U.P. CRIME : जेल में पहले ब्लेड से काटा गला, फिर केजीएमयू से चकमा देकर हुआ फरार

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U.P. CRIME : सुरक्षा में तैनात दोनों सिपाहियों व बंदी के खिलाफ  चौक कोतवाली में केस दर्ज

U.P. CRIME : लखनऊ। जिला कारागार में ब्लेड से गला काटकर आत्महत्या का प्रयास करने वाला कैदी सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को चकमा देकर केजीएमयू से फरार हो गया।

                              NEWS24ON

उसने कुछ दिन पहले जिला जेल में ब्लेड से अपना गला काट लिया था। वह केजीएमयू के सर्जरी वार्ड में वह भर्ती था।

मामले में पुलिस ने कैदी के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं सुरक्षा में तैनात दोनों सिपाहियों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।

चौक इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे के मुताबिक हरियाणा निवासी कैदी सत्यवीर सिंह को केजीएमयू के सर्जरी वार्ड में 19 जनवरी से भर्ती था।

उसने जिला जेल में बीती 18 जनवरी को रात में ब्लेड से अपना गला काट लिया था। इसके बाद उसे बलरामपुर में भर्ती कराया गया था।

हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने  अगले दिन केजीएमयू रेफर कर दिया था। केजीएमयू के सर्जरी वार्ड में भर्ती था।

उसकी सुरक्षा में पुलिस लाइन से महानगर कोतवाली के सिपाही रवि कुमार और आशियाना थाने के सिपाही योगेश को तैनात किया गया था।

बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे लघुशंका जाने की बात कहकर सत्यवीर बेड से उठकर गया था उसके बाद नहीं लौटा।

काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता न चला तो मामले की जानकारी सिपाहियों ने पुलिस अधिकारियों को दी।

पुलिस लाइन के एसआई की तहरीर पर सिपाही सत्यवीर व रवि कुमार के खिलाफ लापरवाही बरतने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।

इंस्पेक्टर ने बताया कि सत्यवीर की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। सत्यवीर सिंह सड़क किनारे जड़ी-बूटी की दवाइयां बेचने का काम करता था।

सत्यवीर को 18 नवंबर 2018 को विभूतिखंड थाने से हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। सत्यवीर के खिलाफ  विभूतिखंड कोतवाली, गोंडा जनपद सहित कई अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं

U.P. CRIME : जेल से भागने की सोची समझी साजिश तो नहीं

एक सप्ताह पहले जेल में ब्लेड से अपना गला काटना यह कैदी सत्यवीर सिंह की भागने की सोची समझी साजिश की ओर इशारा करता है।

जेल में गला काटना और अस्पताल में भर्ती होकर भाग जाना। यह साजिश की ही पुष्टि कर रहा है। इस पूरे कांड में जेल कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इंस्पेक्टर ने बताया कि बुधवार सुबह ही सत्यवीर सर्जरी वार्ड से भागा था। उसकी पत्नी वार्ड के बाहर सोई हुई थी।

वहीं ड्यूटी में तैनात सिपाहियों ने इसकी तत्काल सूचना थाने और अधिकारियों को नहीं दी। पहले वह खुद से खोजबीन करते रहे।

जब कुछ पता न चला तो दोपहर बाद थाने को कैदी सत्यवीर के भागने की जानकारी दी। फिलहाल जेल में कैदी के पास ब्लेड कैसे आयी। यह भी एक बड़ा सवाल है।

U.P. CRIME : 11 जनवरी को पुलिस अभिरक्षा से भागे बंदी का जेल में मिला था शव

लखनऊ जिला जेल में बंद सुलतानपुर कुड़वार के कैंदी अंसार अहमद ने 11 जनवरी की देर शाम फांसी लगा ली।

उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में सर्किल नंबर एक के हाता नंबर दो में रस्सी के सहारे फंदे से लटकता मिला था।

बताते चलें कि अंसार अहमद को बीते वर्ष 10 अगस्त को मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में जिला कारागार सुलतानपुर में बंद किया गया था।

खून की उल्टियां होने पर तीन दिसंबर को केजीएमयू लाया गया था। इसी दिन वह दो बंदी रक्षकों को चकमा देकर फरार हो गया था।

इस मामले में दो बंदी रक्षक निलंबित हुए थे। कारागार प्रशासन ने लखनऊ के चौक थाने में फरार बंदी के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

चौक पुलिस ने फरार होने के एक हफ्ते बाद ही अंसार को चौक स्थित एक ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से वह जेल में निरुद्ध था।