,नाका,मानक नगर,अमीनाबाद व गोमतीनगर से,

18 लोगों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से नकली व असली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए थे।

वहीं अमीनाबाद पुलिस ने बीते सोमवार को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

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