उत्तर प्रदेश राज्य मार्ग प्राधिकरण को 125 करोड़ का चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

एसटीएफ ने लखनऊ से दोनों आरोपियों को दबोचा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य मार्ग प्राधिकरण (यूपीएसएचए) के 125 करोड़ के बैंक ड्राफ्ट को अवैध रूप से हासिल करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों पर कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों का चूना लगाने के मामले में महानगर में केस दर्ज है।
पंजाब नेशनल बैंक, धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन, कक्ष मण्डल कार्यालय नई दिल्ली द्वारा वित्त नियंत्रक यूपीएसएचए को प्राधिकरण के नाम से फर्जी खाता खोलने व 1252554647 रुपये का बैंक ड्राफ्ट आहरित कराने के संबंध में थाना महानगर लखनऊ में केस दर्ज कराया था। मामले की जांच एसटीएफ द्वारा की जा रही थी। तफ्तीश के दौरान प्रकाश में आये दो आरोपियों को फातिमा रेलवे क्रासिंग महानगर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अमरनाथ गुप्ता उर्फ अनिल गोयल निवासी जनपद बुलन्दशहर हालपता जीटीबी एन्कलेव दिल्ली व प्रभाष चन्द्र श्रीवास्तव निवासी ग्राम सिठौली कला पोस्ट सराय गुदौली थाना गोसाईंगंज जनपद लखनऊ बताया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल, 1000 व एक ऑडी कार बरामद हुई है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी प्रभाष ने बताया कि हम लोग सरकारी संस्थाओं के खातों में उपलब्ध धनराशियों का एफडीआर बनवाकर अधिक ब्याज दर दिलाने का लालच देकर कर्मचारियों की मदद से संस्था का फर्जी अथॉरिटी लेटर तैयार कर फर्जी खाते में रकम जमा कराया जाता है। धोखाधड़ी से प्राप्त रुपयों से एक ऑडी कार एवं एक बीएमडब्लू कार भी खरीदी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को थाना कोतवाली महानगर लखनऊ में दाखिल किया गया। वहीं गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में एसटीएफ जुटी है।

कर्मचारियों की मिलीभगत सेंधमारी
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी प्रभाष ने बताया कि 26 मई 2020 को उत्तर प्रदेश राज्य मार्ग प्राधिकरण की धनराशि 1252554647 रुपये जीबी मार्ग पीएनबी, हजरतगंज में मेच्योर्ड हुए एफडीआर को पुन: 185 दिन का बनाने के लिए 02 जून 2020 को पत्र के माध्यम से पीएनबी बैंक शाखा प्रबंधक महानगर से वित्तीय नियंत्रक यूपीएसएचए द्वारा अनुरोध किया गया। इस पर 11 जून को बैंक ड्राफ्ट प्राप्त किया गया। वहीं प्राप्त बैंक ड्राफ्ट को द्वारिका नई दिल्ली स्थित पीएनबी ब्रांच में अपने जानने वाले अमर नाथ गुप्ता को उपलब्ध कराया। अमर नाथ गुप्ता ने अनिल गोयल के रूप में फर्जी आधार कार्ड पैन कार्ड के माध्यम से एक खाता खुलवाया। ड्राफ्ट को फर्जी खुले खाते में आहरित करने के लिए लगाया। खाता बन्द होने पर पर संदेश को देखते हुए बैंक के अधिकारियों ने खाते के कन्र्फेमेशन के सम्बंध में ई-मेल किया गया तो मामले का उजागर हुआ। इसके बाद रुपयों के निवासी पर रोक लगा दी गई। आरोपी प्रभाष ने बताया की हम लोगों के माध्यम से एफडीआर बनवाने पर प्रति करोड़ लगभग 05 से 06 हजार रुपये संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारी को प्राप्त होते हैं। इसी लालच में आकर के पूर्व में भी चेक क्लोन एवं एफडीयों को फर्जी खातों में भुगतान कराया जा चुका है।

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