Russia – Ukraine War : यूक्रेनी सेना को कमजोर समझना रूस की भूल, 3 साल तक खिंच सकती है ये जंग

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रूस-यूक्रेन जंग पिछले 37 दिनों से जारी है। रूस अब तक पूरी तरह यूक्रेन पर कब्जा नहीं कर पाया है। वहीं, यूक्रेन भी झुकने तैयार नहीं है। यूक्रेन की रॉयल एयरफोर्स एकेडमी के ट्रेनर फ्रैंक लेडविज का कहना है कि रूस युद्ध हार रहा है। युद्ध विराम के बाद यूक्रेन को ही विजयी माना जाएगा। दुनिया भर की मदद से यूक्रेन दूसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी-जापान के समान तेजी से उभरेगा।

जानिए रितेश शुक्ल के साथ इंटरव्यू में लेडविज ने और क्या कहा…

सवाल: क्या रूस युद्ध जीत रहा है?
जवाब: तबाही को रूस की जीत नहीं समझना चाहिए। 5 हफ्ते तक युद्ध खिंचना ही रूस की नाकामी है। रूस 3 दिन में युद्ध खत्म कर अगले 12 दिन में यूक्रेन के शहरों पर कब्जा करने में विफल रहा।

सवाल: फिर रूस से चूक कहां हुई?
जवाब: मेरा मानना है कि रूसी खुफिया विभाग ने राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को खुश करने के लिए गलत सूचनाएं दीं। यूक्रेनी सेना को कमजोर आंकना रूस की सबसे बड़ी रणनीतिक भूल रही है।

सवाल: यूक्रेनी सेना मजबूती से रूस को जवाब कैसे दे रही है?
जवाब: यूक्रेनी सेना को कमजोर समझना रूस की भूल थी। 2014 में उसके क्षेत्रों पर रूसी कब्जे के बाद से यूक्रेन की सेना ने गुपचुप तैयारियां कीं। बीते 8 वर्षों में सेना के 4 लाख जवानों ने डोनबास क्षेत्र में युद्ध का अनुभव हासिल किया है। पश्चिमी देशों और नाटो ने इन्हें तैयार करने में हर संभव मदद की है।

सवाल: रूस-यूक्रेन की रणनीति में प्रमुख अंतर क्या दिखा?
जवाब: यूक्रेन की सेना मिशन कमांड परंपरा का पालन करते हुए लड़ रही है। यानी मोर्चे पर जूनियर अफसर अपने स्तर पर फैसला कर लेता है। रूसी सेना केंद्रीय कमांड सिस्टम के अनुसार आदेशों के लिए मॉस्को में बैठी पुतिन की टीम के आदेश के इंतजार में रहती है।

सवाल: अन्य देशों की सैन्य रणनीति पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब: ये युद्ध चीन जैसे देशों के लिए हताश करने वाला होगा। जो देश कागजों पर तुलनात्मक आधार पर कमजोर नजर आते हैं उनके लिए मौजूदा युद्ध अच्छी खबर है।

सवाल: ये युद्ध कब तक चलेगा?
जवाब: ये बोस्निया युद्ध जैसा 3 साल के ऊपर खिंच सकता है। जब भी युद्ध विराम होगा, यूक्रेन विजयी माना जाएगा। सभी देश यूक्रेन की मदद करेंगे। यूक्रेन उसी तेजी से उभरेगा जैसा दूसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी और जापान उभरे थे।