शाहीन बाग में पीएफआई के दफ्तर पर यूपी एसटीएफ का छापा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दिल्ली के शाहीन बाग स्थित पीएफआई के दफ्तर समेत उसके कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। कुछ दिन पहले प्रदेश की राजधानी लखनऊ में धमाके की साजिश रचने के मामले में दो आरोपियों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह छापेमारी हुई है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। एसटीएफ टीम दस्तावेजों को खंगालने के साथ की कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

news24on
news24on

हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश

एसटीएफ के मुताबिक पीएफआई के स्टूडेंट विंग के जनरल सेक्रेटरी रउफ शरीफ से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद कार्रवाई की गई है। कुछ दिनों पहले ही यूपी एसटीएफ ने रउफ शरीफ को प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। वह कोच्चि की जेल में बंद था। यूपी एसटीएफ उससे मथुरा में दर्ज केस में पूछताछ कर रही है। बताते चलें कि हाथरस गैंगरेप कांड के समय वहां जाते समय पीएफआई के चार सदस्यों को मथुरा में गिरफ्तार किया गया था।

यह भी पढ़े : आतंकी संगठन PFI के गिरफ्तार दोनों सदस्यों पर देशद्रोह का मुकदमा, सात दिनों की मिली कस्टडी रिमांड

पूछताछ में जानकारी मिली थी कि उनकी हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश थी। पूछताछ में इसका कनेक्शन रउफ शरीफ से निकला था। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने हाथरस में दंगा फैलाने और उसे फंडिंग के बारे में पूछताछ के लिए रउफ को प्रोडक्शन वारंट पर यूपी लाया है।

रउफ शरीफ को भारत से फरार होने की कोशिश के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक रउफ पर उत्तर प्रदेश में सीएए व एनआरसी प्रोटेस्ट के दौरान हिंसा की साजिश और फंडिंग के भी आरोप हैं। यूपी एसटीएफ की ओर से अभी तक किसी की गिरफ्तारी की बात नहीं की गई है लेकिन कई अहम जानकारियां मिलने की बात सामने आयी है।

पूछताछ में कई अहम जानकारी

यूपी एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश के मुताबिक थाना मांट मथुरा पर दर्ज मुकदमे के मामले में पीसीआर पर लिए गए अभियुक्तों से पूछताछ से प्राप्त अभिसूचना के आधार पर दिल्ली स्थित पीएफआई और सीएफआई के ठिकानों पर कोर्ट से सर्च वॉरंट प्राप्त कर नियमानुसार सर्च और सीजर की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा लखनऊ से गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ में कई अहम जानकारी दी थी। इस संबंध में भी कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए दफ्तर में मिले दस्तावेजों को खंगालते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यूपी दहलाने के साथ सीएए-एनआरसी प्रदर्शन में पीएफआई की भूमिका

16 फरवरी को गुडंबा थाना क्षेत्र से पीएफआई संगठन के दो आरोपियों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान केरल के रहने वाले अंसद बदरूद्दीन और फिरोज खान के रूप में हुई थी। इन दोनों से पूछताछ में बड़ी साजिश का खुलासा हुआ था। गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में धमाके करने की फिराक में थे।

यह भी पढ़े : Ajit Singh Murder Case: पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश में जुटी पुलिस, लखनऊ में कई ठिकानों पर दबिश; सुराग नहीं

इसके साथ ही इनके निशाने पर हिंदूवादी संगठनों के कई नेता भी थे। इससे पहले भी एजेंसियों ने खुलासा किया था कि शाहीन बाग में हुए सीएए विरोधी आंदोलन को तेज करने के लिए पीएफआई ने फंडिंग की थी। उधर 19 दिसंबर वर्ष 2019 को लखनऊ में सीएए व एनआरसी के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन व आगजनी के मामले में पीएफआई की संलिप्ता सामने आयी थी। इस बावत कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लखनऊ पुलिस ने खुलासा भी किया था।

Hasan Rana’s special report

Leave a Reply

Your email address will not be published.