दुनिया भर में अधिकतर मौतों का कारण हार्ट अटैक , WHO ने की पुष्‍टि

पिछले 20 सालों से दुनिया भर में सबसे अधिक मौतें हार्ट अटैक रोग के कारण हो रहीं हैं। इसके अलावा डायबिटीज और डिमेंशिया भी लोगों की मौत के टॉप 10 कारणों में शामिल है। यह जानकारी विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की ओर से दी गई है।

 

न्‍यूयार्क, WHO विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की ओर से दुनिया भर में हो रही मौतों के पीछे की घातक बीमारियों का पता लगाया है। इसके अनुसार, दुनिया में होने वाली मौतों के शीर्ष 10 कारणों में से 7 गैरसंचारी रोग हैं। संगठन की ओर से इसके लिए एक सूची भी जारी की गई जिसमें शीर्ष 10 बीमारियों में डायबीटीज और डिमेंशिया भी शामिल है।

लग भग 20 सालों से हो रही मौतों के पीछे हृदय रोग

वैश्विक स्तर पर पिछले 20 सालों से हार्ट अटैक रोग मौतों का सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, हार्ट अटैक रोगों के कारण अब दुनिया में पहले से कहीं अधिक लोगों की मौतें हो रही हैं। साथ ही डायबिटीज और डिमेंशिया जैसी बीमारियां भी दुनिया में मौत के शीर्ष 10 कारणों में है। बुधवार को WHO ने 2019 वैश्विक स्वास्थ्य अनुमान जारी किया है। इसके मुताबिक, दुनिया में मौतों के शीर्ष 10 कारणों में से 7 गैरसंचारी रोग हैं।

10 मौत के कारणों में क्षय रोग (टीबी) नहीं

WHO के मुताबिक शीर्ष 10 मौत के कारणों में क्षय रोग (टीबी) नहीं है। यह 2000 में 7वें स्थान पर था, जो 2019 में 13वें स्थान पर है। एचआइवी और मलेरिया से होने वाली मौतें भी कम हुई हैं।

लम्बी आयु अब जी रहे लोग

स्वास्थ्य अनुमान के मुताबिक, 2000 के मुकाबले 2019 में लोगों की आयु में 6 साल का इजाफा है। 2019 में वैश्विक औसत आयु 73 साल है, जबकि 2000 में यह 67 साल थी। हालांकि औसतन केवल पांच लोग इन अतिरिक्त वर्षों को बेहतर स्वास्थ्य के साथ जीते हैं।

हार्ट अटैक की बीमारियों में बढ़ोतरी

सभी कारणों से होने वाली मौतों में 16 फीसद हिस्सेदारी सिर्फ हृदय की बीमारियों की है। दिल की बीमारी से होने वाली मौतों की संख्या 2000 के बाद से बीस लाख से बढ़कर 2019 में करीब 90 लाख हो गई है। डिमेंशिया से होने वाली मौतों में 65 फीसद महिलाएं हैं। 2000 से 2019 के मध्य डायबिटीज से होने वाली मौतें 70 फीसद बढ़ी हैं, वहीं पुरुषों में यह आंकड़ा 80 फीसद है।

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