Triple Murder : ट्रिपल मर्डर : सिरफिरे बेटे ने दोस्त संग मिलकर की थी मां-बाप और भाई की हत्या

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Triple Murder : ट्रिपल मर्डर : सिरफिरे बेटे ने दोस्त संग मिलकर की थी मां-बाप और भाई की हत्या
-जम्मू कश्मीर तक खोजती रही पुलिस
-गला रेत कर इंटौजा,माल व मलिहाबाद में फेंका था शव

लखनऊ। विकासनगर सेक्टर दो में रहने वाले इंडियन आयल कॉरपोरेशन से सेवानिवृत महमूद अली खां,उनकी पत्नी दृक्षा और बेटे सावेज कश्मीर घूमने नहीं गए थे बल्कि उनके ही अपने सगे बेटे ने बेरहमी से हत्या कर दी।

Triple Murder : फिल्मी अंदाज में ठिकाने लगाया

कातिल बेटे ने दोस्त की मदद से खाने में नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया फिर गला रेतकर तीनों की हत्या की शवों को फिल्मी अंदाज में इंटौजा,माल व महिलाबाद इलाके में ठिकाने लगा दिया। इतना ही नहीं गुमराह करने के लिए तीनों के जम्मू कश्मीर घूमने की कहानी रची।

वहीं एक के बाद हत्या कर फेंके गए तीन शवों गुत्थी को पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ा तो कातिल कोई और नहीं बल्कि खुद का बेटा ही निकला। इंटौजा पुलिस ने हत्यारे बेटे और उसके साथी को गिरफ्तार कर ट्रिपल मर्डर का खुलासा कर दिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरुस्कार देने की घोषणा की है।

इटौंजा थाना क्षेत्र में 6 जनवरी को सुल्तानपुर निकट गोमती नदी पुल के नीचे एक 26 वर्षीय युवक का गर्दन कटा हुआ शव बरामद हुआ था। पुलिस ने शिनाख्त की काफी कोशिश की, लेकिन तब सफलता नहीं मिली। वहीं 8 जनवरी को मलिहाबाद थाना क्षेत्र के जेहटा रोड पर यादवखेड़ा गांव के पास 65 वर्षीय बुजुर्ग का गला कटा हुआ शव मिला।

वहीं 13 जनवरी को माल थाना क्षेत्र पतौना गांव के पास माल दुबग्गा मैन रोड के किनारे झाडिय़ों में एक अज्ञात महिला का शव मिला। यहां भी हत्या का तरीका वही था। लखनऊ ग्रामीण पुलिस को संदेह हुआ और तीनों शवों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मिलान की गई तो पता चला कि उनकी हत्या एक ही तरीके से की गई है।

बस, फिर क्या था। पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक ह्रदयेश कुमार ने बताया कि एक ही अंदाज में तीनों की हत्या की गई थी। पुलिस द्वारा जिले सहित आसपास के जनपदों के थानों पर भी तीनों मिले शवों को शिनाख्त करने की कोशिश लगातार की जा रही थी। इसी दौरान जम्मू कश्मीर में विकासनगर से लापता परिवार के होने की खबर अखबार के माध्यम से पुलिस को मिली।

अखबार की फोटो मिलान करने पर हत्या कर फेंके गए तीनों शवों के होने की पुष्टिï हुई। बेटे सरफराज नवाज खान की गातिविधि संदिग्ध लगने पर उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में सरफराज ने बताया कि परिवार वालों के लगातार उपेक्षा से कुंठित होकर अपने साथी अनिल कुमार यादव निवासी मोहिनीपुरवा ठाकुरगंज की मदद से घटना को अंजाम दिया।

इंटौजा इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र सरोज ने बताया कि घटना में प्रयुक्त एक बांका,दो मोबाइल , शवों को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल एक कार यूपी 32 एजी 0901 व 78250 रुपये व 3 खून से सने गद्दे भी बरामद किये हैं।

हत्या कर अलग-अलग इलाके में फेंका शव

एलएलबी कर पीसीएस-जे की तैयारी कर रहे हत्यारे सरफराज ने बताया कि माता-पिता व भाई के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था। इसके बाद विकासनगर स्थित घर में ही दोस्त अनिल कुमार की मदद से उनकी गला रेतकर हत्या कर दी थी।

इसके बाद तीनों शवों को विभिन्न थानों में क्रमश थाना इंटौजा में भाई शावेज खान व मलिहाबाद में पिता महमूद अली खान व थाना माल क्षेत्र में मां दृक्षा खान के शवों को फेंक दिया। इसके लिए साथी अनिल कुमार यादव को एक लाख 80 हजार रुपये भी दिये थे। अनिल भैसा कुंड पर लकड़ी पहुंचाने का काम करता है।

अखबार में छपी खबर से कातिल तक पहुंची पुलिस

लखनऊ ग्रामीण पुलिस छानबीन में लगी थी। इस बीच में बुजुर्ग दंपती और उनके बेटे के जम्मू-श्रीनगर हाईवे से लापता होने की खबर तीनों की फोटो के साथ अखबार में प्रकाशित हुई। महमूद अली के रिश्तेदारों ने जम्मू पुलिस से शिकायत की थी।

अखबार में फोटो देखने के बाद पुलिस ने शवों की पहचान कर उनके परिवार के लोगों की तलाश शुरू की। इसके बाद महमूद अली की बेटी और दामाद से संपर्क कर जानकारी ली गई। पूछताछ में महमूद के दूसरे बेटे सरफराज पर शक गहराया, जिसके बाद मंगलवार रात में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में पता चला है कि आरोपित ने संपत्ति की लालच में घटना की है। पूछताछ में सरफराज ने पुलिस को बताया कि उसके माता पिता और भाई उसको तवज्जो नहीं देते थे। कोई भी उसकी बात नहीं सुनता था और अक्सर तीनों उसे बेवजह टोकते रहते थे। माता-पिता उससे ज्यादा सावेज की परवाह करते थे। इसकी वजह से वह परेशान था और उसने तीनों की हत्या कर दी।

गुमराह करने के लिए रची झूठी कहानी

पुलिस महमूद की बेटी और दामाद से तीनों के लापता होने की जानकारी मांगी गई। इस पर बेटी ने बताया कि उसके पास सावेज का मैसेज आया था, जिसमें पांच जनवरी को तीनों के कश्मीर घूमने के लिए ट्रेन से निकलने की जानकारी दी गई थी।

पुलिस से पूछताछ में महमूद की बेटी और दामाद ने उनके जम्मू जाने की कहानी दोहराई। दोनों ने वॉट्सऐप पर फोटो भी दिखाया और कहा कि उन्हें सावेज ने भेजे थे। पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि सावेज, महमूद और दृक्षा के मोबाइल फोन की लोकशन लखनऊ में थी।

वहीं फोटो कश्मीर की भेजी गई थी। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए पड़ताल की तो पता चला कि सरफराज ने ही गुमराह करने के लिए झूठी कहानी रची थी और बहन को सावेज के फोन से वॉट्सऐप मैसेज किया था।