योगी सरकार का यूटर्न,विपक्ष के आक्रामक रुख देख लखीमपुर खीरी जाने की दी इजाजत

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केंद्रीय राज्‍य गृह मंत्री के बेटे आशीष मिश्र की भी किसी भी वक्‍त हो सकती है गिरफ्तारी ,उनके घर के बाहर भारी पुलिस दल तैनात 

लखनऊ। योगी सरकार ने विपक्ष के अक्रामक तेवर को देखते हुए लखीमपुर खीरी में पीड़ित किसान परिवारों से विपक्षी नेताओं को मिलने की इजाजत न देने के मामले में यूटर्न ले लिया है।

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी औऱ उनकी बहन प्रियंका गांधी को लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत दे दी है। इससे पहले सोमवार को प्रियंका गांधी जब लखीमपुर खीरी जा रही थीं तो उन्हें सीतापुर के हरगांव में रोक लिया गया था।

उन्हें तभी से सीतापुर पुलिस लाइन में हिरासत में रखा गया है। राहुल गांधी बुधवार सुबह दिल्ली से लखनऊ रवाना हुए थे। उन्हें एयरपोर्ट पर थोड़ी देर के लिए रोका गया था, बाद में उन्हें लखनऊ के लिए विमान में बैठने की इजाजत दे गई। फिलहाल वे लखनऊ पहुंच चुके हैं।

प्रेस कान्फ्रेंस कर केंद्र और यूपी सरकार पर बोला हमला

राहुल गांधी ने बुधवार सुबह प्रेस कान्फ्रेंस कर केंद्र और यूपी सरकार पर हमला बोला था। राहुल ने कहा था कि हिन्दुस्तान के किसानों पर हमला हो रहा है। उन्हें गाड़ी से कुचला जा रहा है लेकिन हमें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा था कि किसी को भी लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचलने की घटना की सच्चाई किसी को पता नही हैं। हम वहां जाकर जमीनी हकीकत जानना चाहते हैं।

खबरों के मुताबिक, यूपी सरकार ने आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को भी लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत दे दी है। इससे पहले यूपी पुलिस को चकमा देकर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का एक दल पीड़ित परिवारों से मिला था।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा उनकी बहन सच्ची कांग्रेसी

राहुल गांधी ने कहा था कि यूपी सरकार औऱ यूपी पुलिस ने लखीमपुर खीरी में धारा 144 लगाई है, लेकिन हम तीन लोग ही वहां जाना चाहते हैं लेकिन सरकार विपक्षी नेताओं को वहां जाने से रोक रही है। राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी बहन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि किसानों पर हमले के आऱोपी मंत्री औऱ उनके बेटे पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र के हक में वो आवाज उठाते रहेंगे।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था कि उनकी बहन सच्ची कांग्रेसी है, वो इससे नहीं डरती है। प्रियंका गांधी ने भी इससे पहले कहा था कि वो लखीमपुर खीरी में पीड़ित परिवारों से मिले बिना वापस नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा था कि अगर छह माह भी लग जाएं तो भी वो डटी रहेेगी।

राहुल गांधी के आरोपों को लेकर आज यूपी के मंत्री सिद्दार्थ नाथ सिंह ने पलटवार भी किया था। उन्होंने कहा था कि भाई-बहन राजनीति कर रहे हैं। सिंह ने उन्हें 1984 के दंगों की याद दिलाई। साथ ही पाकिस्तान औऱ अन्य पड़ोसी देशों से आए सिखों को नागरिकता देने वाले सीएए कानून के विरोध का भी उल्लेख किया।

सभी पार्टियों को पांच-पांच नेताओं के ग्रुप में जाने की अनुमति

यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि, सभी पार्टियों को पांच-पांच नेताओं के ग्रुप में लखीमपुर जाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने एक बात बिल्कुल स्पष्ट करते हुए कहा कि लखीमपुर दौरे पर जाने वाले किसी भी नेता को किसी तरह की गतिविधि करने की मंजूरी नहीं दी गई है। सरकार के साथ विपक्ष की भी कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है।

 विपक्षी दलों के आगमन को लेकर छावनी में बदला लखीमपुर

लखीमपुर का तिकुनियां कांड के बाद राजनीतिक सरगरमियां तेज हो गईं हैं। सुबह से ही मृत किसानों के परिवारों से मिलने के लिए राजनीतिक दलों के आने को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्‍त किए जा रहे हैं। सरकार से अनुमति मिलने के बाद प्रियंका वाड्रा, राहुल गांधी आप नेता व सांसद संजय सिंह समेत कई नेताओं का आगमन होने वाला है। वहीं, केंद्रीय राज्‍य गृह मंत्री अजय कुमार मि‍श्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र की भी किसी भी वक्‍त गिरफ्तारी हो सकती है। उनके घर के बाहर भी भारी पुलिस दल तैनात है।