भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश , आठ सदस्य गिरफ्तार

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-एसटीएफ व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरोपियों को जनपद आगरा से दबोचा
-गिरोह का सरगना चिकित्सक और उसका एक साथी चकमा देकर भागने में रहा कामयाब

लखनऊ। गर्भवती महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को एसटीएफ व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने जनपद आगरा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से चार अल्ट्रासाउण्ड मशीन समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। वहीं गिरोह का मुख्य सरगना चिकित्सक और उसका एक साथी चकमा देकर भागने में कामयाब रहा। एसटीएफ की टीम फरार आरोपियों समेत गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है।

 

चार अल्ट्रासाउण्ड मशीन समेत अन्य दस्तावेज बरामद

एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश के मुताबिक काफी समय से अवैध रूप से गर्भवती महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों डॉक्टरों के सम्बन्ध में सूचनायें प्राप्त हो रही थी। इस बावत एसटीएफ की टीम मामले की जांच-पड़ताल कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि थाना अछनेरा जनपद आगरा क्षेत्र में एक अन्तर्राजीय गैंग सक्रिय है।

इस सूचना पर निरीक्षक हुकुम सिंह के नेतृत्व में अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय महेन्द्र कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री की संयुक्त टीम ने अछनेरा थाना क्षेत्र स्थित योगेन्द्र सिंह के घर पर छापेमारी की। यहां पर गर्भवती महिला का अवैध रूप से भू्रण लिंग परीक्षण कर रहे गैंग के छह सदस्यों को तीन अल्ट्रासाउण्ड मशीन के साथ दबोच लिया गया। साथ ही भू्रण परीक्षण करा रही महिला के पति भरत सिंह को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

 

गर्भवती महिला का अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहे धीरज की निशानदेही पर एत्माद्वौला क्षेत्रान्तर्गत ट्रान्सयमुना कालौनी में बने डॉ. राजीव कुमार के घर पर दबिश देकर सरिता पत्नी उमेश को एक अल्ट्रासाउण्ड पोर्टेवल मशीन के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं मौके का फायदा उठाकर पंकज तिवारी व डॉ. राजीव कुमार भाग निकले। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम योगन्द्र उर्फ बनिया,जोगेन्द्र, बन्टी उर्फ मोहन, भरत सिंह,सरिता पत्नी उमेश सिंह निवासी आगरा, धीरज निवासी जनपद मुरैना मध्य प्रदेश, रंजीत निवासी सिरौल, ग्वालियर म.प्र.व भरत सिंह निवासी जिला धौलपुर राजस्थान बताया है।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार अल्ट्रासाउण्ड पोर्टेवल मशीन, 13 मोबाइल, दो चार पहिया वाहन,एक  बाइक व 84090 रुपये की नकदी समेत अन्य दस्ताबेज बरामद हुए हैं। एसटीएफ ने बताया कि गिरोह के मुख्य सरगना डॉ.राजीव कुमार के साथ ही फरार अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

गिरोह के निशाने पर होते थे महिला अस्पताल

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हम लोग गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग की जांच करने के लिए  महिला अस्पतालों व आसपास के क्षेत्रों में जाकर ऐसी महिलाओं की तलाश करते थे, जिन्हें उक्त जांच करानी होती थी। एक परीक्षण करने के एवज में 15 से 20 हजार रुपये लिए जाते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हम लोग स्थान बदल-बदल कर भ्रूण लिंग की जांच का कार्य करते थे। एसटीएफ के अफसर ने बताया कि गिरोह के सदस्य काफी लम्बे समय से उक्त कार्य को करते आ रहे हैं। एक दिन में 10 से 15 भ्रूण लिंग की जांच किए जाने की बात आरोपियों ने कबूल की है।

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