रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव,पुलिस पर हत्या का आरोप

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रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव,पुलिस पर हत्या का आरोप

  • परिजनों ने प्रदर्शन कर जमकर काटा हंगामा
  • पुलिस युवक को पकड़ कर ले गई थी हजरतगंज थाने

लखनऊ। पीजीआई कोतवाली क्षेत्र के वृंदावन योजना निवासी युवक का संदिग्ध हालतों में क्षत-विक्षत हालत में रेलवे लाइन पर पड़ा मिला शव। युवक के परिजनों ने पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाते हुए तेलीबाग चौराहे पर शव रख कर प्रदर्शन किया। मौके पर एसीपी कैंट डा. अर्चना सिंह,इंस्पेक्टर पीजीआई सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

पीजीआई थाना क्षेत्र के चिरैया बाग सेक्टर 7 में आशीष कुमार 24 वर्ष दो बड़े भाइयों के साथ रहता था। यहां रहकर आशीष पीजीआई अस्पताल में कार्यरत नर्स कविता आनंद निवासी पंचम खेड़ा चरण भ_ा के यहां कार चालक और घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था। कुछ दिन पहले किसी विवाद के कारण नौकरी छोड़ दिया था। परिजनों का कहना है कि आशीष कुमार ने क्रिश्चियन धर्म अपना लिया था। रविवार को आशीष हजरतगंज स्थित चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल होने गया था। जहां से पुलिस ने उसे पूछताछ के उठा लिया था। जिसके बाद सोमवार की सुबह उसका शव सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में रेलवे लाइन पर क्षत-विक्षत हालत में मिला था। जिसकी सूचना खुद पुलिस ने सुबह आकर मृतक के परिजनों को दी थी। परिजनों ने पुलिस पर हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसकी जानकारी पर मौके पर पहुंची एसीपी कैंट डा.अर्चना सिंह ने परिजनों को तहरीर के मुताबिक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद एसीपी कैंट की बातों से सहमत होने पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार तेलीबाग शमशान घाट पर कर दिया। भाई हरीश कुमार का कहना था कि केवल आशीष कुमार ही माता पिता की मृत्यु के बाद क्रिश्चियन बन गया था। हम सब अपने धर्म के मुताबिक ही आशीष का दाह संस्कार किया है। एसीपी कैंट ने बताया कि एक महिला ने आशीष पर पीछा करने के मामले में शिकायत की थी। रविवार शाम डायल 112 की पुलिस आशीष को पकड़ कर हजरतगंज थाने ले गई थी। पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र स्थित रेलवे लाइन पर रविवार देर रात आशीष का शव मिला था। परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।

 नर्स समेत उसके पति के खिलाफ थाने में दी थी तहरीर

परिजनों ने बताया कि आशीष ने वेतन मांगने पर मारपीट व उत्पीडऩ करने पर नौकरी छोड़ दी थी। जिसके बाद 14 सितंबर को नर्स कविता आनंद और उनके पति सूरज पाल के खिलाफ ,वेतन मांगने पर मारपीट करने और वेतन न देने का आरोप लगाते हुए पीजीआई कोतवाली में तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने नर्स के दवाब में कोई कार्रवाई नहीं की थी। आशीष ने बीते नवंबर 2020 से मार्च 2021 तक नर्स के यहां काम किया था। जहां उसे 15 हजार रुपए प्रति माह की दर से कुल 75 हजार रुपए वेतन बाकी था।

मृतक ने तहरीर में लिखा है कि मारपीट की रिकार्डिंग उनके घर में लगे सीसीटीवी में देखी जा सकती है। मृतक के बड़े भाई हरीश कुमार का कहना था कि अगर समय रहते पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करती तो आशीष कुमार की जान बच सकती थी। वहीं सूत्रों की मानें तो मृतक आशीष कुमार ने चालक और घरेलू सहायक के तौर पर काम करते हुए कुछ गोपनीय जानकारी कविता आनंद के मोबाइल से प्राप्त कर ली थी और जब नौकरी छोड़ दी और वेतन भी नहीं मिला तो वह गोपनीय जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। जिसके बाद कविता आनंद ने भी पुलिस को सूचना दी थी। इसकी शिकायत नर्स कविता आनंद ने पीजीआई पुलिस से की थी।