LUCKNOW: नेता की हत्या करने आये मुख़्तार गैंग के दो शार्प शूटर इनकाउंटर में ढेर

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-एक लाख का इनामी बदमाश मुख्तार गैंग का था शार्प शूटर
-असलहा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद  

लखनऊ। व्यापारी नेता की हत्या करने के इरादे से आये दो बदमाशों की एसटीएफ  की टीम से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल बदमाशों को इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जहां चिकित्सकों ने दोनों बदमाशों को मृत घोषित कर दिया। बदमाशों पर भाजपा नेता की हत्या का आरोप है।


एडीजी एसटीएफ  अमिताभ यश के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली कि पुराने लखनऊ में किसी बड़े व्यापारी नेता की सनसनीखेज हत्या करने के इरादे से दो बदमाश मडिय़ांव इलाके में मौजूद है।

एडिशनल एसपी विशाल विक्रम सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम घैला चौकी से फैजुल्लागंज रोड पर घेराबंदी कर रखी थी। बुधवार देर शाम संदिग्ध दो लोगों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जिस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुये फायरिंग की जिससे दोनों बदमाशों गोली से घायल हो गये।

दोनों बदमाशों को भाऊराव देवरस चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बदमाशों की पहचान अलीशेर उर्फ डॉक्टर व कामरान उर्फ बन्नू निवासी गंभीरपुर जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है।

बदमाशों के पास से एक कार्बाइन 30 एमएम, दो पिस्टल, देसी तमंचा, बाइक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।

भाजपा नेता की हत्या के मामले में थे वांछित

एसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों बदमाश सुपारी लेकर हत्या की वारदात को अंजाम देते थे।

किसी से सुपारी लेकर पुराने लखनऊ में किसी बड़े व्यापारी नेता की हत्या करने के इरादे से आये थे।

जिसे एसटीएफ  की टीम ने मुठभेड़ में मार गिराया है। बदमाश अलीशेर के विरुद्ध लगभग दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। अलीशेर मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर बदमाश है जो कुख्यात व पेशेवर हत्यारा था।

उस पर एक लाख रुपये का पुरस्कार घोषित था। अली शेर उर्फ डॉक्टर पिछले विगत कई वर्षों से पूर्वांचल में अपराध का पर्याय बना हुआ था। जो देश के विभिन्न राज्यों में घूम-घूम कर हत्या करता था।

जिसने अभी हाल ही में झारखंड के रांची जिले के थाना पालू थाना क्षेत्र में बीजेपी नेता जीतराम मुंडा की हत्या की थी।

22 सितंबर को जीतराम मुंडा की हुई थी हत्या

भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष जीतराम मुंडा की 22 सितंबर को झारखंड ओरमांझी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नक्सलियों को शक था कि वह उनकी जानकारी पुलिस को देते हैं।

उनके ऊपर 4 साल पहले ओरमांझी में भी फायरिंग हुई थी। जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे।  हत्या के मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी मनोज मुंडा ने 7 अक्टूबर को रांची कोर्ट में सरेंडर किया था। इसी मामले में अली शेर भी फरार चल रहे थे।